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परिदृश्य में सुधार और मार्जिन के मोर्चे पर प्रदर्शन से शेयर को मिलेगा सहारा

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Last Updated- December 15, 2022 | 4:40 AM IST

राजस्व के मोर्चे पर कमजोर प्रदर्शन के बावजूद एचसीएल टेक्नोलॉजिज ने जून मिताही में ठीक-ठाक मार्जिन दर्ज किया। महामारी, आपूर्ति के अवरोध आदि के कारण क्रमिक आधार पर राजस्व हालांकि 7.2 फीसदी कम रहा, लेकिन कंपनी 20.5 फीसदी मार्जिन हासिल करने में कामयाब रही। यह हालांकि मार्च तिमाही के 20.9 फीसदी के मुकाबले मामूली कम है। इसकी वजह कम लागत वाले गंतव्य की ओर जाना, कारोबार में बदलाव और लागत दक्षता में सुधार है।
तिमाही में राजस्व की रफ्तार हालांकि सुस्त रही, लेकिन कंपनी ने संकेत दिया है कि बुरे दिन पीछे रह गए और डिजिटलीकरण आदि के कारण मांग मजबूत बनी हुई है। ये चीजें तिमाही में कंपनी की तरफ से हस्ताक्षरित 11 नए सौदे में प्रतिबिंबित हुई और एक साल पहले के मुकाबले पाइपलाइन में रहा सौदा 40 फीसदी ज्यादा है।
वाहन व एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों पर दबाव है, लेकिन कंपनी का मानना है कि वित्तीय सेवा, दूरसंचार और तकनीक की मांग में सुधार हो रहा है और उसकी अगुआई डिजिटल पहल और क्लाउड कर रहा है। वित्तीय सेवा, विनिर्माण, तकनीक व सेवा एचसीएल टेक का सबसे बड़ा वर्टिकल है और राजस्व में उसकी हिस्सेदारी करीब 60 फीसदी है।
कंपनी ने अगली तीन तिमाहियों में स्थायी मुद्रा के आधार पर राजस्व की औसत रफ्तार क्रमिक तौर पर 1.5-2.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। इस अनुमान के निचले स्तर का मतलब यह होगा कि वित्त वर्ष 2021 मेंं राजस्व 3 फीसदी घटेगा और ऊपरी स्तर पर प्रदर्शन स्थिर रहेगा। यह हालांकि इन्फोसिस के अनुमान से कम है, लेकिन 19.5-20.5 फीसदी मार्जिन का अनुमान सकारात्मक है। बढ़त की बहाली और अच्छे नकदी संग्रह से विश्लेषकों को उम्मीद है कि पुनर्खरीद या विस्तार होगा।

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First Published - July 18, 2020 | 12:55 AM IST

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