facebookmetapixel
SBI की उड़ान जारी: मार्केट कैप ₹10 लाख करोड़ के करीब, ब्रोकरेज ने कहा- ₹1,120 तक जा सकता है भाववेनेजुएला को तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए 2040 तक 183 अरब डॉलर निवेश की जरूरतBudget 2026: चावल निर्यातकों ने बजट में कर, ब्याज और ढुलाई में राहत की मांग कीरूसी तेल की अफवाहों पर Reliance का पलटवार, कहा- खबरें ‘पूरी तरह से झूठी हैं’LIC Scheme: 10वीं पास महिलाओं के लिए खास स्कीम, हर महीने ₹7,000 तक की कमाई का मौकासीमेंट कंपनियों की बल्ले-बल्ले! दिसंबर तिमाही में मुनाफा 65% तक बढ़ने की उम्मीद, ब्रोकरेज ने चुने 3 स्टॉक्सनया साल, नया मनी प्लान! निवेश, बचत और वेल्थ बनाने की रणनीति, याद रखें एक्सपर्ट के 4 टिप्सCIBIL स्कोर अच्छा होने के बावजूद क्रेडिट कार्ड क्यों होता है रिजेक्ट? एक्सपर्ट ने बताए कारणभारत की सर्विसेज PMI दिसंबर में 11 महीने के निचले स्तर पर, नए ऑर्डर में दिखी सुस्ती2026 तक 52 डॉलर तक गिर सकता है कच्चा तेल? रुपये में भी लौटेगी मजबूती! जानें क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट

बुनियादी ढांचे में निवेश पर प्रोत्साहन

Last Updated- December 15, 2022 | 5:09 AM IST

सॉवरिन वेल्थ फंडों (एसडब्ल्यूएफ) और पेंशन फंडों द्वारा होटल, कोल्ड चेन, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, गैस पाइपलाइन जैसे 34 प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में निवेश पर कुछ निश्चित आमदनी पर कर छूट का प्रावधान किया गया है।
वित्त अधिनियम 2020 में भारत में बुनियादी ढांचे पर निवेश से होने वाले पूंजीगत लाभ, ब्याज से आमदनी और लाभांशों पर अबूधाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी की पूर्ण मालिकाना वाली सहायक इकाई, एसडब्यूएफ और पेंशन फंडों को आयकर की छूट दी गई है। आयकर विभाग ने अब बुनियादी ढांचा की परिभाषा से इसे जोड़ा है, जो आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा अगस्त 2018 में इस सिलसिले में संगत मास्टर लिस्ट में दिया गया है।
इस सूची में एसईजेड, टेक्सटाइल पार्कों और कृषि बाजारोंं, टेलीकॉम टावरों, बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण के अलावा बंदरगाह व हवाईअड्डों जैसे उपक्षेत्र शामिल हैं। इसमें पोर्ट, स्टेडियम, पर्यटन,  फूड पार्क, मल्टी मोडल लॉजिस्टिक पार्कों व टेक्सटाइल पार्क सहित थीम आधारित पार्कों को शामिल किया गया है।
मंगलवार को प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा, ‘यह अधिसूचना 1 अप्रैल 2021 से प्रभावी होगी और यह एवाई 2021-22 और उसके बाद के आकलन वर्ष पर लागू होगी।’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा था कि यह निवेश 31 मार्च 2024 के पहले करना होगा और इसकी न्यूनतम लॉक इन अवधि 3 साल होगी।
इसके साथ ही सरकार ने दरअसर निवेशकों को इन बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया है, चाहे वह सीधे निवेश करते हैं या वैकल्पिक निवेस फंड या बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्टों के माध्यम से करते हैं।
एकेएम ग्लोबल के पार्टनर अमित माहेश्वरी ने कहा कि यह अच्छा कदम है, क्योंकि भारत को बुनियादी ढांचा क्षेत्र में मोटे निवेश की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘इससे सॉवरिन फंडों को ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, अस्पतालों व कोल्ड चेन आदि में निवेश का विविधीकृत अवसर मिलेगा।’
नांगिया एंडरसन एलएलपी में पार्टनर अरविंद श्रीवत्सन ने कहा कि भारत के बुनियादी ढांचा में निवेश करना अब आकर्षक हो जाएगा और उच्च गुणवत्ता की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में दीर्घावधि स्थायी पूंजीग आ सकेगी। उन्होंने कहा, ‘कर प्रोत्साहन के पात्र निवेशोंं की लंबी सूची से सामाजिक बुनियादी ढांचा जैसे शैक्षणिक संस्थानों आदि में पूंजी सृजन का अवसर मिलेगा।’
श्रीवत्सन ने कहा कि इस अधिसूचना के साथ एटीएफ गतिविधियों में उल्लेखनीय उभार हो सकती है और समर्पित बुनियादी ढांचा एटीएफ  का सृजन हो सकता है।

First Published - July 7, 2020 | 11:46 PM IST

संबंधित पोस्ट