facebookmetapixel
Advertisement
थोक जमा नियमों में आरबीआई का बदलाव, सभी ग्राहकों को मिलेगी समान ब्याज दर की जानकारी15 साल में मजबूत हुई ग्रामीण अर्थव्यवस्था, मौसम का असर पहले से कम: आरबीआई डिप्टी गवर्नरब्रांड वैल्यू में शाहरुख खान नंबर-1, विराट कोहली को पीछे छोड़ हासिल किया पहला स्थानवीजा की बेंगलूरु में बड़ी छंटनी, 1,400 कर्मचारियों की गई नौकरी; एआई पर बढ़ते फोकस का असरई-कॉमर्स निर्यात के लिए विदेशी कंपनियों को बनानी होगी अलग यूनिट एक्सचेंजों पर बंद भाव में बड़ा अंतर ट्रेडरों के लिए कमाई का मौका, आर्बिट्राज ट्रेडिंग में आई तेजीटाटा संस फिलहाल अपर लेयर एनबीएफसी में रहेगी, सीआईसी लाइसेंस पर फैसला बाकीRBI MPC Meet: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, ग्रोथ अनुमान बढ़ाया, महंगाई आउटलुक घटायाडिजिटल रुपये की बढ़ी रफ्तार, सीबीडीसी और यूएलआई का दायरा लगातार बढ़ा: आरबीआईUPI पर MDR लागू होगा या नहीं? RBI गवर्नर बोले- अभी चर्चा करना जल्दबाजी

FPI व MF पिछले 12 महीने में मजबूत खरीदार रहे

Advertisement

म्युचुअल फंडों का दबदबा, एफपीआई ने बेचे शेयर! अप्रैल में 1 लाख करोड़ का निवेश पार

Last Updated- May 08, 2024 | 2:19 AM IST
Mutual funds industry adds 8.1 mn new investor accounts in Apr-May FY25, Mutual Fund उद्योग ने अप्रैल-मई में 81 लाख नए निवेशक खाते जोड़े

म्युचुअल फंडों ने अप्रैल में भारतीय इक्विटी की खरीद जारी रखी जबकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक 6,800 करोड़ रुपये के शुद्ध बिकवाल रहे। यह जानकारी बाजार नियामक सेबी के आंकड़ों से मिली।

म्युचुअल फंडों ने पिछले महीने बाजार में शुद्ध रूप से 32,824 करोड़ रुपये लगाए जो किसी कैलेंडर महीने में दूसरी सबसे बड़ी मासिक खरीदारी है। म्युचुअल फंडों की सबसे बड़ी खरीदारी मार्च 2024 में देखने को मिली थी और तब उन्होंने शुद्ध रूप से 44,233 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

म्युचुअल फंडों की सतत खरीदारी के चलते कैलेंडर वर्ष 2024 में उनकी खरीद अप्रैल में एक लाख करोड़ रुपये के पार चली गई। इस साल अब तक उनकी कुल खरीद 1.7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रही है। अप्रैल में बाजार में बड़ी रकम के निवेश से संकेत मिलता है कि उतारचढ़ाव के बावजूद म्युचुअल फंडों की इक्विटी योजनाओं में लगातार निवेश आ रहा है।

सुधार से पहले प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स ने 18 अप्रैल तक लगातार चार कारोबारी सत्रों में गिरावट दर्ज की थी। 4 दिन में दोनों सूचकांकों में करीब 3.4 फीसदी की गिरावट के बावजूद उसने माह की समाप्ति करीब 1.2 फीसदी की बढ़त के साथ की।

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़े बताते हैं कि मार्च में म्युचुअल फंडों की रिकॉर्ड खरीदारी की वजह उनकी ऐक्टिव इक्विटी योजनाओं और ईटीएफ में मजबूत निवेश हासिल करना रही। निवेशकों ने शुद्ध रूप से ऐक्टिव इक्विटी योजनाओं में 22,633 करोड़ रुपये का निवेश किया।

ईटीएफ में 10,560 करोड़ रुपये का निवेश आया। 12 महीने की अवधि में एफपीआई ने 1.81 लाख करोड़ रुपये झोंके जबकि म्युचुअल फंडों ने घरेलू शेयरों में 2.4 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया। अभिषेक कुमार

Advertisement
First Published - May 8, 2024 | 2:19 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement