facebookmetapixel
शेयर, सोना, डेट और रियल्टी… ​कहां-कितना लगाएं पैसा? मोतीलाल ओसवाल वेल्थ ने बताई स्ट्रैटेजीStock market outlook: बजट के बाद किन सेक्टर्स में करें निवेश? एक्सपर्ट्स ने बताए नामTata Stock: नतीजों के बाद टाटा स्टॉक पर BUY की सलाह, गुजरात सरकार के साथ डील बन सकती है गेम चेंजरFractal Analytics IPO: 9 फरवरी को खुलेगा AI स्टार्टअप का आईपीओ, प्राइस बैंड ₹857–900 तय; GMP दे रहा पॉजिटिव सिग्नलसोना खरीदने का सही समय! ग्लोबल ब्रोकरेज बोले- 6,200 डॉलर प्रति औंस तक जाएगा भावभारतीय IT कंपनियों के लिए राहत या चेतावनी? Cognizant के रिजल्ट ने दिए संकेतAye Finance IPO: अगले हफ्ते खुल रहा ₹1,010 करोड़ का आईपीओ, प्राइस बैंड ₹122-129 पर फाइनल; चेक करें सभी डिटेल्सइंजन में आग के बाद तुर्की एयरलाइंस का विमान कोलकाता में उतराईंधन नियंत्रण स्विच में कोई खराबी नहीं मिली: एयर इंडियाबोइंग 787 को लेकर सुरक्षा चिंताएं बढ़ीं

SEBI बोर्ड में दो पूर्णकालिक सदस्यों के पद खाली, नीतिगत गति और जांच प्रक्रिया पर असर

2023 में एसके मोहंती और अनंत बरुआ के जाने के बाद नए पूर्णकालिक सदस्यों की नियुक्ति से पहले लगभग दो महीने तक सेबी ने अधूरे बोर्ड के साथ काम किया

Last Updated- October 10, 2025 | 10:04 PM IST
SEBI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

सरकार द्वारा बाजार नियामक सेबी के बोर्ड में दो रिक्त पदों को अभी तक नहीं भरा गया है, इसलिए प्रमुख पोर्टफोलियो एक बार फिर केवल दो पूर्णकालिक सदस्यों के बीच विभाजित हो जाएंगे।

पूर्णकालिक सदस्यों के कार्यकाल की समाप्ति और उत्तराधिकारियों की नियुक्ति के बीच लंबा अंतराल आम बात हो गई है, जिससे सेबी की जांच और नीति निर्माण में निरंतरता और गति को लेकर चिंता पैदा हो रही है।

सरकार ने मई में दो डब्ल्यूटीएम पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे और अंतिम तिथि 6 अक्टूबर तय की थी। सूत्रों के अनुसार, कई नौकरशाहों के साथ-साथ सेबी के कुछ आंतरिक अधिकारी भी इस दौड़ में शामिल हैं।

अश्विनी भाटिया का कार्यकाल पूरा होने के बाद उनके पोर्टफोलियो मौजूदा पूर्णकालिक सदस्यों में वितरित कर दिए गए। अब अनंत नारायण (जिन्होंने अमेरिकी हाई फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी किया था) के पद छोड़ने के बाद बोर्ड में केवल दो ही सदस्य बचे हैं। हालांकि बाजार नियामक के साथ यह कोई नई बात नहीं है।

Also Read: सितंबर में इक्विटी म्युचुअल फंड में निवेश घटा, लेकिन SIP और ETF ने निवेशकों का भरोसा रखा कायम

2023 में एसके मोहंती और अनंत बरुआ के जाने के बाद नए पूर्णकालिक सदस्यों की नियुक्ति से पहले लगभग दो महीने तक सेबी ने अधूरे बोर्ड के साथ काम किया। इससे पहले जब जी महालिंगम और माधबी पुरी बुच ने अपना कार्यकाल पूरा किया था तब 2022 में भाटिया की नियुक्ति से पहले छह महीने से ज्यादा का अंतराल था।

रेगस्ट्रीट लॉ एडवाइजर्स के सीनियर पार्टनर और सेबी के पूर्व अधिकारी सुमित अग्रवाल ने कहा, सेबी में बोर्ड स्तर पर निरंतरता महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नीतिगत दिशा और मामलों के निर्णय दोनों में सहायक होती है। रिक्तियों की अवधि (जो हाल के वर्षों में आम हो गई है) निर्णय लेने की गति को प्रभावित कर सकती है और निरंतरता पर सवाल उठा सकती है। सेबी का पेशेवर स्टाफ यह सुनिश्चित करता है कि दैनिक कामकाज सुचारु रहे, लेकिन पूर्ण बोर्ड की अनुपस्थिति दीर्घकालिक नीतिगत गति को प्रभावित कर सकती है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि अगले वर्ष के भीतर बोर्ड स्तर पर अन्य रिक्तियों की संभावना है।

First Published - October 10, 2025 | 9:37 PM IST

संबंधित पोस्ट