facebookmetapixel
नया साल, नया मनी प्लान! निवेश, बचत और वेल्थ बनाने की रणनीति, याद रखें एक्सपर्ट के 4 टिप्सCIBIL स्कोर अच्छा होने के बावजूद क्रेडिट कार्ड क्यों होता है रिजेक्ट? एक्सपर्ट ने बताए कारणभारत की सर्विसेज PMI दिसंबर में 11 महीने के निचले स्तर पर, नए ऑर्डर में दिखी सुस्ती2026 तक 52 डॉलर तक गिर सकता है कच्चा तेल? रुपये में भी लौटेगी मजबूती! जानें क्या कह रहे हैं एक्सपर्टSenior Citizen FD Rates: PSU, Private या SFB, कौन दे रहा है सीनियर सिटीजन को सबसे ज्यादा ब्याज?Q3 अपडेट के बाद 4% टूटा दिग्गज FMCG शेयर, लेकिन ब्रोकरेज को भरोसा; ₹625 के दिए टारगेटअमेरिका-वेनेजुएला तनाव के बीच सोना-चांदी में ताबड़तोड़ तेजी, एक्सपर्ट ने बताया- इन धातुओं में कितना निवेश करेंGold silver price today: चांदी फिर 2.50 लाख पार, सोना भी हुआ महंगा; चेक करें आज के रेटदूध के साथ फ्लेवर्ड दही फ्री! कहानी क्विक कॉमर्स की जो बना रहा नए ब्रांड्स को सुपरहिटWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड की लहर! IMD ने जारी किया कोहरा-बारिश का अलर्ट

‘पुराने वाहनों पर लगेगा कर’

Last Updated- December 12, 2022 | 9:15 AM IST

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज कहा कि उनके विभाग ने पुराने वाहनों पर ‘हरित कर’ लगाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जो पर्यावरण को प्रदूषित कर रहे हैं। इसे औपचारिक रूप से अधिसूचित किए जाने के पहले यह प्रस्ताव परामर्श के लिए राज्यों के पास भेजा जाएगा।
प्रस्ताव के मुताबिक 8 साल से पुराने ट्रांसपोर्ट वाहनों के ऊपर फिटनेस प्रमाणपत्र के नवीकरण के समय 10 से 25 प्रतिशत तक पथकर लगाया जा सकता है। साथ ही निजी वाहनों के लिए 15 साल बाद पंजीकरण का नवीकरण कराने के वक्त इतना ही शुल्क लगाया जा सकता है।
परिवहन के सार्वजनिक साधनों, जैसे सिटी बसों पर कम हरित कर लगाया जाएगा।
बहुत ज्यादा प्रदूषित शहरों में पंजीकरण होने पर वाहन पर ज्यादा हरित कर (पथकर का 50 प्रतिशत) लिया जाएगा। साथ ही करों की दरें वाहन के ईंधन (डीजल या पेट्रोल) और वाहन के प्रकार पर भी निर्भर होंगी।
स्ट्रॉग हाइब्रिड, इलेक्ट्रिक वाहन और वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले वाहन जैसे सीएनजी, एथेनॉल, एलपीजी आदि से चलने वाले वाहनों को छूट दी जाएगी। साथ ही कृषि वाहन, जैसे ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, टिलर आदि भी छूट के दायरे में आएंगे। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि हरित कर से एकत्र किया गया राजस्व अलग खाते में रखा जाएगा और इसका इस्तेमाल प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के लिए होगा और राज्य सरकारें उत्सर्जन निगरानी की सुविधाएं स्थापित करेंगी।
मंत्री ने सरकारी विभागों व पीएसयू में चलने वाले 15 साल से ज्यादा उम्र के वाहनों के रजिस्ट्रेशन खत्म करने व उनके स्क्रैपिंग की नीति को भी मंजूरी दे दी है। इसे अधिसूचित किया जाएगा और 1 अप्रैल 2022 से कानून प्रभावी होगा।
अनुमान है कि वाहन से होने वाले प्रदूषण में वाणिज्यिक वाहनों की हिस्सेदारी 65-70 प्रतिशत है, जिनकी कुल वाहनों में हिस्सेदारी करीब 5 प्रतिशत है। 2000 के पहले के बने पुराने वाहनों की संख्या कुल बेड़े में 1 प्रतिशत से भी कम है, जबकि इनकी वाहन से होने वाले कुल प्रदूषण में हिस्सेदारी करीब 15 प्रतिशत है। बयान में कहा गया है कि ये पुराने वाहन आधुनिक वाहनों की तुलना में 10 से 25 गुना ज्यादा प्रदूषण फैलाते है।

First Published - January 25, 2021 | 11:26 PM IST

संबंधित पोस्ट