facebookmetapixel
Advertisement
ब्रिटेन के रॉयल एयर फोर्स पायलटों को प्रशिक्षण देंगे भारतीयभारत 114 राफेल जेट खरीदेगा, ₹3.60 लाख करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरीअंतरिक्ष में एआई डेटा सेंटर चलाएगी अग्निकुल, भारतीय स्टार्टअप का बड़ा कदमकर्ज वसूली एजेंटों पर आरबीआई की सख्ती, जबरदस्ती और धमकी पर रोक का प्रस्तावहिंदुस्तान यूनिलीवर को दोगुना मुनाफा, आइसक्रीम कारोबार को अलग करने से मुनाफे पर सकारात्मक असरएआई के बढ़ते प्रभाव से आईटी सेक्टर पर संकट, कई शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर परआधार वर्ष 2024 के साथ जारी नई सीपीआई, जनवरी में महंगाई 2.75% परव्यापार समझौते व दुबे की टिप्पणी पर हंगामा, नहीं चला सदनभारत लौटें माल्या, फिर बात सुनेंगे: बंबई उच्च न्यायालयविनिर्माण क्षमता बढ़ाएगा बजट, नागरिकों को आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगा: FM सीतारमण

बाजार की तेजी में चमके ऐ​क्टिव फंड, औसतन 38 प्रतिशत का रिटर्न दिया

Advertisement

दो-तिहाई से ज्यादा ऐ​क्टिव लार्जकैप योजनाओं ने निफ्टी-100 के टोटल रिटर्न इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया

Last Updated- April 08, 2024 | 10:26 PM IST
FoF returned to glory, benefited from tax adjustment; Raised Rs 6,000 crore FOF में लौटी रौनक, टैक्स एडजस्टमेंट का मिला फायदा; 6,000 करोड़ रुपये जुटाए

वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान इ​क्विटी बाजार में आई व्यापक तेजी का फायदा फंड प्रबंधकों को भी हुआ। प्रमुख सूचकांकों से मुकाबले की बात हो तो पिछले रुझानों के विपरीत, ऐ​क्टिव लार्जकैप फंडों ने मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन किया।

वर्ष के दौरान, ऐ​क्टिव लार्जकैप फंडों ने औसत तौर पर 38 प्रतिशत प्रतिफल दिया, जो एनएसई निफ्टी 100 टोटल रिटर्न इंडेक्स (टीआरआई) से करीब 35 प्रतिशत ज्यादा है।
दो-तिहाई से ज्यादा सक्रिय योजनाओं ने इस सूचकांक से बेहतर प्रतिफल दिया है।

अपने पैसिव प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले इंडेक्स फंड और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) के प्रदर्शन में सुधार देखा गया। वैल्यू रिसर्च के आंकड़े से पता चलता है कि निफ्टी50 और सेंसेक्स के प्रदर्शन से चलने वाली ऐसी करीब 90 प्रतिशत योजनाओं ने सूचकांको की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।

विश्लेषकों के अनुसार प्रदर्शन में सुधार काफी हद तक ऐ​क्टिव योजनाओं के मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा निवेश की वजह से देखा गया। इन योजनाओं ने वित्त वर्ष 2024 की तेजी में लार्जकैप के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया।

विश्लेषकों ने इस मजबूत प्रदर्शन के लिए बाजार में व्यापक तेजी और एचडीएफसी बैंक जैसे इंडेक्स हैवीवेट के कमजोर प्रदर्शन को भी जिम्मेदार माना है। हालांकि ऐ​क्टिव लार्जकैप फंडों का प्रदर्शन अन्य लार्जकैप पैसिव सूचकांक निफ्टी नेक्स्ट-50 से कम रहा। इन सूचकांकों को ट्रैक करने वाली पैसिव योजनाओं ने वित्त वर्ष 2024 में 60 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न दिया।

मोतीलाल ओसवाल एएमसी में शोध प्रमुख (पैसिव फंड) महावीर कस्वा का कहना है कि निफ्टी नेक्स्ट 50 का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप है। उन्होंने कहा, ‘बाजार में तेजी के दौरान छोटे शेयरों में बड़े के मुकाबले ज्यादा चढ़ने की संभावना होती है। पिछले साल के अंत में निफ्टी नेक्स्ट-50 के प्रदर्शन को शेयर-चयन संबं​धित दिक्कतों की वजह से दबाव का सामना करना पड़ा था। इस साल इनमें सुधार आने से भी प्रदर्शन को ताकत मिली है।’

अदाणी समूह के शेयरों का जनवरी 2023 में ​​ जब हिंडनबर्ग रिपोर्ट के कारण खराब प्रदर्शन रहा तब निफ्टी नेक्स्ट-50 में इनका 10 प्रतिशत से ज्यादा भारांक था। अदाणी समूह के शेयरों में गिरावट के कारण निफ्टी नेक्स्ट-50 के प्रदर्शन पर दबाव पड़ा था। मजबूत तेजी से फैक्टर आधारित सूचकांकों के प्रदर्शन को भी मदद मिली।

Advertisement
First Published - April 8, 2024 | 10:26 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement