facebookmetapixel
Advertisement
नए-नवेले शेयर से बंपर कमाई! हर दिन लग रहा अपर सर्किट, 4 दिन में मिला 230% रिटर्न!NSE IPO में पैसा लगाने वालों के लिए खुशखबरी? ₹1,700-1,785 रह सकता है प्राइस बैंडसहारा रिफंड पोर्टल फिर शुरू, 20 लाख अटके दावों पर होगा काम; अब तक ₹9,267 करोड़ वापसमहंगे क्रूड का असर! सोना 399 रुपये लुढ़का, चांदी 193 रुपये चढ़ी, चेक करें ताजा भावमेक इन इंडिया CCTV का जलवा, चीनी आयात बंद होने से देशी कंपनियों और चिप डिजाइनर्स की बल्ले-बल्लेBanking Stocks: सरकारी बैंकों से क्यों सावधान हो रहे विदेशी निवेशक? प्राइवेट बैंकों में क्यों दिख रहा ज्यादा भरोसाआज खुल रहे 6 IPO, किसमें लगाएं पैसा? निवेश से पहले जान लें एक्सपर्ट्स की पसंद और किन इश्यू से रहें सावधानEPFO Rule: PF पर कब तक मिलता है ब्याज? 58 साल का ये नियम जान लेंकच्चा तेल 68 से 99 डॉलर पहुंचा, अब IOC, BPCL और HPCL के शेयरों का क्या होगा? ब्रोकरेज ने बताए टारगेटकच्चे तेल में फिर तेजी, 100 डॉलर के करीब पहुंचा ब्रेंट; आखिर क्यों बढ़ रहे दाम?

अदाणी के साथ निवेशकों के संबंधों की सेबी कर रहा जांच

Advertisement

केंद्र की बढ़ती चिंता के मद्देनजर SEBI अदाणी समूह के 20,000 करोड़ रुपये की शेयर बिक्री में कुछ निवेशकों के अदाणी समूह के साथ क​थित संबंधों की जांच कर रहा है

Last Updated- February 10, 2023 | 6:53 PM IST
SEBI-सेबी

अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग द्वारा देश के एक शीर्ष कारोबारी घराने पर लगाए गए आरोपों से केंद्र की बढ़ती चिंता के मद्देनजर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) अदाणी समूह के 20,000 करोड़ रुपये की शेयर बिक्री में कुछ निवेशकों के अदाणी समूह के साथ क​थित संबंधों की जांच कर रहा है। हालांकि समूह ने बाद में इस अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम को वापस ले लिया था।

मामले के जानकार दो सूत्रों ने कहा कि सेबी प्रतिभूति कानूनों के किसी भी संभावित उल्लंघन या शेयर बिक्री प्रक्रिया में हितों के टकराव की जांच कर रहा है। नियामक अदाणी और मॉरीशस की कम से कम दो फर्मों – ग्रेट इंटरनैशनल टस्कर फंड और आयुष्मत लि. के बीच संबंधों की पड़ताल कर रहा है, जिन्होंने एंकर निवेशक के रूप में भाग लिया था।

नियमों के तहत कंपनी के संस्थापक या संस्थापक समूह से संबं​धित कोई भी इकाई एंकर निवेशक श्रेणी के तहत आवेदन नहीं कर सकती है। इस बारे में जानकारी के लिए सेबी और अदाणी समूह से संपर्क किया गया लेकिन उनका जवाब नहीं आया।

ग्रेट इंटरनैशनल टस्कर फंड तथा आयुष्मत लि. ने भी कोई टिप्पणी नहीं की।

सूत्रों ने कहा कि सेबी ने जांच के सिलसिले में एफपीओ का प्रबंधन करने वाले दो निवेश बैंकरों इलारा कैपिटल और मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल से भी पूछताछ की थी। हिंडनबर्ग का आरोप है कि अदाणी की एक निजी इकाई की मोनार्क में छोटी हिस्सेदारी थी जो पहले समूह के लिए बुकरनर का काम कर चुकी है। ऐसे में यह हितों के टकराव का मामना बनता है।

इस बीच कंपनी मामलों के मंत्रालय ने प्रधानमंत्री कार्यालय के अ​धिकारियों को मामले की जानकारी दी है और वह सेबी के संपर्क में भी है। सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय ने 2 फरवरी को अदाणी के वित्तीय विवरणों की समीक्षा शुरू की थी। हालांकि नियामकीय जांच के बारे में मंत्रालय ने कोई टिप्पणी नहीं की।

Advertisement
First Published - February 10, 2023 | 6:32 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement