IT Sector Stocks: जनवरी में शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के बावजूद निफ्टी आईटी इंडेक्स अब तक करीब 0.6 फीसदी की बढ़त बनाए हुए है। साल 2026 की शुरुआत से अब तक यह इंडेक्स ज्यादातर 37,700 से 38,700 अंक के दायरे में ही घूमता रहा है। अगले हफ्ते आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनियां अपने तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे जारी करने वाली हैं। 12 जनवरी (सोमवार) को TCS और HCL Technologies नतीजों से सीजन की शुरुआत करेंगे। इसके बाद 13 जनवरी को Tata Elxsi, 14 जनवरी को Infosys, 15 जनवरी को L&T Technology Services (LTTS) और 16 जनवरी को Wipro अपने नतीजे जारी करेंगी।
इस पर Mirae Asset Sharekhan के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट कुणाल शाह का कहना है कि निफ्टी आईटी इंडेक्स को 38,500 अंक के पास मजबूत रुकावट का सामना करना पड़ रहा है। यह स्तर इसलिए अहम है क्योंकि यह दिसंबर 2024 के ऊपरी स्तर से अप्रैल 2025 के निचले स्तर तक आई गिरावट का 50 फीसदी फिबोनाची लेवल है। उनके मुताबिक, निफ्टी आईटी फिलहाल 36,000 से 38,500 के बड़े दायरे में फंसा हुआ है। अगर इंडेक्स इस रेंज के ऊपर या नीचे पक्के तौर पर निकलता है, तो इसके बाद एक तरफा तेज मूव देखने को मिल सकता है। अगर निफ्टी आईटी 38,500 के ऊपर मजबूती से निकलता है, तो यह तेजी का संकेत होगा और इंडेक्स 43,000 अंक तक जा सकता है। मौजूदा स्तर से यह करीब 12.7 फीसदी की तेजी होगी।
कुणाल शाह के मुताबिक, एलियट वेव थ्योरी के हिसाब से टाटा एल्क्सी ने अपना चौथा चरण पूरा कर लिया है और अब यह पांचवें चरण में प्रवेश कर चुका है, जो आमतौर पर तेज और मजबूत तेजी वाला दौर होता है।
शेयर में ₹5,500 से ₹5,300 के बीच मजबूत सपोर्ट है, जहां गिरावट पर खरीदारी देखी जा सकती है। ऊपर की तरफ़ ₹6,000 बड़ा स्तर है। अगर शेयर इस स्तर को पार करता है, तो आगे चलकर यह ₹7,500 तक जा सकता है। मौजूदा भाव से इसमें करीब 30 फीसदी तक की तेजी की संभावना बताई जा रही है।
LTTS फिलहाल ₹4,200 के आसपास एक अहम सपोर्ट जोन पर ट्रेड कर रहा है। यहां से शेयर में खरीदारी आने की संभावना है। ऊपर की तरफ ₹4,725 बड़ा रुकावट स्तर है। अगर शेयर इसके ऊपर निकलता है, तो यह ₹5,150–₹5,200 तक जा सकता है, यानी करीब 18 फीसदी की तेजी संभव है। हालांकि, जोखिम को देखते हुए इस शेयर में ₹4,000 के नीचे क्लोजिंग पर स्टॉप-लॉस लगाने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, आईटी कंपनियों के नतीजे आने वाले दिनों में निफ्टी आईटी इंडेक्स की दिशा तय कर सकते हैं। निवेशकों की नजर अब 38,500 के स्तर पर टिकी हुई है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।