facebookmetapixel
Advertisement
सोने पर 15% ड्यूटी से क्या घटेगा भारत का ट्रेड डेफिसिट? जानिए क्यों इतना आसान नहीं है यह गणिततेल संकट के बीच सरकार का बड़ा दावा! 4 साल से नहीं बढ़े पेट्रोल-डीजल के दामMSCI Index में बड़ा फेरबदल! Adani Energy और MCX की एंट्री, RVNL बाहरAirtel Q4 Results: मुनाफे में 33.5% की भारी गिरावट, ₹7,325 करोड़ पर आया नेट प्रॉफिटDA Hike: सरकार का बड़ा तोहफा! रेलवे कर्मचारियों और पेंशनर्स का DA बढ़ा, सैलरी में होगा सीधा असरस्मार्ट लाइटिंग से चमकेगा भारत! 2031 तक 24 अरब डॉलर पार करेगा स्मार्ट होम मार्केटकैबिनेट का बड़ा फैसला, नागपुर एयरपोर्ट बनेगा वर्ल्ड क्लास हब; यात्रियों को मिलेंगी नई सुविधाएंKharif MSP 2026: खरीफ फसलों की MSP में इजाफा, धान का समर्थन मूल्य ₹72 बढ़ाFMCG कंपनियों में निवेश का मौका, DSP म्युचुअल फंड के नए ETF की पूरी डीटेलUS-Iran War: चीन यात्रा से पहले ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, बोले- ‘डील करो वरना तबाही तय’

पेंशन फंडों की जिंस डेरिवेटिव्स में एंट्री की तैयारी, SEBI के साथ PFRDA ने बातचीत शुरू की

Advertisement

पीएफआरडीए पेंशन फंडों को जिंस डेरिवेटिव्स में निवेश की अनुमति दिलाने के लिए सेबी से बातचीत कर रहा है, शुरुआती फोकस सोना, चांदी और धातुओं पर रहेगा

Last Updated- September 19, 2025 | 9:54 PM IST
SEBI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्रा​धिकरण (पीएफआरडीए) चुनिंदा जिंस डेरिवेटिव्स में पेंशन फंडों की भागीदारी की अनुमति के लिए बाजार नियामक सेबी के साथ बातचीत कर रहा है। पीएफआरडीए के चेयरमैन एस रमन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

एसोचैम के कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट पर आठवें वार्षिक सम्मेलन के मौके पर बोलते हुए रमन ने कहा कि पेंशन फंड सोने और चांदी के डेरिवेटिव में ट्रेडिंग की अनुमति मांग रहे हैं और अन्य धातुओं पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, कृषि उत्पादों को उनकी अधिक जोखिम ​स्थिति के कारण इसमें शामिल नहीं किया जा सकता है।  

रमन ने कहा, ‘सेबी हमारे संपर्क में है। हम जिन जिंसों से शुरुआत कर सकते हैं, वे धातुएं हो सकती हैं क्योंकि उनमें कम जोखिम होता है और उन्हें संभालना अपेक्षाकृत आसान होता है। पेंशन फंडों को लंबे समय में स्थिर रिटर्न चाहिए। हमें जिंस बाजार में सावधानी बरतनी होगी।’

इस तरह के किसी कदम के लिए पीएफआरडीए को नए निवेश संबं​धित दिशा-निर्देश जारी करने की जरूरत होगी। सेबी से इसी तरह के संकेत मिलने के बाद ये चर्चाएं हुई हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में, चेयरमैन तुहित कांत पांडेय ने कहा था कि नियामक सरकार के साथ बातचीत कर रहा है जिससे बैंकों, बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों को जिंस बाजार में प्रवेश की अनुमति दी जा सके। 

एक बीमा कंपनी के अधिकारी ने कहा कि बीमा नियामक इस क्षेत्र में बीमा कंपनियों को शामिल करने से पहले अधिक सतर्कता बरत सकता है। 

Advertisement
First Published - September 19, 2025 | 9:54 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement