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फैविपिराविर की मंजूरी में दिखेगी तेजी

Last Updated- December 15, 2022 | 8:16 PM IST

रूस ने कोविड-19 से संक्रमित रोगियों के उपचार के लिए फैविपिराविर दवा एविफैविर के उपयोग को मंजूरी दे दी है। इससे भारत में भी इस एंटीवायरल दवा को जल्द मंजूरी मिलने के आसार दिख रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि देश में फिलहाल इसका परीक्षण चल रहा है और इससे ठोस आंकड़े मिलने के बाद इस दवा को जल्द मंजूरी मिल सकती है।
फिलहाल मुंबई की कंपनी ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स कोविड-19 के उपचार के लिए दो संभावित एंटीवायरल दवाओं फैविपिराविर और उमीफेनोविर की प्रभावकारिता परखने के लिए तीसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण कर रही है। कंपनी ने दावा किया है कि इन दो एंटीवायरल दवाओं में अगल-अलग क्रिया होती है और उसका कंबिनेशन बीमारी के शुरुआती चरण में रोगियों बेहतर उपचार प्रभावकारिता प्रदर्शित कर सकता है। उद्योग के एक सूत्र ने बताया कि ग्लेनमार्क द्वारा डेटा प्रस्तुत किए जाने के बाद लगभग 100 कंपनियां देश में फैविपिराविर को लॉन्च करने के लिए तैयार है।
वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने संकेत दिया कि कोविड-19 के उपचार के लिए कोई भी संभावना दिखाने वाली किसी भी दवा को समीक्षा के लिए रखी जाती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘रेमडेसिविर के लिए चार वैश्विक क्लीनिकल परीक्षण से प्राथमिक आंकड़े प्राप्त हुए हैं और इसलिए उसकी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी आई है। जहां तक फैविपिराविर का सवाल है तो रूस ने इसे मंजूरी दे दी है। लेकिन हमारे पास फिलहाल कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।’ उन्होंने कहा कि फिलहाल जारी क्लीनिकल परीक्षण से जैसे ही कुछ ठोस आंकड़े सामने आएंगे, इस दवा के लिए भी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी आएगी। उन्होंने कहा, ‘जब तक इस दवा का कोई निश्चित लाभ नहीं दिखता, तब तक हम रोगियों को जोखिम में नहीं डाल सकते हैं। इसलिए हमारा दृष्टिकोण विवेकपूर्ण है।’
क्लीनिकल परीक्षण से प्राप्त आंकड़ों के अभाव में केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विशेषज्ञ समिति किसी दवा को मंजूरी देने पर विचार करने के लिए आवेदन की समीक्षा कर सकती है।
इस बीच, ग्लेनमार्क 150 रोगियों पर इस दवा का तीसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण कर रही है। इस परीक्षण के लिए मरीजों की सूची बनाई जा रही है। इस दवा का इस्तेमाल मुंबई के कुछ अस्पतालों द्वारा किया जा रहा है। इस मामले के एक करीबी सूत्र ने कहा कि कंपनी जल्द ही दवा नियामक को इस परीक्षण के आंकड़े सौंप सकती है। उन्होंने कहा, ‘वह सीडीएससीओ के साथ नियमित तौर पर बातचीत कर रही है और उन्हें ताजा जानकारियों से अवगत करा रही है। अब तक प्राप्त आंकड़े प्रस्तुत किए जा सकते हैं।’
ग्लेनमार्क फार्मा ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया कि इस दवा को कितनी जल्दी मंजूरी मिलने की उम्मीद है। कंपनी ने कहा कि दो एंटीवायरल दवाओं के कंबिनेशन से बेहतर नैदानिक प्रभाव दिख सकता है। ये दोनों दवाएं खाने योग्य हैं।

First Published - June 3, 2020 | 11:23 PM IST

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