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मास्क पहनें, खत्म नहीं हुआ कोरोना

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Last Updated- December 22, 2022 | 12:02 AM IST
wear a mask, corona is not over

चीन सहित कुछ देशों में कोविड-19 के मामलों में तेजी के मद्देनजर सरकार ने लोगों को मास्क पहनने और कोविड-रोधी टीका लगवाने की सलाह दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में आज हुई उच्च स्तरीय बैठक में भारत में कोविड की स्थिति और इसकी तैयारी की समीक्षा के बाद सरकार ने यह सलाह दी है। मांडविया ने अधिकारियों से कहा कि कोविड अभी खत्म नहीं हुआ है, इसलिए उन्हें सतर्क रहना और निगरानी तंत्र को सुदृढ़ बनाना चाहिए।

चीन में कोविड संक्रमण बढ़ने के पीछे कोरानावायरस के बीएफ.7 स्वरूप को जिम्मेदार माना जा रहा जो बेहद संक्रामक है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि भारत में अभी तक बीएफ.7 के तीन मामलों की पुष्टि हुई है। पहला मामला जुलाई में गुजरात में सामने आया था। इसके बाद राज्य में एक और मामले की पुष्टि हुई तथा तीसरा मामला ओडिशा में देखा गया। उक्त अधिकारी ने कहा कि इस स्वरूप का पता लगने के बाद से संक्रमण में कोई तेजी नहीं देखी गई।

मांडविया ने अधिकारियों से कहा कि विशेष रूप से आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए कोविड-19 के नए और उभरते स्वरूपों के खिलाफ सतर्क और तैयार रहना महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों से पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा। बैठक में नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य वीके पॉल, कई वरिष्ठ अधिकारी और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े विशेषज्ञ शामिल थे।

पॉल ने कहा कि अन्य बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों या अधिक उम्र के लोगों के लिए एहतियात बेहद महत्त्वपूर्ण है। हालांकि उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए नियमों में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया है। देश में कोरोना संक्रमितों के मामलों में लगातार कमी आ रही है और 19 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में औसतन दैनिक मामले घटकर 158 रह गए हैं। हालांकि पिछले छह हफ्तों में वैश्विक स्तर पर दैनिक मामलों में लगातार तेजी देखी जा रही है और 19 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में प्रतिदिन औसतन 5.90 लाख मामले सामने आए। चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और अमेरिका में बढ़ते मामलों ने दुनिया भर में चिंता पैदा कर दी है। महाराष्ट्र ने भी कहा है कि वह राज्य में कोविड-19 की स्थिति पर नजर रखने के लिए केंद्र के साथ मिलकर एक कार्यबल का गठन करेगा।

राज्य के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा था कि पड़ोसी देशों में कोविड के बढ़ते मामलों के मद्देनजर महाराष्ट्र ने स्थिति पर नजर रखने के लिए एक कार्यबल गठित करने का निर्णय किया है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य सचिव संजय खंडारे ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि कई देशों में कोरोना के मामले बढ़ने को ध्यान में रखते हुए जीनोम सीक्वेंसिंग में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने कहा, ‘हम वायरस के किसी भी नए स्वरूप के प्रसार का पता लगाने के लिए अधिक संख्या में संपूर्ण जीनोम सीक्वेंसिंग करेंगे।’ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए प्रवेश निकास स्थल पर प्रतिबंध के संबंध में खंडारे ने कहा कि यह केंद्र को तय करना है।

महाराष्ट्र में हाल के समय में संक्रमण के मामलों में किसी तरह की तेजी नहीं दिखी है। मंगलवार को राज्य में केवल 20 नए मामले दर्ज किए गए। ऐसे में महाराष्ट्र शून्य कोविड राज्य की ओर बढ़ रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्य अपने कार्यबल के माध्यम से कई चीजों की निगरानी कर सकते हैं, जैसे कि कहीं भी नए स्वरूप का पता लगाना, चाहे उस क्षेत्र में संक्रमण के मामलों में कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई हो।

यह भी पढ़े: चीन में कोरोना के मामलों में तेजी से दुनिया भर में चिंता

राज्य इन नए स्वरूपों के नैदानिक जांच पर भी नजर रख सकते हैं। सूत्रों ने कहा, ‘यदि चिंता के कोई लक्षण दिखते हैं तो राज्य उसी हिसाब से तैयारी कर सकते हैं।’ केंद्रीय कार्यबल भी काम करना जारी रखेगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों से जीनोम सीक्वेंसिंग बढ़ाने और सभी संक्रमित नमूनों को निर्दिष्ट इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोम कंसोर्टियम प्रयोगशालाओं को भेजने के लिए कहा है।

कोविड-19 के मौजूदा स्वरूपों के रुझान की निगरानी करने पर भी जोर देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, ‘इस तरह की कवायद से देश में वायरस के किसी नए स्वरूप का समय पर पता लगाने में मदद मिलेगी और इसके लिए आवश्यक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय करने में भी सहूलियत होगी।’ अमेरिका के महामारी विज्ञानी और स्वास्थ्य अर्थशास्त्री एरिक फेगल-डिंग ने ट्वीट में कहा था कि उनका अनुमान है कि अगले 90 दिनों में चीन की 60 फीसदी आबादी और दुनिया की 10 फीसदी आबादी के संक्रमित तथा लाखों लोगों की मौत होने की आशंका है।

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First Published - December 21, 2022 | 10:33 PM IST

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