केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं को AI की पूरी शक्ति इस्तेमाल करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ही वो जरिया है, जिसके दम पर भारत 2047 तक विकसित भारत का सपना पूरा कर लेगा।
नई दिल्ली में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान प्रधान ने ये बातें कहीं। उन्होंने जोर दिया कि देश का सामूहिक लक्ष्य 2047 तक एक मजबूत और विकसित अर्थव्यवस्था बनना है, और AI इसमें सबसे बड़ा रोल अदा करेगा।
प्रधान ने बताया कि AI को शिक्षा से जोड़ने से देश उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग पर आधारित अर्थव्यवस्था की तरफ तेजी से बढ़ पाएगा। AI की मदद से पढ़ाई-लिखाई आसान और प्रभावी बनेगी, जिससे युवा बेहतर स्किल्स के साथ तैयार होंगे।
मंत्री ने अगली पीढ़ी से अपील की कि वे AI के साथ और गहराई से जुड़ें। भारत की बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक जटिलताओं को समझने, अपनी समृद्ध इतिहास और विरासत को जानने में भी AI बहुत कारगर साबित होगा। उन्होंने कहा कि छात्र और युवा प्रोफेशनल AI का इस्तेमाल करके खुद को शिक्षित करें, सशक्त बनें और नई-नई क्रांतिकारी पहल शुरू करें।
प्रधान ने युवाओं को AI के ढेर सारे अवसरों को समझने और उसे गले लगाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि डरने की जगह इस बदलाव को अपनाना चाहिए। यूनिवर्सिटी, स्टार्टअप और बड़ी कंपनियां मिलकर AI के लिए एक बड़ा विजन तैयार करें। युवाओं की अगुवाई में भारत जल्द ही दुनिया का AI आधारित ज्ञान केंद्र बनकर उभरेगा।
मंत्री ने दोहराया कि 21वीं सदी में भारत ज्ञान-आधारित समाज बनने की ओर बढ़ रहा है। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में भारत अब वैश्विक AI के क्षेत्र में लीडर बनने की मजबूत तैयारी कर रहा है।