दिल्ली में चल रहे India AI Impact Summit 2026 में बिहार सरकार और कॉर्पोरेट इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड (CIPL) के साथ एक बड़ा समझौता हुआ है। यह समझौता बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में हुआ। समझौते के तहत CIPL पटना में कोर डेवलपमेंट सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लगाएगी। यह सेंटर बिहार के डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने का काम करेगा। कंपनी का दावा है कि इससे राज्य को पूर्वी भारत का उभरता हुआ IT और AI हब बनाने में मदद मिलेगी।
कंपनी ने सरकार को जो प्रस्ताव दिया है, उसके मुताबिक शुरुआत में वह बिहार में 30 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। आने वाले सालों में यह रकम बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये तक जाएगी। यह सेंटर टेक्नोलॉजी डिलीवरी, इनोवेशन और टैलेंट डेवलपमेंट का बड़ा हब बनेगा। यहां SAP, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर ऑपरेशंस, साइबरसिक्योरिटी और एंटरप्राइज प्लेटफॉर्म जैसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी पर काम होगा।
कंपनी का दावा है कि यह प्रोजेक्ट बिहार में रोजगार के नए दरवाजे खोलेगा। पहले साल में ही 500 से अधिक नौकरियां मिलेंगी। पांच साल में यह संख्या 2,000 IT प्रोफेशनल्स तक पहुंच जाएगी। ये हाई-वैल्यू वाली नौकरियां होंगी, जो बिहार के युवाओं के लिए बड़ा मौका हैं। कई स्किल्ड लोग जो बाहर गए हैं, वे वापस लौट सकते हैं। इससे राज्य में रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा।
यह सेंटर CIPL की अपनी तकनीकी प्लेटफॉर्म्स को बनाने और लागू करने का काम भी करेगा। इसमें AI से चलने वाले गवर्नेंस सॉल्यूशंस, इंटेलिजेंट एनालिटिक्स सिस्टम, ऑटोमेटेड क्यू मैनेजमेंट और IT प्रोसेस ऑटोमेशन को आसान बनाने वाले टूल्स शामिल होंगे। इनसे बिहार की डिजिटल व्यवस्था और सरकारी सेवाएं और बेहतर होंगी।
CIPL साल 2007 से इस सेक्टर में काम कर रही है और सरकारी विभागों व PSU के लिए एक भरोसेमंद टेक्नोलॉजी पार्टनर मानी जाती है। बिहार में कंपनी ने फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम, पावर सेक्टर में SAP लागू करने, डेटा सेंटर चलाने और नागरिक सेवाओं के डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट किए हैं। इससे सरकारी कामकाज ज्यादा पारदर्शी, तेज और बेहतर हुआ है।
इस समारोह में बिहार सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिनमें IT मंत्री श्रेयशी सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, IT सचिव अभय कुमार सिंह और उद्योग सचिव कुंदन कुमार शामिल थे।
CIPL के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार ने कहा कि यह समझौता कंपनी के लिए अहम पड़ाव है। उनका कहना है कि कंपनी बिहार के डिजिटल बदलाव में पूरा सहयोग देगी। पटना में बनने वाला सेंटर बेहतर तकनीक विकसित करेगा, स्थानीय युवाओं को अवसर देगा और सरकारी कामकाज के लिए आसान व भरोसेमंद डिजिटल समाधान तैयार करेगा। कंपनी का फोकस रोजगार बढ़ाने, स्थानीय व्यवस्था मजबूत करने और तकनीक के जरिए आम लोगों को फायदा पहुंचाने पर रहेगा।