बुधवार को सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों के शेयरों की मांग रही। इसकी वजह से बीएसई के पीएसयू सूचकांक ने कारोबार के दौरान 22,583.56 का 52-सप्ताह का नया उच्च स्तर छू लिया। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के प्रदर्शन को मापने वाला यह सूचकांक सेक्टोरल इंडेक्स में शीर्ष प्रदर्शन करने वालों में से एक रहा और उसने एक महीने और तीन महीने की अवधि में बेंचमार्क से भी बेहतर प्रदर्शन किया है।
पिछले एक महीने में पीएसयू सूचकांक में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि सेंसेक्स में 0.5 प्रतिशत की तेजी आई है। पिछले एक महीने में सरकारी बैंकों, रिफाइनरियों और बिजली उत्पादक कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई है। इंजीनियर्स इंडिया, शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और एचएमटी में 30 से 33 प्रतिशत तक की तेजी आई।
पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, पावर फाइनैंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और एनटीपीसी में पिछले एक महीने में 15 से 23 फीसदी के बीच बढ़त हुई।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट ने कहा, ‘अहम बात यह है कि अब मोमेंटम का दायरा बढ़ रहा है, कई मिडकैप पीएसयू बैंक एक दशक में बड़ा ब्रेकआउट दे रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि बड़े नामों से इतर मजबूत भागीदारी हो रही है।’
सरकारी बैंकों में एसबीआई और इंडियन बैंक अपनी सर्वाधिक ऊंचाई पर कारोबार कर रहे हैं।