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Optiemus Infracom shares: ऑप्टिमस इंफ्राकॉम के शेयर दो महीनों में 103% उछले, निवेशकों में उत्साह

पिछले आठ ट्रेडिंग सत्रों में कंपनी के शेयरों में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि दो महीनों में यह 103 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं।

Last Updated- September 23, 2024 | 7:14 PM IST
share market

ऑप्टिमस इंफ्राकॉम (OIL) के शेयर सोमवार को बीएसई पर 17 प्रतिशत बढ़कर 788 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। इस तेजी की वजह कंपनी के मजबूत व्यापारिक आउटलुक को माना जा रहा है। पिछले आठ ट्रेडिंग सत्रों में कंपनी के शेयरों में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि दो महीनों में यह 103 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं।

आज बाजार बंद होने तक, कंपनी का शेयर 754.70 रुपये पर 12.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था। इस दौरान कंपनी के करीब 1.78 मिलियन इक्विटी शेयर एनएसई और बीएसई पर हाथों-हाथ बिके, जो OIL की कुल इक्विटी का 2 प्रतिशत है। इस वजह से ट्रेडिंग वॉल्यूम तीन गुना बढ़ गया।

कंपनी टेलीकॉम और उससे जुड़े प्रोडक्ट के व्यापार में काम करती है। इसकी सहायक कंपनी GDN एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड (GDN) इन उत्पादों का निर्माण करती है। वहीं, ऑप्टिमस इलेक्ट्रॉनिक्स (OEL) टेलीकॉम, हियरएबल्स, वेयरएबल्स और आईटी हार्डवेयर उत्पादों का निर्माण करती है।

कंपनी ने हाल ही में एक नया डिवीजन “Optiemus Unmanned Systems” (OUS) शुरू किया है, जो हाई परफॉरमेंस वाले ड्रोन बना रहा है। ये ड्रोन रक्षा, कृषि, खनन, सोलर फार्म, तेल और गैस, रेलवे और हाईवे जैसे उद्योगों की जरूरतों को पूरा करेंगे।

20 अगस्त को, OEL ने टेलीकॉम उपकरण निर्माण के क्षेत्र में प्रवेश की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत, OEL, तेजस नेटवर्क्स के साथ मिलकर 4G बेस बैंड यूनिट्स, रिमोट रेडियो हेड, ब्रॉडबैंड स्विच और राउटर जैसे टेलीकॉम उत्पादों का निर्माण कर रही है, जो नोएडा में तैयार हो रहे हैं।

FICCI के अनुसार, भारत में ड्रोन निर्माण का बाजार 2025 तक 4.2 बिलियन डॉलर तक हो सकता है, और 2030 तक यह 23 बिलियन डॉलर का हो जाएगा, जिससे भारत एक प्रमुख ड्रोन निर्माण शक्ति बन सकता है। सरकार की योजनाओं और इस नए ड्रोन डिवीजन को देखते हुए, भारत ड्रोन उत्पादन का वैश्विक केंद्र बन सकता है।

पिछले चार वित्तीय वर्षों में, सरकार ने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए PLI (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) और PMP (प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम) जैसी योजनाएं शुरू की हैं। ये योजनाएं मोबाइल फोन, हियरएबल्स, वेयरएबल्स और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के निर्माण में बड़े निवेश को आकर्षित कर रही हैं।

रेटिंग एजेंसी ICRA ने कहा कि ऑप्टिमस ग्रुप को मोबाइल फोन, हियरएबल्स, वियरेबल्स, लैपटॉप और राउटर की मजबूत मांग का लाभ मिलेगा। ICRA के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022 में, OEL ने Noise के साथ साझेदारी करके वियरेबल्स और हियरएबल्स सेगमेंट में फिर से कदम रखा। इसके अलावा, OEL ने स्मार्ट वॉच, लैपटॉप, टैबलेट और मोबाइल के लिए भी कई नए क्लाइंट्स जोड़े हैं। इसके चलते कंपनी के पास FY25 के लिए 1,400 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है।

First Published - September 23, 2024 | 7:14 PM IST

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