facebookmetapixel
Health Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?दिल्ली की हवा इतनी खराब कैसे हुई? स्टडी में दावा: राजधानी के 65% प्रदूषण के लिए NCR व दूसरे राज्य जिम्मेदारExplainer: 50 शहरों में हिंसा, खामेनेई की धमकी और ट्रंप की चेतावनी…ईरान में आखिर हो क्या रहा है?Credit Card Tips: बिल टाइम पर चुकाया, फिर भी गिरा CIBIL? ये है चुपचाप स्कोर घटाने वाला नंबर!आस्था का महासैलाब: पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शुरू हुआ माघ मेला, 19 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी2026 में हिल सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था, एक झटका बदल देगा सब कुछ…रॉबर्ट कियोसाकी ने फिर चेतायाKotak Mahindra Bank का निवेशकों को जबरदस्त तोहफा: 1:5 में होगा स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट फिक्सकनाडा ने एयर इंडिया को दी कड़ी चेतावनी, नियम तोड़ने पर उड़ान दस्तावेज रद्द हो सकते हैंट्रंप का दावा: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी गिरफ्त में; हवाई हमलों की भी पुष्टि कीHome Loan: होम लोन लेने से पहले ये गलतियां न करें, वरना एप्लीकेशन हो सकती है रिजेक्ट

FPI व MF पिछले 12 महीने में मजबूत खरीदार रहे

म्युचुअल फंडों का दबदबा, एफपीआई ने बेचे शेयर! अप्रैल में 1 लाख करोड़ का निवेश पार

Last Updated- May 08, 2024 | 2:19 AM IST
Mutual funds industry adds 8.1 mn new investor accounts in Apr-May FY25, Mutual Fund उद्योग ने अप्रैल-मई में 81 लाख नए निवेशक खाते जोड़े

म्युचुअल फंडों ने अप्रैल में भारतीय इक्विटी की खरीद जारी रखी जबकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक 6,800 करोड़ रुपये के शुद्ध बिकवाल रहे। यह जानकारी बाजार नियामक सेबी के आंकड़ों से मिली।

म्युचुअल फंडों ने पिछले महीने बाजार में शुद्ध रूप से 32,824 करोड़ रुपये लगाए जो किसी कैलेंडर महीने में दूसरी सबसे बड़ी मासिक खरीदारी है। म्युचुअल फंडों की सबसे बड़ी खरीदारी मार्च 2024 में देखने को मिली थी और तब उन्होंने शुद्ध रूप से 44,233 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

म्युचुअल फंडों की सतत खरीदारी के चलते कैलेंडर वर्ष 2024 में उनकी खरीद अप्रैल में एक लाख करोड़ रुपये के पार चली गई। इस साल अब तक उनकी कुल खरीद 1.7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रही है। अप्रैल में बाजार में बड़ी रकम के निवेश से संकेत मिलता है कि उतारचढ़ाव के बावजूद म्युचुअल फंडों की इक्विटी योजनाओं में लगातार निवेश आ रहा है।

सुधार से पहले प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स ने 18 अप्रैल तक लगातार चार कारोबारी सत्रों में गिरावट दर्ज की थी। 4 दिन में दोनों सूचकांकों में करीब 3.4 फीसदी की गिरावट के बावजूद उसने माह की समाप्ति करीब 1.2 फीसदी की बढ़त के साथ की।

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़े बताते हैं कि मार्च में म्युचुअल फंडों की रिकॉर्ड खरीदारी की वजह उनकी ऐक्टिव इक्विटी योजनाओं और ईटीएफ में मजबूत निवेश हासिल करना रही। निवेशकों ने शुद्ध रूप से ऐक्टिव इक्विटी योजनाओं में 22,633 करोड़ रुपये का निवेश किया।

ईटीएफ में 10,560 करोड़ रुपये का निवेश आया। 12 महीने की अवधि में एफपीआई ने 1.81 लाख करोड़ रुपये झोंके जबकि म्युचुअल फंडों ने घरेलू शेयरों में 2.4 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया। अभिषेक कुमार

First Published - May 8, 2024 | 2:19 AM IST

संबंधित पोस्ट