facebookmetapixel
Advertisement
US में कानूनी झटका या स्मार्ट चाल? Lupin ने 3 करोड़ डॉलर देकर एंटीट्रस्ट विवाद खत्म कियाआंध्र में ₹2,550 करोड़ का मेगा दांव! बैटरी के ‘दिल’ कैथोड मटीरियल प्लांट से बदलेगा EV गेमनासिक विवाद पर TCS का बड़ा बयान: POSH चैनलों पर नहीं मिली कोई शिकायत, फिर भी शुरू हुई हाई-लेवल जांचCoal Auction 2026: 17 ब्लॉकों पर बोली शुरू, स्टील-पावर सेक्टर को मिलेगा बूस्टसमुद्र के नीचे अरबों का खजाना, फिर भी खाली हाथ! नीति की खामियों पर बड़ा खुलासाचंबल में रेत माफिया पर SC का हंटर! अब संपत्ति कुर्क, GPS-CCTV से होगी सख्त निगरानीNuclear Power में FDI एंट्री की तैयारी! निजी सेक्टर की ठंडी दिलचस्पी बनी सरकार के लिए चिंताकिसानों को राहत! गेहूं की गुणवत्ता मानकों में बड़ी ढील, MSP पर पूरी खरीदअक्षय तृतीया से पहले बड़ा झटका या राहत? 17 बैंकों को सोना-चांदी आयात की मंजूरीपाइपलाइन ढांचे पर खर्च होंगे ₹12,500 करोड़, पश्चिम एशिया संकट के बाद LPG सप्लाई पटरी पर

दर कटौती पर दांव घटने से निफ्टी फ्यूचर्स में गिरावट, एनालिस्ट ने बताया आगे कैसे होगी भारतीय बाजार की चाल

Advertisement

अमेरिकी उपभोक्ता कीमत सूचकांक (CPI) का आंकड़ा बुधवार को जारी किया गया था, जो तीसरी बार अनुमानों से ऊपर रहा।

Last Updated- April 11, 2024 | 10:24 PM IST
Share Market

गुरुवार को भारतीय इक्विटी वायदा (फ्यूचर्स) में गिरावट आई, क्योंकि अमेरिकी मुद्रास्फीति का आंकड़ा आने के बाद निवेशकों ने दर कटौती पर अपना दांव घटाया है। आईएफएससी निफ्टी फ्यूचर्स सूचकांक गुरुवार को शाम 5 बजे तक 22,555 पर कारोबार कर रहा था, जो 1.08 प्रतिशत की गिरावट है। अमेरिकी उपभोक्ता कीमत सूचकांक (सीपीआई) का आंकड़ा बुधवार को जारी किया गया था, जो तीसरी बार अनुमानों से ऊपर रहा।

अमेरिकी श्रम विभाग के अनुसार, मुख्य सीपीआई (जिसमें खाद्य एवं ऊर्जा लागत अलग है) मार्च में फरवरी के मुकाबले 0.4 प्रतिशत बढ़ा। एक साल पहले की तुलना में इसमें 3.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 10 वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल बढ़ा और यह 4.56 प्रतिशत पर पर कारोबार कर रहा था।

मुद्रास्फीति आंकड़ा आने के बाद बुधवार को अमेरिकी इक्विटी बाजारों में गिरावट आई थी। एसऐंडपी 500 सूचकांक गुरुवार के सत्र में 5,160.6 पर बंद हुआ, जो 0.95 प्रतिशत की गिरावट है। वहीं, डाउ जोंस 1.09 प्रतिशत गिरकर 38,461.5 पर बंद हुआ।

इस बीच, कच्चे तेल की कीमतें नीचे आई हैं और ये 91.4 डॉलर प्रति बैरल के आसपास हैं।

जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के मुख्य रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, ‘मार्च का मुद्रास्फीति संबंधित आंकड़ा अनुमान से अलग रहा है और इससे दर कटौती के संदर्भ में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की क्षमता प्रभावित होगी। कीमतों में इस तेजी ने जून में होने वाली दर कटौती की उम्मीद धूमिल कर दी है। यह वर्ष बाजार द्वारा दर कटौती की उम्मीद के साथ शुरू हुआ था। दर कटौती की उम्मीद घटकर अधिकतम तीन या शायद दो रह गई है। अभी भी, इस साल दरों में 50 आधार अंक की कटौती की संभावना है।’

भारतीय इक्विटी बाजार गुरुवार को ईद की वजह से बंद रहे। बुधवार को भारतीय इक्विटी बाजार नई ऊंचाई पर बंद हुए और सेंसेक्स पहली बार 75,000 के निशान से ऊपर बंद होने में सफल रहा। हालांकि कारोबार के आखिर में धारणा सतर्क बनी रही।

विश्लेषकों का कहना है कि भविष्य में तिमाही नतीजों, खासकर आईटी और वित्त जैसे क्षेत्रों से भारतीय बाजार की चाल निर्धारित होगी।

Advertisement
First Published - April 11, 2024 | 10:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement