facebookmetapixel
बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत में 18.3% का इजाफा, बजट बढ़कर ₹35.1 लाख करोड़ पहुंचामॉनसून पर मंडराया अल नीनो का साया: स्काईमेट ने जताई 2026 में सूखे और कम बारिश की गंभीर आशंकाPDS में अनाज की हेराफेरी पर लगेगा अंकुश, सरकार लाएगी डिजिटल ई-रुपी वाउचरIndia- EU FTA से 5 साल में यूरोप को निर्यात होगा दोगुना, 150 अरब डॉलर तक पहुंचेगा व्यापार: पीयूष गोयलMoody’s का दावा: यूरोपीय संघ के साथ समझौता भारत को देगा बड़ा बाजार, अमेरिकी टैरिफ से मिलेगी सुरक्षाRBI का नया कीर्तिमान: स्वर्ण भंडार और डॉलर में उतार-चढ़ाव से विदेशी मुद्रा भंडार सर्वकालिक उच्च स्तर परBPCL की वेनेजुएला से बड़ी मांग: कच्चे तेल पर मांगी 12 डॉलर की छूट, रिफाइनिंग चुनौतियों पर है नजरमासिक धर्म स्वास्थ्य अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार: छात्राओं को मुफ्त मिलेगा सैनिटरी पैड500 यूनिवर्सिटी छात्रों को मिलेंगे GPU और AI टूल्स, इंडिया AI मिशन का दायरा बढ़ाएगी सरकारराज्यों के पूंजीगत व्यय की धीमी रफ्तार: 9 महीनों में बजट का केवल 46% हुआ खर्च, केंद्र के मुकाबले पिछड़े

Mutual Fund निवेशकों का नजरिया बदला, अब SIP को लंबी अवधि तक कर रहे होल्ड

मार्च 2025 तक योगदान करने वाले एसआईपी खातों की संख्या 8.11 करोड़ थी जबकि अप्रैल 2024 में यह 6.38 करोड़ थी।

Last Updated- May 22, 2025 | 10:58 PM IST
SIP

म्युचुअल फंड (एमएफ) निवेशक अब अपने सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) निवेश को पांच साल पहले की तुलना में ज्यादा लंबी अवधि के लिए रख रहे हैं। एक हालिया रिपोर्ट से पता चला है कि मार्च 2025 तक रेग्युलर प्लान की एसआईपी परिसंप​त्तियों का 33 प्रतिशत और डायरेक्ट प्लान एसआईपी का 19 प्रतिशत उन खातों से जुड़ा है जो 5 साल से ज्यादा पुराने हैं। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) की एक रिपोर्ट के अनुसार इसकी तुलना में पांच साल पहले ऐसे पुराने खातों से जुड़े एसआईपी की एयूएम का अनुपात रेग्युलर प्लान के मामले में केवल 12 प्रतिशत और डायरेक्ट प्लान के लिए 4 प्रतिशत था।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘यह रुझान बताता है कि निवेशक अनुशासित हो रहे, दीर्घाव​धि निवेश अपना रहे, ज्यादा धैर्य रख रहे हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव के आधार पर जल्दबाजी में निर्णय नहीं ले रहे हैं। जैसे-जैसे फंड उद्योग विकसित हो रहा है, यह रुझान जारी रहने की संभावना है जिसमें निवेशक अल्पाव​धि लाभ पर दीर्घाव​धि रिटर्न को प्राथमिकता दे रहे हैं।’

एसआईपी निवेश की अव​धि का रुझान शीर्ष 30 शहरों (टी-30) और देश के बाकी हिस्सों (बी-30) के लिए एक जैसा है। 5 साल से अधिक पुराने टी-30 खातों से जुड़ी एसआईपी की एयूएम अब 11 प्रतिशत से बढ़कर 30 प्रतिशत हो गई। इसी तरह, बी-30 के मामले में यह 11 प्रतिशत से बढ़कर 29 प्रतिशत हो गई। कुल मिलाकर, एसआईपी खातों में हाल के वर्षों में तेज वृद्धि देखी गई है। मार्च 2025 तक योगदान करने वाले एसआईपी खातों की संख्या 8.11 करोड़ थी जबकि अप्रैल 2024 में यह 6.38 करोड़ थी।

First Published - May 22, 2025 | 10:14 PM IST

संबंधित पोस्ट