हाल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार देश में स्वस्थ रहने से जुड़े एहतियाती स्वास्थ्य देखभाल सेवा क्षेत्र का दायरा वर्ष 2025 तक 197 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच सकता है। एहतियाती स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में फिटनेस, वेलनेस, स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों आदि का बाजार शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार इस बाजार में सालाना 22 फीसदी की चक्रवृद्धि दर देखी जा रही है। यह रिपोर्ट सलाहकार कंपनी रेडसियर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स ने चिराते वेंचर्स और एमेजॉन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) के सहयोग से एहतियाती स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं की मौजूदा स्थिति पर एक रिपोर्ट पेश की है।
चिराते वेंचर्स के संस्थापक सुधीर सेठी ने कहा, ‘भारत तेजी से विकसित हो रही तकनीकों के माध्यम से एक अरब लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देना चाहता है तो किफायती होने के साथ ही सुलभ हो और व्यक्तिगत स्वास्थ्य सेवाएं देने में सक्षम हो। हमने भारत में क्योरडॉट फिट, रेडक्लिफ, हेल्दीफाई मी, स्माइल्स डॉट मी, हेल्थप्लिक्स, ऑनको जैसी अन्य कंपनियों में 15 करोड़ डॉलर से अधिक का निवेश किया है जो पौष्टिक सामग्री, वेलनेस, कैंसर, जीनोमिक्स और अन्य अहम क्षेत्रों के लिए काम कर रही हैं।’भारत पारंपरिक रूप से रोगों के निवारण की जगह उसके उपचार पर ध्यान देता रहा है। हालांकि कोरोना महामारी के बाद लोगों का ध्यान रोगों के निवारण पर गया है। एक सर्वे में पाया गया कि 1,000 से अधिक व्यक्तियों में से 40 फीसदी से अधिक का झुकाव निवारक स्वास्थ्य की ओर था।