Infosys Share Price: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस के शेयर मंगलवार (17 फरवरी) को 3 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गए। कंपनी के शेयरों में यह तेजी एक बड़ी घोषणा के चलते आई। आईटी फर्म ने एआई रिसर्च और सिक्योरिटी से जुड़ी कंपनी एंथ्रोपिक के साथ स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का ऐलान है। इस साझेदारी के तहत टेलीकॉम, फाइनेंशियल सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे सेक्टर के लिए एडवांस एंटरप्राइज एआई सॉल्यूशंस तैयार किए जाएंगे।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि यह साझेदारी सबसे पहले टेलीकॉम सेक्टर में शुरू होगी। इसके तहत एक खास एंथ्रोपिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। इसमें अलग-अलग उद्योगों की जरूरत के मुताबिक एआई एजेंट्स तैयार और लागू किए जाएंगे। आगे चलकर इस सपोर्ट को फाइनेंशियल सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे अन्य सेक्टर तक भी बढ़ाया जाएगा।
आसान भाषा में समझाएं तो इस पार्टनरशिप के तहत एंथ्रोपिक के क्लॉड मॉडल, जैसे क्लॉड कोड, को इन्फोसिस के टोपाज एआई सिस्टम के साथ जोड़ा जाएगा। इसका मकसद कंपनियों के मुश्किल और लंबे कामों को अपने-आप करने लायक बनाना है। इससे सॉफ्टवेयर जल्दी तैयार होगा और नियमों का पालन करते हुए साफ-सुथरे तरीके से एआई का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इन्फोसिस ने कहा कि इस साझेदारी का खास ध्यान एजेंटिक एआई पर रहेगा। यानी ऐसे एआई सिस्टम जो सिर्फ सवालों के जवाब न दें, बल्कि खुद ही कई स्टेप वाले काम भी पूरा कर सकें। जैसे इंश्योरेंस क्लेम निपटाना, कोड बनाना और उसे टेस्ट करना, या नियमों की जांच करना।
एंथ्रॉपिक एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई कंपनी है। यह क्लॉड नाम की एआई मॉडल सीरीज बनाती है, जो इंसानों की तरह समझकर जवाब दे सकती है और कई तरह के काम कर सकती है। अब कंपनी ने क्लॉड कोवर्क एजेंट के लिए नए एआई टूल लॉन्च किए हैं। ये टूल अलग-अलग काम अपने आप करने में सक्षम हैं।
इनकी मदद से कानूनी रिसर्च, बिक्री और मार्केटिंग का काम, नियमों का पालन और डेटा का विश्लेषण आसानी से किया जा सकता है। पहले इन कामों के लिए महंगे और लाइसेंस वाले सॉफ्टवेयर की जरूरत पड़ती थी।
नए एआई टूल आने से कानूनी रिसर्च प्लेटफॉर्म, डेटा एनालिसिस सेवाएं और प्रोफेशनल सॉफ्टवेयर देने वाली कंपनियों को सीधी चुनौती मिल सकती है। इससे यह चिंता भी बढ़ी है कि एआई के कारण लंबे समय से चल रहे और ज्यादा कमाई देने वाले सब्सक्रिप्शन कारोबार पर असर पड़ सकता है।