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पर्सनल लोन को पछाड़कर गोल्ड लोन बना नंबर 2, सोने की बढ़ती कीमतों ने बदला कर्ज का बाजार

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सोने की आसमान छूती कीमतों के कारण गोल्ड लोन अब पर्सनल लोन से आगे निकलकर देश का दूसरा सबसे बड़ा रिटेल लोन सेगमेंट बन गया है

Last Updated- February 25, 2026 | 10:46 PM IST
Loan
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

सोने पर अब लोग खूब ऋण ले रहे हैं। दिसंबर में समाप्त वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में पर्सनल लोन को पीछे छोड़ते हुए यह आवास के बाद अब दूसरा सबसे बड़ा खुदरा ऋण खंड बन गया है। दिसंबर 2025 तक सोने पर ऋण का पोर्टफोलियो 16.2 लाख करोड़ रुपये था, जबकि पर्सनल लोन का पोर्टफोलियो 15.9 लाख करोड़ रुपये रहा। दूसरी ओर इस अवधि में आवास ऋण का पोर्टफोलियो लगभग 43 लाख करोड़ रुपये के साथ सबसे बड़ा खंड बना रहा। मैक्वेरी कैपिटल के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 24 की पहली तिमाही से उपभोग ऋणों (कंजम्प्शन लोन) में गोल्ड लोन का अनुपात दोगुना हो गया।

वित्त वर्ष 24 की पहली तिमाही में गोल्ड लोन कुल 78 लाख करोड़ रुपये के उपभोग ऋणों का 7.2 प्रतिशत रहा। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में इसकी हिस्सेदारी बढ़कर 14.3 प्रतिशत हो गई, जबकि कुल उपभोग ऋण 113.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कुल मिलाकर इस अवधि में गोल्ड लोन का आधार लगभग तीन गुना हो गया यानी वित्त वर्ष 24 की पहली तिमाही में यह 5.6 लाख करोड़ रुपये था जो वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में बढ़कर 16.2 लाख करोड़ रुपये हो गया। मैक्वेरी कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पिछले दो वर्षों में गोल्ड लोन ने 30 प्रतिशत से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) दर्ज की है, जो पर्सनल लोन की वृद्धि दर से दोगुने से भी अधिक है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मूल्य के आधार पर कुल गोल्ड लोन का 45 से 50 प्रतिशत हिस्सा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का है, जबकि वॉल्यूम के आधार पर 45 से 50 प्रतिशत योगदान गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) का है।

मैक्वेरी कैपिटल ने कहा, ‘इस वृद्धि का बड़ा हिस्सा पिछले कुछ वर्षों में सोने की कीमतों में हुई तेजी के कारण आया है। सोने की कीमतें पिछले कुछ ही वर्षों में लगभग दोगुनी हो चुकी हैं।’ ब्रोकरेज का मानना है कि आरबीआई इस सेगमेंट पर अधिक सतर्क रुख अपना सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि यद्यपि पहले ही कई नियमों में बदलाव  किए जा चुके हैं, लेकिन यदि सोने की कीमतों में तेज वृद्धि जारी रहती है तो नए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

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First Published - February 25, 2026 | 10:46 PM IST

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