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चुनाव नतीजे पर ब्रोकरेज की राय: जीत से जोखिम कम, बाजार को मिलेगा दम

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ब्रोकरेज फर्मों ने कहा, नतीजों से राजनीतिक निरंतरता का संदेश, आर्थिक हालात के लिए कारगर

Last Updated- December 04, 2023 | 11:08 PM IST
share market

ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि राज्य विधानसभा के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन ने 2024 में प्रवेश कर रहे देसी बाजारों के लिए राजनीतिक जोखिम घटा दिया है। हालांकि थोड़े समय के उत्साह के बाद आय, वैश्विक स्तर पर नकदी के हालात और ब्याज दरों पर जल्द ही ध्यान केंद्रित हो जाएगा।

जेफरीज ने एक नोट में कहा, तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत एग्जिट पोल के मुकाबले काफी बेहतर रही और यह साल 2024 के आम चुनाव में मोदी की जीत के आम अनुमान को सुदृढ़ करता है। साथ ही यह भी उम्मीद है कि भाजपा को 300 से ज्यादा लोकसभा सीटों पर जीत मिलेगी।

निवेशकों की धारणा को मजबूत करने वाली यह खबर देसी साइक्लिकल सेक्टर मसलन बैंक, इंडस्ट्रियल, पावर, प्रॉपर्टी और मिडकैप के लिए काफी अच्छा होगा। सोमवार को बैंक निफ्टी इंडेक्स 3.6 फीसदी चढ़ा जबकि निफ्टी ऑयल ऐंड गैस में 3.2 फीसदी और निफ्टी रियल्टी में 2 फीसदी की उछाल आई। निफ्टी आईटी व हेल्थकेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा और उनमें क्रमश: 0.2 फीसदी व 0.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

मोतीलाल ओसवाल के नोट में कहा गया है, इक्विटी बाजारों को राज्य में हुए चुनावों के नतीजों और 2024 के आम चुनावों के लिए इसके संकेत को लेकर व्यग्रता थी। नतीजे काफी ज्यादा भाजपा के हक में आने के साथ साल 2024 में आम चुनाव के बाद राजनीतिक निरंतरता आदि को लेकर बाजारों के भरोसे को मजबूती मिलेगी। यह भारत के आर्थिक व नीतिगत रफ्तार के लिए बेहतर है, जो अभी अहम अर्थव्यवस्थाओं के बीच सबसे ऊंची वृद्धि से रूबरू हो रहा है और यह जीडीपी और कंपनियों आय, दोनों मामलों में बेहतर है।

मुख्य विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से चारों राज्यों के चुनाव में कड़ी टक्कर देने की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन यह पार्टी सिर्फ तेलंगाना में ही विजय हासिल कर पाई और उत्तरी राज्यों में बड़ी पराजय का सामना करना पड़ा। नोमूरा ने एक नोट में कहा है, इन चुनावों में कांग्रेस की जीत से बाजारों को साल 2024 में मजबूत बहुमत के साथ भाजपा की वापसी को लेकर अपनी उम्मीद का दोबारा आकलन करना पड़ता।

यह भाजपा विरोधी विपक्षी गठबंधन इंडिया में कांग्रेस के नेतृत्व को मजबूती देता, पर कांग्रेस का कमजोर प्रदर्शन विपक्षी खेमे के भीतर और मतभेद पैदा कर सकता है। 28 विपक्षी पार्टियों का गठबंधन इंडिया की अगुआई कांग्रेस कर रही है और उसकी योजना मई 2024 के आम चुनाव में भाजपा का मिलकर मुकाबला करने की है।

फिलिप कैपिटल ने एक नोट में कहा कि भारत में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के निवेश को मजबूती मिलेगी क्योंकि राजनीतिक जोखिम कम हुआ है। ब्रोकरेज ने कहा, इसके परिणामस्वरूप मजबूत आय कायम रहेगी। देसी प्रवाह और इक्विटी में निवेश पिछले कुछ वर्षों में अच्छा खासा रहा है। यह ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। इन घटनाक्रमों के साथ वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाना एफपीआई के निवेश के लिए काफी बेहतर है।

इस साल एफपीआई का निवेश कभी खुशी और कभी गम जैसा रहा है। सितंबर और अक्टूबर में काफी ज्यादा बिकवाली के बाद अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट व वैश्विक स्तर पर जोखिम को लेकर निवेशकों की स्वाभाविक इच्छा में सुधार के बीच हाल के हफ्तों में विदेशी निवेश स्थिर हुआ है।

नुवामा इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज के नोट में कहा गया है, राज्य विधानसभा चुनाव के नतीजे निश्चित तौर पर बाजार की उम्मीदों से बेहतर है। ऐसे में अल्पावधि में बाजारों में उत्साह रहेगा। धीरे-धीरे फंडामेंटल, आय, नकदी और ब्याज दर ही मध्यम अवधि में बाजार के परिदृश्य को आकार देगा।

हालिया बढ़त के बाद इस साल अब तक के लिहाज से करीब 14 फीसदी चढ़ चुका है। इस बीच, निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में क्रमश: 40 फीसदी व 50 फीसदी की उछाल आई है।

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First Published - December 4, 2023 | 11:08 PM IST

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