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निफ्टी की चाल से म्युचुअल फंडों ने बरती सतर्कता

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20 अग्रणी फंड हाउस की इक्विटी योजनाओं की नकदी बढ़कर 6.2 फीसदी पर पहुंची

Last Updated- March 15, 2023 | 9:14 PM IST
6 new fund companies will enter the mutual fund industry this year इस साल म्युचुअल फंड उद्योग में 6 नई फंड कंपनी देंगी दस्तक

इक्विटी योजनाओं में म्युचुअल फंडों की औसत नकदी फरवरी में 6 फीसदी पर पहुंच गई क्योंकि बाजार में अनिश्चितता के बीच खरीदारी के बेहतर मौके की उम्मीद में नए निवेश पर फंड मैनेजरों ने अपनी रफ्तार धीमी कर ली।

पराग पारिख फाइनैंशियल एडवाइजरी सर्विसेज (PPFAS) एमएफ के मुख्य निवेश अधिकारी व निदेशक राजीव ठक्कर ने कहा, अभी हमारी नकदी उच्चस्तर पर है। हम खुद को कभी भी उस वक्त शेयर खरीदने के लिए बाध्य नहीं करते जब नया निवेश आता है। बाजार अस्थिर रहा है और हम शेयर कीमतों को अपने लक्षित स्तर पर आने का इंतजार कर रहे हैं। जब भी खरीदारी का मौका मिलेगा, हम नकदी का निवेश करेंगे। इस म्युचुअल फंड की इक्विटी योजनाओं के पास अग्रणी 20 फंड हाउस में सबसे ज्यादा 14 फीसदी नकदी है।

मई 2021 से ही इक्विटी योजनाओं में नकदी का स्तर बढ़ता रहा है जब 20 अग्रणी म्युचुअल फंडों की इक्विटी योजनाओं में नकदी का औसत स्तर 3.2 फीसदी था। यह जानकारी मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट सर्विसेज के फंड फोलियो रिपोर्ट से मिली। फरवरी 2023 का 6.2 फीसदी का नकदी स्तर मई 2021 से फरवरी 2023 के लिए उपलब्ध आंकड़ों में सबसे ज्यादा है।

PPFAS MF के अलावा तीन अन्य दिग्गज फंड हाउस ऐक्सिस एमएफ, पीजीआईएम इंडिया एमएफ और एसबीआई एमएफ के पास फरवरी के आखिर में 10 फीसदी से ज्यादा नकदी थी। रिपोर्ट से यह जानकारी मिली।

स्थिर निवेश के बीच नकदी के स्तर में बढ़ोतरी का फैसला बुद्धि‍मानी भरा साबित हुआ है। निफ्टी इस कैलेंडर वर्ष में अब तक 7 फीसदी टूट चुका है। बेंचमार्क इंडेक्स करेक्शन की कगार पर है और 1 दिसंबर के अपने सर्वोच्च स्तर 18,813 से 9.78 फीसदी टूट चुका है।

इक्विटी बाजार करीब डेढ़ साल से अस्थिर बना हुआ है, जिसकी वजह भूराजनीतिक मसले, ब्याज दरों में बढ़ोतरी, वैश्विक मंदी की चिंता और विदेशी निवेश की निकासी व अपेक्षाकृत उच्च मूल्यांकन है।

फंड मैनेजरों को उम्मीद है कि बाजार एक दिशा में रहेगा या अगले कुछ महीनों में और गिरेगा, जिससे उन्हें बेहतर मूल्यांकन पर शेयर खरीदने का मौका मिलेगा।

पीजीआईएम इंडिया म्युचुअल फंड के इक्विटी प्रमुख अनिरूद्ध‍ नाहा ने इस महीने एक साक्षात्कार में कहा था, तीसरी तिमाही के नतीजे आय में कुछ नरमी के संकेत दे रहे हैं और हमारा मानना है कि अच्छे कारोबार में ज्यादा उचित मूल्यांकन पर निवेश का मौका एक तिमाही में और मिलेगा।

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First Published - March 15, 2023 | 9:14 PM IST

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