facebookmetapixel
Advertisement
MCap: 1 लाख करोड़ का झटका! टॉप कंपनियों की दौलत घटी, HDFC बैंक बना सबसे बड़ा नुकसान उठाने वालाATF Price Hike: 1 अप्रैल से हवाई सफर महंगा? एटीएफ कीमतों में उछाल पर सरकार की बड़ी चेतावनीईरान ने इजराइल पर मिसाइल बरसाई, ट्रंप ने 48 घंटे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने का अल्टीमेटम दिया!गोल्ड $35,000 और बिटकॉइन $7.5 लाख? ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक ने की चौंकाने वाली भविष्यवाणीभारत के कोर सेक्टर की रफ्तार पर ब्रेक: फरवरी में ग्रोथ घटकर 2.3% हुई, रिफाइनरी और तेल में गिरावटवसीयत या ट्रस्ट: संपत्ति की सुरक्षा के लिए क्या है बेहतर विकल्प? जानें कानूनी विशेषज्ञों की रायईद पर महंगाई की मार: LPG की किल्लत ने बढ़ाई बिरयानी की कीमत, होटल मालिकों ने अपनाया पुराना तरीकाईरान ने अमेरिका को चेताया- अगर जमीनी हमला किया तो ट्रंप को मिलेगा ‘बड़ा सरप्राइज’, सैनिकों के शव भी नहीं बच पाएंगेPM मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन से की फोन पर बात, ईद की बधाई के साथ इन बड़े मुद्दों पर हुई चर्चासंपत्ति और परिवार का भविष्य सुरक्षित करना है? जानें भारत में ट्रस्ट बनाने की पूरी प्रक्रिया

विदेशी झोंके से बाजार ने भरी ऊंची पींग

Advertisement

चीन में कोविड प्रतिबंध हटने और फेड द्वारा दरों में कम वृद्धि की उम्मीद से बाजार में तेजी

Last Updated- January 09, 2023 | 11:16 PM IST

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में कम बढ़ोतरी और चीन में कोविड पाबंदियां हटने की उम्मीद से शेयर बाजार में आज अच्छी तेजी दर्ज की गई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का बेंचमार्क सेंसेक्स 847 अंक या 1.4 फीसदी चढ़कर 60,747 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 242 अंक या 1.4 फीसदी की तेजी के साथ 18,101 पर बंद हुआ। चीन में शून्य कोविड नीति खत्म होने की खबरों से मांग सुधारने की उम्मीद में निवेशकों का हौसला बढ़ा है। वंसत उत्सव के दौरान लाखों चीनी यात्री सैर पर निकलते हैं।

निवेशकों को लगता है कि अमेरिका में पारिश्रमिक में थोड़ा सुधार होने के कारण फेडरल रिजर्व दरों में बढ़ोतरी कम करेगा। पिछले हफ्ते आए रोजगार के आंकड़े कुछ सुधरे हैं मगर प्रति घंटा औसत पारिश्रमिक नवंबर के मुकाबले दिसंबर में महज 0.3 फीसदी बढ़ा है। वेतन में कम वृद्धि को देखते हुए बाजार के एक वर्ग को उम्मीद है कि दरों में बढ़ोतरी अपेक्षाकृत कम होगी। फेडरल रिजर्व महंगाई को 2 फीसदी से नीचे लाने के लक्ष्य में पारिश्रमिक की सुस्ती का भी ध्यान रखता है।

कैंसस सिटी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष एस्टर जॉर्ज ने पिछले हफ्ते कहा था कि अ​धिकारियों को मुद्रास्फीति और रोजगार के बीच संतुलन कायम के लिए कठिन प्रयास करने होंगे। इसी तरह अटलांटा फेडरल रिजर्व बैंक के अध्यक्ष राफेल बोस्टिक ने दावा किया था कि मुद्रास्फीति का दबाव कम होने के बावजूद अभी काफी कुछ करने की जरूरत है। उन्होंने कहा था कि मुद्रास्फीति अभी ऊंची बनी हुई है और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए यह सबसे बड़ी चुनौ​ती है।

अवेंडस कैपिटल अल्टरनेट स्ट्रैटेजीज के सीईओ ऐंड्रयू हॉलैंड ने कहा, ‘अमेरिका में बेरोजगारी दर कम हुई है, जो फेडरल रिजर्व के लिए बड़ी बात है। वेतन वृद्धि दर ऊंचे स्तर पर नहीं है और उम्मीद की जा रही है कि खुदरा महंगाई के आंकड़े अनुमान के अनुरूप ही रहेंगे, जिन्हें देखने के बाद अमेरिका का केंद्रीय बैंक उतना आक्रामक रवैया नहीं अपनाएगा।

मगर मुझे भरोसा नहीं है। मुझे लगता है कि बाजार में अनिश्चितता बनी रहेगी। भारतीय बाजार में बिकवाली चरम पर पहुंच गई है और अब वे ऊपर चढ़ने के लिए किसी अच्छे संकेत का इंतजार कर रहे हैं।’ चीन की अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीदों के बीच तेल के दाम चढ़ने लगे हैं। कच्चे तेल में 3 फीसदी की तेजी देखी गई और आज यह 79.6 डॉलर प्रति बैरल पर था।

यह भी पढ़ें: बुनियादी ढांचे का विकास हो सरकार की शीर्ष प्राथमिकता : नाइक

कोटक सिक्योरिटीज में इक्विटी रिसर्च प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा, ‘सुधार के बावजूद बाजार में अनिश्चितता बनी रह सकती है क्योंकि बाजार को जिन बातों की चिंता सता रही है वे पूरी तरह दूर नहीं हुई हैं।’ बहरहाल बाजार में आज की तेजी से निवेशकों की संपत्ति में 3.2 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हो गया।

विदेशी संस्थागत निवेशक (एफपीआई) शुद्ध बिकवाल रहे। स्टॉक एक्सचेंजों के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार उन्होंने 203 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। केवल तीन शेयरों को छोड़कर सेंसेक्स में शामिल सभी शेयरों में तेजी दिखी। आरआईएल का शेयर 2.3 फीसदी चढ़ गया। इसी तरह इन्फोसिस के शेयर में 2.5 फीसदी और टीसीएस में 3.3 फीसदी तेजी देखी गई।

Advertisement
First Published - January 9, 2023 | 8:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement