facebookmetapixel
Advertisement
Q1 रिजल्ट से पहले इन 2 Insurance Stocks पर बढ़ा ब्रोकरेज का भरोसा, जानिए किसमें कितनी ग्रोथ की उम्मीदLaser Power & Infra IPO: ₹203-214 तय हुआ प्राइस बैंड, 9 जुलाई से खुलेगा इश्यू; निवेश से पहले जान लें कंपनी की पूरी डिटेलSBI, Airtel: शेयर बाजार में अब कहां बनेगा पैसा? Q1 के पहले ब्रोकरेज ने बताए टॉप सेक्टर और शेयरसेंसेक्स 1 लाख पहुंचेगा या 66,000 तक फिसलेगा? ग्लोबल ब्रोकरेज ने बताया आगे का आउटलुकKnack Packaging IPO Allotment: आज फाइनल होगा अलॉटमेंट, ऐसे करें स्टेटस चेक; जानें लेटेस्ट GMPITR Filing 2026: पिछले ITR में FD का ब्याज नहीं दिखाया? जानिए अब कितना टैक्स और जुर्माना देना पड़ सकता हैऑटो इंडस्ट्री के लिए ऐतिहासिक जून! EV, CNG ने बढ़ाया बाजार का जोश; अब मॉनसून पर नजरब्रेकआउट के बाद दौड़ सकते हैं ये 3 शेयर! Axis Direct ने जारी किए नए टारगेट, Nifty पर भी बड़ा अनुमान₹52,000 करोड़ की डिफेंस खरीद से इन 6 शेयरों की लग सकती है लॉटरी! ब्रोकरेज ने बताए टारगेटGold-Silver Price Today: भारत में लुढ़के सोने-चांदी के दाम, लेकिन विदेशी बाजार में कीमतों ने लगाई लंबी छलांग

अतिरिक्त नकदी के निवेश के लिए ब्रोकरों को मिल सकती है अनुमति

Advertisement

सरकार का मानना है कि समूह कंपनियों में निवेश समेत ब्रोकरों को अन्य निवेश से रोकना उन्हें अपनी आय का इस्तेमाल करने की क्षमता पर बेवजह की पाबंदी होगी।

Last Updated- September 11, 2024 | 10:59 PM IST
stock market today

सरकार ने सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स रेग्युलेशन ऐक्ट (SCRA) में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इसके बाद ब्रोकरों को अपनी सरप्लस नकदी के इस्तेमाल में और लचीलापन मिल जाएगा। अभी एससीआरए के नियम-8 के तहत ब्रोकर प्रतिभूतियों या कमोडिटी डेरिवेटिव के अलावा किसी अन्य कारोबार में नहीं उतर सकते।

हालांकि अन्य कारोबार शब्द को स्पष्ट तौर पर पारिभाषित नहीं किया गया है, जिससे निवेश के लिए ब्रोकरों की क्षमता पर पाबंदी और भ्रम पैदा होता है।

आर्थिक मामलों के विभाग ने इस पर परामर्श पत्र जारी कर प्रस्तावित संशोधनों पर राय मांगी है। परामर्श पत्र कहता है कि ब्रोकरों को उचित निवेश और कारोबारी गतिविधियों की इजाजत मिले, लेकिन इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि क्लाइंटों की रकम का किसी और काम में इस्तेमाल नहीं हो।

सरकार का मानना है कि समूह कंपनियों में निवेश समेत ब्रोकरों को अन्य निवेश से रोकना उन्हें अपनी आय का इस्तेमाल करने की क्षमता पर बेवजह की पाबंदी होगी।

प्रस्तावित संशोधन का लक्ष्य यह स्पष्ट करना है कि ब्रोकरों के निवेश को तब तक कारोबार नहीं माना जाएगा जब तक कि उनमें ग्राहकों का धन, ग्राहक प्रतिभूतियां शामिल न हों और कोई वित्तीय देनदारी भी न बने। यह बदलाव ब्रोकरों को ज्यादा वाणिज्यिक लचीलापन मुहैया कराने के साथ बाजार की अखंडता को संतुलित करने के लिए है।

Advertisement
First Published - September 11, 2024 | 10:42 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement