facebookmetapixel
Advertisement
Stocks To Watch Today: आज इन शेयरों पर रहेगी बाजार की नजर, जानिए कहां बन सकता है मुनाफे का मौकाएशिया-प्रशांत क्षेत्र के शीर्ष 5 व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल हुआ IGI एयरपोर्ट, चांगी और इंचियोन को छोड़ा पीछेबंगाल की राजनीति का ‘चाणक्य’ मौन: पूर्व रेल मंत्री और TMC के दिग्गज रणनीतिकार मुकुल रॉय का निधनमुंबई को पछाड़ गुरुग्राम बना देश का नंबर 1 अल्ट्रा लग्जरी हाउसिंग मार्केट, बाजार ₹24,000 करोड़ के पारयूनिकॉर्न बनने की रफ्तार में 40 गुना उछाल, स्टार्टअप दुनिया में AI कंपनियों ने मचाया तहलकाऔपनिवेशिक छाप से मुक्ति! राष्ट्रपति भवन से हटी लुटियंस की प्रतिमा, उनकी जगह अब विराजे ‘राजाजी’2 दिन 25 सत्र 40 नेता: बिज़नेस स्टैंडर्ड ‘मंथन’ मंगलवार से शुरू, ‘भविष्य के लिए तैयार भारत’ पर होगी चर्चागुणवत्ता और पारदर्शी ऑडिट पर दवा नियामक का जोर; 1,500 एक्सपर्ट्स की करेगा नियुक्तिIDFC फर्स्ट बैंक ने हरियाणा सरकार के ₹590 करोड़ का भुगतान जल्द करने का आश्वासन दियापुराने घरों के पुनर्विकास पर टैक्स को लेकर बड़ी राहत, ITAT मुंबई ने संपत्ति मालिकों के पक्ष में सुनाया फैसला

ज्यादा से ज्यादा लोगों को बाजार दायरे में लाने का इरादा: सेबी

Advertisement

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) उन उपायों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

Last Updated- January 16, 2025 | 10:50 PM IST
Madhabi Puri Buch

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच ने गुरुवार को कहा कि बाजार नियामक अधिक से अधिक भारतीयों को बाजार दायरे में लाने को इच्छुक है, ताकि वे धन सृजन के अवसर का लाभ उठा सके। बुच ने कहा कि सेबी अधिक से अधिक लोगों को सेवा देने पर ध्यान देने के साथ कई कदम उठा रहा है।

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) उन उपायों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने सेबी के एक कार्यक्रम को डिजिटल रूप से संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा अवसर है। सभी लोगों के लिए लाभ के मकसद से आवश्यक तकनीकी उत्पादों को एक बड़े परिवेश के हिस्से के रूप में रखा गया है।

बुच ने कहा, कोई प्रणाली भले ही कुशल है, लेकिन अगर विशिष्ट है तो वह राष्ट्र की सेवा नहीं करती है। हम चाहते हैं कि हमारा बाजार परिवेश समावेशी हो। देश के अधिक से अधिक लोग इसके दायरे में आयें और उन्हें देश के लिए धन सृजन का अवसर मिले।

उन्होंने कहा कि सेबी कई कदमों को लागू कर रहा है। इसमें कृत्रिम मेधा ‘नायक’ की भूमिका निभा रहा है। बुच ने कहा, मेरे लिए, केवल यह महत्वपूर्ण नहीं है कि प्रौद्योगिकी के मामले में एआई कितना शक्तिशाली है और यह क्या कर सकता है, बल्कि तथ्य यह है कि यह एक संगठन के भीतर प्रौद्योगिकी के उपयोग करने की क्षमता को बेहद लोकतांत्रिक बना रहा है।

Advertisement
First Published - January 16, 2025 | 10:50 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement