शेयर बाजार में डेरिवेटिव सेगमेंट को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। BSE को बाजार नियामक Securities and Exchange Board of India से बीएसई फोकस्ड मिडकैप इंडेक्स पर डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के बाद एक्सचेंज के डेरिवेटिव उत्पादों की संख्या में बढ़ोतरी हो जाएगी।
अब तीन इंडेक्स पर मिलेंगे डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट
फिलहाल बीएसई केवल सेंसेक्स और बैंकएक्स इंडेक्स पर ही डेरिवेटिव ट्रेडिंग की सुविधा देता है। नए इंडेक्स के शामिल होने से अब निवेशकों को तीन अलग अलग सूचकांकों पर फ्यूचर्स और ऑप्शंस में कारोबार करने का विकल्प मिलेगा। यह कदम खासतौर पर मिडकैप कंपनियों में रुचि रखने वाले निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किस तरह के कॉन्ट्रैक्ट होंगे उपलब्ध
बीएसई के अनुसार, फोकस्ड मिडकैप इंडेक्स पर कैश सेटल्ड मासिक इंडेक्स फ्यूचर्स और मासिक इंडेक्स ऑप्शंस उपलब्ध कराए जाएंगे। इन कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी हर महीने के अंतिम गुरुवार को होगी। यानी निवेशकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी पोजिशन का निपटान करना होगा।
क्या है BSE फोकस्ड मिडकैप इंडेक्स
बीएसई फोकस्ड मिडकैप इंडेक्स मिडकैप श्रेणी की शीर्ष 20 कंपनियों के प्रदर्शन को दर्शाता है। इन कंपनियों का चयन फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर किया जाता है। इसका उद्देश्य मिडकैप सेगमेंट की मजबूत और प्रभावशाली कंपनियों की चाल को एक साथ प्रदर्शित करना है।
NSE से तुलना
दूसरी ओर, National Stock Exchange of India अपने प्लेटफॉर्म पर पांच प्रमुख इंडेक्स पर डेरिवेटिव उपलब्ध कराता है। इनमें निफ्टी, निफ्टी बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट और निफ्टी नेक्स्ट50 शामिल हैं। ऐसे में बीएसई का यह कदम प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकता है।
साप्ताहिक एक्सपायरी पर सख्ती
गौरतलब है कि सेबी के नए दिशा निर्देशों के मुताबिक हर एक्सचेंज को केवल एक ही बेंचमार्क इंडेक्स पर साप्ताहिक एक्सपायरी की अनुमति है। यह नियम फ्यूचर्स और ऑप्शंस सेगमेंट में अत्यधिक सट्टेबाजी और अस्थिरता को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।










