facebookmetapixel
Advertisement
आधार कार्ड से घर बैठे मिनटों में बनाएं अपना ई-पैन: जानें स्टेप-बाय-स्टेप पूरा ऑनलाइन प्रोसेससाइबर सुरक्षा पर साथ आए भारत-इजरायल, AI और रैंसमवेयर हमलों से निपटने के लिए बढ़ाएंगे सहयोगएयर इंडिया की सख्ती, हर पायलट को एक बार देना होगा साइकोएक्टिव पदार्थों का टेस्टभारत का कमोडिटी में बढ़ रह दबदबा! ग्लोबल इंटीग्रेशन की जरूरत; ईयरबुक भी हुई लॉन्चQ1 नतीजों से उछला टाटा ग्रुप का ये शेयर, पैसे लगाएं या नहीं? ब्रोकरेज को 47% तक तेजी की उम्मीदगाजा कैपिटल का IPO अगले हफ्ते खुलेगा, कंपनी ने तय किया प्राइस बैंड; ₹550 करोड़ जुटाने की योजनाकौन संभालेगा टाटा संस की कमान? चंद्रा के उत्तरा​धिकारी के लिए टाटा ट्रस्ट्स बनाएगा चयन समितिआईनॉक्स क्लीन एनर्जी में मोतीलाल ओसवाल समूह का बड़ा दांव, ₹1,500 करोड़ का करेगा निवेशAirtel ने हटाए ₹299 से ₹649 तक के प्लान, अब Vodafone Idea क्या करेगा? जानें किसे होगा ज्यादा फायदाStock Split: हर 1 शेयर के बदले मिलेंगे 10 शेयर, जुलाई में हुई थी इस कंपनी की लिस्टिंग; जानें रिकॉर्ड डेट

बाजार में उथलपुथल के बाद अब स्थिति है बेहतर

Advertisement

सबसे तेज यानी 14 फीसदी की गिरावट 2001 में संसद पर हमले के दौरान हुई थी, जो मोटे तौर पर प्रतिकूल वैश्विक परिस्थितियों के कारण हुई थी।

Last Updated- May 11, 2025 | 11:06 PM IST
Share Market

भारत के शेयर बाजारों ने परमाणु हथियार संपन्न पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ 11 बार टकरावों को झेला है। लेकिन इससे ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। आनंद राठी के अनुसार सबसे तेज यानी 14 फीसदी की गिरावट 2001 में संसद पर हमले के दौरान हुई थी, जो मोटे तौर पर प्रतिकूल वैश्विक परिस्थितियों के कारण हुई थी। उस दौरान भारतीय शेयरों ने एसऐंडपी 500 से भी बेहतर प्रदर्शन किया। करगिल युद्ध के चरम पर भी कोई गिरावट नहीं हुई और एफपीआई ने दोनों घटनाओं के दौरान खरीदारी जारी रखी।  लेकिन मौजूदा तनाव, जिसमें खुले तौर पर दुश्मनी और आधुनिक हथियार दोनों शामिल हैं, उस मजबूती की परख कर सकता है।

स्थिर रहने के बाद शुक्रवार को बाजार डगमगा गया और सेंसेक्स और निफ्टी में 1 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज हुई। एफपीआई ने 16 लगातार सत्रों में कुल 50,000 करोड़ रुपये की खरीद के बाद 3,800 करोड़ रुपये की बिकवाली की। विश्लेषकों का मानना है कि युद्ध विराम स्वागत योग्य राहत है, लेकिन अगर संघर्ष लंबा खिंचता तो इसका प्रभाव वास्तविक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता था। 

 

 

Advertisement
First Published - May 11, 2025 | 11:06 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement