facebookmetapixel
लंबे वीकेंड ने बदल दिया भारत का ट्रैवल ट्रेंडIndia UAE Trade: भारत-यूएई व्यापार 100 अरब डॉलर पार, फिर भी घाटा क्यों बढ़ रहा है?किसान पहचान पत्र से ही मिलेगा यूरिया, सरकार चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी नई व्यवस्था₹60 हजार से ₹3.20 लाख तक पहुंची चांदी, अब आगे क्या? मोतीलाल ओसवाल की चेतावनीStocks to watch, Jan 23: IndiGo से लेकर JSW Steel और DLF तक, शुक्रवार को इन स्टॉक्स पर रखें फोकसStock Market Today: गिफ्ट निफ्टी से सुस्त संकेत, हफ्ते के आखिरी दिन कैसी रहेगी बाजार की चाल ?₹8,250 लगाइए, ₹19,250 कमाइए? टाटा स्टील पर एनालिस्ट की खास ऑप्शन स्ट्रैटेजीQ3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमान

बाजार हलचल: मांग में सुधार की उम्मीद से एफएमसीजी उछला, म्युचुअल फंड कर रहे शेयरों की बिकवाली

पिछले एक महीने में एनएसई का निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 8 फीसदी उछला है और उसने निफ्टी को पीछे छोड़ दिया है जिसमें 4.3 फीसदी का ही इजाफा हुआ।

Last Updated- July 21, 2024 | 9:45 PM IST
Stock Market

ब्रोकर अपने क्लाइंटों को एफएमसीजी शेयरों में लॉन्ग पोजीशन बनाने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि उन्हें बजट में सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं को ज्यादा राशि आवंटित होने की उम्मीद है। पिछले एक महीने में एनएसई का निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 8 फीसदी उछला है और उसने निफ्टी को पीछे छोड़ दिया है जिसमें 4.3 फीसदी का ही इजाफा हुआ।

एक अर्थशास्त्री ने कहा कि चुनावी वादों और राज्यों के हालिया बजटों को देखते हुए हमें सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के लिए ज्यादा परिव्यय की उम्मीद है। इससे ग्रामीण उपभोग में जारी चक्रीय सुधार को सहारा मिलेगा। इसके अलावा इस साल अनुकूल मॉनसून से भी ग्रामीण मनोबल को मजबूती मिलेगी।

म्युचुअल फंड कर रहे शेयरों की बिकवाली

हालिया महीनों में रिकॉर्ड शेयर खरीद के बाद म्युचुअल फंडों ने खरीदारी से दूरी बना ली है। बाजार नियामक सेबी के आंकड़ों के अनुसार 18 जून को समाप्त लगातार चार कारोबारी सत्रों में घरेलू फंड शुद्ध बिकवाल रहे हैं और उन्होंने इस अवधि में 4,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी की।

फंडों की खरीदारी में कमी की कई वजहें निवेशकों की मुनाफावसूली या बजट की अनिश्चितता के चलते कुछ फंडों का थोड़ी नकदी अलग रखना हो सकता है। हाइब्रिड फंडों के परिसंपत्ति आवंटन में बदलाव का भी फंडों के शेयर बाजार में निवेश पर असर पड़ा।

First Published - July 21, 2024 | 9:45 PM IST

संबंधित पोस्ट