अमेरिकी हॉस्पिटैलिटी चेन हिल्टन होटल्स भारत को एशिया के सबसे आकर्षक बाजारों में से एक मानती है। कंपनी ने दक्षिण एशियाई बाजार में विस्तार की योजना बरकरार रखी है। हिल्टन के अध्यक्ष (एशिया पैसिफिक) एलन वाट्स ने मुंबई के होप सम्मेलन से पहले बिजनेस स्टैंडर्ड को दिए विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘भारत बड़े बदलाव से गुजर रहा है, जिससे चीन पहले गुजर चुका है।’
उन्होंने विस्तार से बताया, ‘चीन अभी वृद्धि के दो सबसे अच्छे दशकों से निकला है। इस दौरान उसके बुनियादी ढांचे में भी बहुत वृद्धि देखी गई। भारत अब उस राह की शुरुआत में है और जनसंख्या, बाहरी और भीतरी बिजनेस की संभावना और मजबूत घरेलू रुझान के साथ भारत वर्तमान में एशिया में सबसे आकर्षक बाजार है।’
दुनिया भर में 9,100 से ज़्यादा होटलों वाली यह कंपनी भारतीय बाजार में ब्रांडेड कमरों की मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर का फायदा उठाना चाहती है।
वॉट्स ने कहा, ‘भारत अभी दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे कम आपूर्ति वाला हॉस्पिटैलिटी बाजार है। यहां लास वेगास की तुलना में कम ब्रांडेड होटल कमरे हैं, जो हमारी जैसी कंपनियों के लिए फायदे की बात है।’
वैश्विक होटल कंपनी नए होटलों के लिए समझौतों से इस कमी को पूरा कर रही है। इसमें सबसे नया गोवा में 148 कमरों वाला बीचफ्रंट वाल्डोर्फ एस्टोरिया ब्रांडेड रिजॉर्ट है, जो जयपुर और दिल्ली के बाद देश में उसकी तीसरी लग्जरी प्रॉपर्टी है। यह 2029 में खुलने वाला है। वाल्डोर्फ एस्टोरिया कंपनी के ब्रांडस्केप में सबसे ऊपर है, जिसमें कॉनराड, एलएक्सआर और डबलट्री जैसे नाम शामिल हैं।
हिल्टन के अभी भारत में 38 होटल हैं और 47 पर काम चल रहा है। कंपनी ने पिछले साल 22.6 फीसदी की रेवपार (प्रति उपलब्ध कमरा राजस्व) वृद्धि और उसी समय भारत में ऑक्यूपेंसी में दो अंक की वृद्धि दर्ज की। उन्होंने कहा, ‘मुझे भविष्य में कोई ऐसी आर्थिक घटना या रुकावट नहीं दिख रही है जिससे बिजनेस धीमा हो जाए। अभी जो कुछ भी मैक्रो नजरिए से हो रहा है, जिसमें भूराजनीतिक भी शामिल है, वह भारत के पक्ष में काम करता लग रहा है।’
उन्होंने कहा, ‘लगातार इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ भारत में ट्रैवल और टूरिज्म के लिए बहुत लंबी राह है और यह एशिया में सबसे ज्यादा संभावना वाला बाजार बना हुआ है।’