facebookmetapixel
India-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारीनिर्यातकों की बजट में शुल्क ढांचे को ठीक करने की मांगबजट में सीमा शुल्क एसवीबी खत्म करने की मांगऑटो, ग्रीन एनर्जी से लॉजिस्टिक्स तक, दावोस में CM मोहन यादव ने बताया एमपी का पूरा प्लानमध्य भारत को समुद्र से जोड़ने वाला बड़ा प्लान सामने आयाट्रंप की शांति पहल से भारत की दूरी, कूटनीतिक संकेत क्या हैं?जयशंकर की चेतावनी: अस्थिर होती दुनिया को अब मजबूत साझेदारियां ही संभालेंगीIndia-EU FTA: दो अरब लोगों का बाजार, भारत के लिए कितना फायदेमंद?

म्यूचुअल फंड के बजाय सीधे शेयर में निवेश करना पसंद करते हैं ज्यादातर युवा

वर्तमान में 58 प्रतिशत युवा भारतीय निवेशक शेयरों में निवेश करते हैं, जबकि 39 प्रतिशत म्यूचुअल फंड में निवेश करना पसंद करते हैं।

Last Updated- November 11, 2024 | 2:51 PM IST
Bonus Share

युवा वयस्कों का एक बड़ा वर्ग म्यूचुअल फंड का रास्ता अपनाने के बजाय सीधे शेयर बाजारों में निवेश करना पसंद करता है। एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। वित्तीय प्रौद्योगिकी ब्रोकरेज कंपनी एंजेल वन की पहल फिन वन की रिपोर्ट के अनुसार, 93 प्रतिशत युवा वयस्क लगातार बचत करते हैं, जिनमें से अधिकतर अपनी मासिक आय का 20-30 प्रतिशत बचाते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, शेयर उनका पसंदीदा निवेश विकल्प है। सर्वेक्षण में शामिल 45 प्रतिशत लोगों ने इन्हें सावधि जमा (एफडी) या सोने जैसे अधिक पारंपरिक विकल्पों पर तरजीह दी है। वर्तमान में 58 प्रतिशत युवा भारतीय निवेशक शेयरों में निवेश करते हैं, जबकि 39 प्रतिशत म्यूचुअल फंड में निवेश करना पसंद करते हैं।

ब्रोकरेज कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सावधि जमा (22 प्रतिशत) और आवर्ती जमा (26 प्रतिशत) जैसे सुरक्षित विकल्पों को अपेक्षाकृत कम अपनाया जा रहा है। यह युवाओं के बीच उच्च ‘रिटर्न’ और स्थिर बचत के बीच संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस रिपोर्ट को 13 से अधिक भारतीय शहरों के 1,600 युवा भारतीयों से मिले जवाबों के आधार पर तैयार किया गया।

Also read: SBI vs ICICI Vs HDFC bank: 5 साल के लिए 10 लाख रुपये डिपॉजिट पर कहां ज्यादा फायदा? देखें कैलकुलेशन

उनसे पूछे सवाल चार प्रमुख विषयों बचत व्यवहार, निवेश प्राथमिकताएं, वित्तीय साक्षरता तथा प्रौद्योगिकी व वित्तीय साधनों के उपयोग पर केंद्रित थे। इसमें डिजिटल मंच और प्रौद्योगिकी की भूमिका को भी रेखांकित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 68 प्रतिशत उत्तरदाता नियमित रूप से स्वचालित बचत उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

अनुशासित बचत आदतों के बावजूद, 85 प्रतिशत युवा भारतीय जीवन की उच्च लागत, विशेष रूप से भोजन, उपयोगिताओं तथा परिवहन को बचत में सबसे बड़ी बाधा मानते हैं। इससे पता चलता है कि बढ़ती जीवन लागत भारत के युवाओं के लिए एक गंभीर चुनौती है।

First Published - November 11, 2024 | 2:51 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट