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GSK Pharma के मुनाफे की थम सकती है रफ्तार, FY25 में ऑन्कोलॉजी ब्रांड्स पर निगाहें

10वीं सबसे बड़ी वै​श्विक फार्मा कंपनी की भारतीय सहायक इकाई का राजस्व 7 प्रतिशत बढ़कर 815 करोड़ रुपये पर पहुंच गया

Last Updated- August 22, 2024 | 10:19 PM IST
Valuations may temper gains for GlaxoSmithKline Pharma despite strong Q1 GSK Pharma के मुनाफे की थम सकती है रफ्तार, FY25 में ऑन्कोलॉजी ब्रांड्स पर निगाहें

फार्मा दिग्गज ग्लैक्सो​स्मिथक्लाइन फार्मास्युटिकल्स (जीएसके फार्मा) का शेयर सोमवार को करीब 5.7 प्रतिशत चढ़कर 3,059 रुपये पर पहुंच गया। महीने के शुरू में अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा के बाद से इसमें करीब 11 प्रतिशत की तेजी आई है। हालांकि मंगलवार को इसमें 4.5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। अप्रैल के शुरू से यह शानदार प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा है और इसमें 57 प्रतिशत की वृद्धि (21 अगस्त तक) हुई है। इस दौरान बीएसई हेल्थकेयर में 20 प्रतिशत की तेजी जबकि बेंचमार्क सेंसेक्स में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

इस शेयर में सोमवार की तेजी जून तिमाही के अनुमान से बेहतर नतीजों की वजह से आई थी। 10वीं सबसे बड़ी वै​श्विक फार्मा कंपनी की भारतीय सहायक इकाई का राजस्व 7 प्रतिशत बढ़कर 815 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसे कालपोल (पैरासिटामोल) जैसे प्रमुख ब्रांडों और एंटीबायोटिक्स ऑग्मेंटिन तथा टी-बैक्ट की बढ़ती बाजार भागीदारी से मदद मिली।

कंपनी ने कहा है कि रे​स्पिरेटरी पोर्टफोलियो (न्यूकला और ट्रेलेजी) ने तिमाही में 75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। इसने राष्ट्रीय आवश्यक औषधि सूची (एनएलईएम) के अंतर्गत न आने वाले अपने पोर्टफोलियो की कीमत में 5 प्रतिशत तक की वृद्धि की। जहां राजस्व में 79 प्रतिशत योगदान देने वाले फार्मा सेगमेंट में 10 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ वहीं वैक्सीन सेगमेंट में 8 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई। इसे हैव्रिक्स (हैपेटाइटिस ए) और बू​स्ट्रिक्स (डीपीटी) से मदद मिली। वैक्सीन सेगमेंट में पीडियाट्रिक्स वैक्सीन कारोबार पहली तिमाही में दो अंक (15 प्रतिशत) में बढ़ा।

कच्चे माल की लागत में गिरावट और उत्पाद मिश्रण में सुधार की मदद से सकल लाभ एक साल पहले की ​तिमाही के मुकाबले 260 आधार अंक तक बढ़कर 63.8 प्रतिशत हो गया। बिक्री के प्रतिशत के तौर पर कच्चे माल की लागत 36.2 प्रतिशत रही, जो कई तिमाहियों में सबसे कम है।

परिचालन मुनाफा मार्जिन 940 आधार अंक तक बढ़कर 28.3 प्रतिशत पर पहुंच गया और इसे ऊंचे सकल मार्जिन के साथ साथ कम कर्मचारी खर्च से मदद मिली। पिछले साल दिसंबर में करीब 450 मेडिकल रीप्रेजेंटेटिव ने वीआरएस का विकल्प चुना था और इसकी वजह से ओवरहेड लागत नियंत्रित हुई जो सालाना आधार पर 10 प्रतिशत घटी है। परिचालन लाभ 60 प्रतिशत तक बढ़कर 230 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

कंपनी वित्त वर्ष 2025 में भी अपनी वृद्धि की रफ्तार और परिचालन मुनाफा मार्जिन 28-29 प्रतिशत के दायरे में बरकरार रखने की संभावना तलाश रही है। मुख्य व्यवसाय के अलावा, बाजार की नजर वित्त वर्ष 2025 में ऑन्कोलॉजी ब्रांडों जेजुला और जेम्परली की पेशकश पर भी रहेगी।

मोतीलाल ओसवाल रिसर्च ने कच्चे माल की कम लागत, न्यूकेला और ट्रेलिजी जैसे ब्रांडों में सुधार के निरंतर लाभ को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2025/26 के लिए अपने आय अनुमान 2-3 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। ब्रोकरेज ने 2,640 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ इस शेयर के लिए ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखी है।

First Published - August 22, 2024 | 9:14 PM IST

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