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मिडकैप, स्मॉलकैप संकट: क्या लार्जकैप पर भी पड़ेगा दबाव?

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Stock Market: गुरुवार को स्मॉलकैप और मिडकैप सूचकांकों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।

Last Updated- March 14, 2024 | 10:00 PM IST
Share Market- शेयर मार्केट

हाल के समय में देश के इक्विटी बाजारों, खासकर स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में उतार-चढ़ाव बढ़ा है। जहां निफ्टी मिडकैप (100 और 150) सूचकांक तीन सत्र में करीब 6 प्रतिशत गिर गए, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप (100 और 250) सूचकांकों में इस अवधि में 9 प्रतिशत की कमजोरी आई। हालांकि गुरुवार को स्मॉलकैप और मिडकैप सूचकांकों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।

ऐसे में यह सवाल बना हुआ है कि क्या मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में पैदा हुए दबाव का असर लार्जकैप में भी देखा जा सकता है?

ज्यादातर विश्लेषक ऐसा नहीं मानते हैं। उन्हें मामूली गिरावट और अच्छे सुधार की उम्मीद है, क्योंकि निवेशक सुरक्षित निवेश और उपयुक्त खरीदारी की तलाश में लार्जकैप की ओर केंद्रित हुए हैं, क्योंकि मिडकैप और स्मॉलकैप लड़खड़ाए हुए हैं।

इक्विनॉमिक्स रिसर्च में शोध प्रमुख चोकालिंगम जी का कहना है, ‘ऐतिहासिक तौर पर, जब भी मिडकैप और स्मॉलकैप में बड़ी गिरावट आई, निवेशकों ने सुरक्षित निवेश और खासकर लार्जकैप की तरफ रुख किया। इस बार भी उनके द्वारा यही रणनीति अपनाने की संभावना है।

मौजूदा घटनाक्रम को देखते हुए निफ्टी-50 मौजूदा स्तर से 3 प्रतिशत तक गिर सकता है। साथ ही, वित्त वर्ष की समाप्ति नजदीक होने और मार्च सीरीज के लिए वायदा एवं विकल्प अनुबंधों की आगामी एक्सपायरी का भी संभावित असर देखा जा रहा है।’

इस बीच, निफ्टी-50 ने पिछले चार साल की तेजी के बीच चार गिरावट भी दर्ज कीं। पहली बड़ी गिरावट फरवरी 2021 और अप्रैल 2021 के बीच आई, जब निफ्टी 8.3 प्रतिशत गिर गया था। इसके बाद अक्टूबर 2021-जून 2022 की अवधि में गिरावट आई थी, जिसमें निफ्टी आठ महीने में अपने ऊंचे स्तरों से 18.4 प्रतिशत गिर गया था।

बड़ी गिरावट का तीसरा दौर दिसंबर 2022 के ऊंचे स्तर से लेकर मार्च 2023 के निचले स्तर के बीच दर्ज किया गया। इस अवधि में सूचकांक 8.1 प्रतिशत तक गिर गया। इसके बाद जुलाई से अक्टूबर 2023 के बीच की अवधि के दौरान भी निफ्टी 5.8 प्रतिशत लुढ़क गया था। जियोजित

फाइनैंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार का मानना है कि बाजार में अभी और गिरावट की गुंजाइश दिख रही है, क्योंकि मूल्यांकन महंगा बना हुआ है। उनका मानना है कि निवेशकों को लार्जकैप और अच्छी गुणवत्ता के मिडकैप पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

विजयकुमार का कहना है, ‘बाजार में उतार-चढ़ाव अच्छे अवसर देगा। अब उतार-चढ़ाव घटेगा और उचित मूल्यांकन एवं गुणवत्ता पर जोर रहेगा। अच्छी गुणवत्ता वाले निजी क्षेत्र के बैंक और पूंजीगत वस्तु, दूरसंचार तथा वाहन क्षेत्रों के दिग्गज शेयरों को सतर्कता के साथ खरीदा जा सकता है।’

तकनीकी नजरिया

तकनीकी चार्टों पर निफ्टी-50 को लगातार तीसरे महीने संभावित ट्रेडिंग बैंड के ऊपरी दायरे से ऊपर संघर्ष करते देखा गया है। मासिक चार्ट पर बोलिंजर बैंड के ऊपरी दायरे से इस सूचकांक के लिए 22,320 के स्तरों पर प्रतिरोध मिलने का संकेत है। वहीं रिलेटिव स्ट्रेंग्थ इंडेक्स और स्लो स्टोचैस्टिक ऑस्कीलेटर जैसे मुख्य गति संकेतक मासिक आधार पर सुस्ती का संकेत दिखा रहे हैं।

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First Published - March 14, 2024 | 10:00 PM IST

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