facebookmetapixel
BS Exclusive: खास घटना नहीं व्यापक बुनियाद पर बना है बजट- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणभारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में बड़ी प्रगति, FTA वार्ता के लिए शर्तों पर हुआ करारIOCL Q3 Results: बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन और सरकारी मुआवजे से मुनाफा 6 गुना उछला, ₹13,502 करोड़ पर आयाजमीन से आमदनी बढ़ाने की कवायद में LIC, मुनाफा 17% बढ़कर ₹12,958 करोड़ रहासरकारी बैंकों का मुनाफा बढ़ा, मजबूत ट्रेजरी यील्ड ने नेट इंटरेस्ट इनकम की कमी पूरी कीIndia-US Trade Deal: कृषि के लिए नहीं खोला गया बाजार, बोले कृषि मंत्री चौहान किसानों के हित सुरक्षितEPFO इक्विटी निवेश में लाएगा डायवर्सिफिकेशन, नए सेक्टर और स्टाइल इंडेक्स में भी कदम रखने का विचारदेश भर में सरपट दौड़ेगी भारत टैक्सी, क्या ओला, उबर और रैपिडो को दे पाएगी कड़ी टक्करIndia-US Trade Deal: 4-5 दिन में करार की रूपरेखा जारी करने की तैयारी, संयुक्त बयान के बाद घटेगा शुल्करिलायंस ने वेनेजुएला से खरीदा 20 लाख बैरल तेल, 6.5 से 7 डॉलर सस्ते भाव पर हुई खरीदारी

इक्विटी फंडों में सितम्बर में ₹34,000 करोड़ का निवेश, पिछले 12 महीनों के औसत से ज्यादा

सितंबर में फंड उद्योग की औसत एयूएम बढ़कर 68 लाख करोड़ रुपये हो गई। यह अगस्त में 66 लाख करोड़ रुपये थी। निफ्टी 50 सूचकांक में 4 प्रतिशत तेजी ने इसमें अहम योगदान दिया।

Last Updated- October 10, 2024 | 10:47 PM IST
Mutual Fund

भारत के म्युचुअल फंड उद्योग में लगातार निवेश जारी है। सितंबर में सक्रिय रूप से प्रबंधित इक्विटी योजनाओं में शुद्ध रूप से 34,414 करोड़ रुपये निवेश किए गए। यह आंकड़ा पिछले महीने की तुलना में 10 प्रतिशत कम जरूर है मगर पिछले 12 महीनों के दौरान हुए औसत निवेश 25,600 करोड़ रुपये से अधिक है।

थीमेटिक (किसी क्षेत्र विशेष पर केंद्रित) फंडों की स्थिति और मजबूत हुई है और ये सबसे बड़ी इक्विटी म्युचुअल फंड श्रेणी बन गए हैं। थीमेटिक फंड श्रेणी की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) 4.7 लाख करोड़ रुपये हैं जो इक्विटी फंडों में ही दूसरी श्रेणियों से अधिक है। इसमें सितंबर के दौरान 13,255 करोड़ रुपये का निवेश आया।

सितंबर में फंड उद्योग की औसत एयूएम बढ़कर 68 लाख करोड़ रुपये हो गई। यह अगस्त में 66 लाख करोड़ रुपये थी। निफ्टी 50 सूचकांक में 4 प्रतिशत तेजी ने इसमें अहम योगदान दिया। इस दौरान निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक में मामूली बदलाव हुए।

खुदरा एयूएम भी पहली बार 40 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गई। इससे फंडों के प्रति लोगों के बढ़ते झुकाव का पता चलता है। फंडों की कुल एयूएम में खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी एक दशक पहले 44 प्रतिशत थी जो अब बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है।

खुदरा एयूएम भी अगस्त में दर्ज 20 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर दोगुनी हो गई है। तब से घरेलू निवेशकों के भारी भरकम निवेश के दम पर निफ्टी 43 प्रतिशत उछल चुका है। इक्विटी फंडों की 3.4 लाख करोड़ रुपये की लिवाली के दम पर पिछले 12 महीनों के दौरान बेंचमार्क इक्विटी सूचकांक में 27 प्रतिशत की तेजी आई है। इक्विटी योजनाओं में आए 3.3 लाख करोड़ रुपये निवेश की इसमें दमदार भूमिका रही है। पिछले 43 महीनों से इक्विटी योजनाओं में निवेश सकारात्मक रहा है।

इनमें एक बड़ा हिस्सा सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) से आया है। एसआईपी के जरिये निवेशक हरेक महीने एक निश्चित रकम निवेश करते हैं। सितंबर में एसआईपी के जरिये 24,509 करोड़ रुपये का निवेश आया जो नया रिकॉर्ड है।

फंड उद्योग की प्रतिनिधि संस्था एम्फी के अनुसार एसआईपी एयूएम भी बढ़कर 13.82 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। पिछले महीने 66.4 लाख नए एसआईपी खाते शुरू हुए जिससे इनकी कुल संख्या बढ़कर 9.87 करोड़ हो गई।

फंड उद्योग की कुल एयूएम में डेट योजनाओं की हिस्सेदारी लगातार कम हो रही है। इनके तहत 16 उप-श्रेणियों से कुल 1.1 लाख करोड़ निकाले ला चुके हैं। ओपन-ऐंडेड डेट ओरिएंटेड डेट योजनाओं की एयूएम सितंबर में कम होकर 16.1 लाख करोड़ रुपये हो गई जो अगस्त में 16.22 लाख करोड़ रुपये थी। डेट एयूएम फंड उद्योग की एयूएम से 24 प्रतिशत कम है। नोमूरा ने मंगलवार को कहा कि हाल में आई तेजी के बाद भी भारत के म्युचुअल फंड उद्योग में कारोबार की काफी अधिक संभावनाएं हैं।

First Published - October 10, 2024 | 10:39 PM IST

संबंधित पोस्ट