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Ebrahim Raisi Death: ईरानी राष्ट्रपति की मौत का क्या तेल, सोना और शेयर बाजार पर पड़ेगा असर?

ईरानी राष्ट्रपति की मौत से तेल बाजारों में अस्थिरता आने की आशंका है। निवेशक ईरान के तेल उत्पादन और निर्यात पर संभावित प्रभाव का कयास लगा रहे हैं।

Last Updated- May 20, 2024 | 5:19 PM IST
ईरान संकट से बढ़ी दिक्कत, कंटेनर किराये में इजाफा, Problems increased due to Iran crisis, increase in container fares

Ebrahim Raisi Death: ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी (Ebrahim Raisi) की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में अचानक मौत ने सभी को हैरान कर दिया है। यह घटना ऐसे समय में घटी है जब ईरान अपने पुराने दुश्मन इज़राइल (Israel) के साथ प्रॉक्सी वॉर लड़ रहा है।

तेल की कीमतों पर पड़ेगा असर ?

ईरानी राष्ट्रपति की मौत से तेल बाजारों में अस्थिरता आने की आशंका है। निवेशक ईरान के तेल उत्पादन और निर्यात पर संभावित प्रभाव का कयास लगा रहे हैं। सोमवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान रईसी की मौत की खबर के बाद तेल की कीमतें बढ़ गईं।

एक प्रमुख तेल उत्पादक के रूप में ईरान (Iran) की भूमिका को देखते हुए ईरान के तेल उत्पादन में कोई भी रुकावट ग्लोबल लेवल पर तेल की सप्लाई और कीमतों को प्रभावित कर सकती है। इसके बावजूद, एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा आपूर्ति क्षमताओं के कारण तेल बाजार स्थिर रह सकता है।

बता दें कि पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन और उसके सहयोगियों (OPEC+) की बैठक 1 जून को होने वाली है। यह देखना अहम होगा कि इस बैठक में क्या निर्णय लिया जाता है।

सोने पर असर ?

भू-राजनीतिक अनिश्चितता आम तौर पर निवेशकों को सोने (Gold) जैसी सुरक्षित-संपत्ति की ओर ले जाती है, जिससे पिली धातु की कीमतों में तेजी देखी जाती है।

रईसी की मृत्यु के बाद, सोने की कीमतें नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं। अंतराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड का भाव (Gold price) 1.1 प्रतिशत बढ़कर 2,440.59 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सप्ताह जारी हुए मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरों में दो बार कटौती कर सकता है। इससे खबर के आने के बाद भी सोने की कीमतों में तेजी देखी गई है।

ईरानी राष्ट्रपति की मौत का शेयर बाजारों पर क्या पड़ेगा असर ?

रईसी की मौत की खबर शेयर बाजारों (Stock Markets) को भी प्रभावित कर सकती है। ऐसा इसलियों क्योंकि निवेशक रीजनल स्टेबिलिटी और आर्थिक नीतियों में संभावित बदलावों पर प्रतिक्रिया करते हैं।

यह घटना तब हुई जब भारत ने चाबहार बंदरगाह को संचालित करने के लिए ईरान के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर साइन किया है। यह समझौता मिडिल ईस्ट के साथ व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक रणनीतिक पहल थी।

हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बाद ईरान ने 68 वर्षीय मोहम्मद मोखबर को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया है। मोखबर, जो पहले ईरान के पहले उपराष्ट्रपति के रूप में कार्यरत थे, अब 50 दिनों के भीतर नए राष्ट्रपति चुनाव के आयोजन के लिए जिम्मेदार तीन-व्यक्ति परिषद के प्रमुख हैं।

First Published - May 20, 2024 | 5:19 PM IST

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