facebookmetapixel
2025 में भारत के शीर्ष 20 स्टार्टअप ने फंडिंग में बनाई बढ़त, पर छोटे स्टार्टअप को करना पड़ा संघर्षReliance Q3FY26 results: आय अनुमान से बेहतर, मुनाफा उम्मीद से कम; जियो ने दिखाई मजबूतीभारत-जापान ने शुरू किया AI संवाद, दोनों देशों के तकनीक और सुरक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तारभारत अमेरिका से कर रहा बातचीत, चाबहार बंदरगाह को प्रतिबंध से मिलेगी छूट: विदेश मंत्रालयIndia-EU FTA होगा अब तक का सबसे अहम समझौता, 27 जनवरी को वार्ता पूरी होने की उम्मीदStartup India के 10 साल: भारत का स्टार्टअप तंत्र अब भी खपत आधारित बना हुआ, आंकड़ों ने खोली सच्चाई‘स्टार्टअप इंडिया मिशन ने बदली भारत की तस्वीर’, प्रधानमंत्री मोदी बोले: यह एक बड़ी क्रांति हैसरकार की बड़ी कार्रवाई: 242 सट्टेबाजी और गेमिंग वेबसाइट ब्लॉकआंध्र प्रदेश बनेगा ग्रीन एनर्जी का ‘सऊदी अरब’, काकीनाडा में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा अमोनिया कॉम्प्लेक्सBMC Election: भाजपा के सामने सब पस्त, तीन दशक बाद शिवसेना का गढ़ ढहा

ब्लैक फंगस की दवाओं पर अदालत ने दिया निर्देश

Last Updated- December 12, 2022 | 4:07 AM IST

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र को ब्लैक फंगस के उपचार में उपयोगी लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन बी के वितरण के लिए नीति बनाने एवं मरीजों की प्राथमिकता बताने का निर्देश दिया ताकि सभी नहीं तो कुछ जिंदगियां बचाई जा सकें। उच्च न्यायालय ने कहा कि दवा देते समय यह ध्यान रखा जाए कि जिनके जीवित रहने की बेहतर संभावना है, उन्हें एवं कम आयु वर्ग के लोगों को उन वृद्धों की तुलना में प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिन्होंने अपनी जिंदगी जी ली है।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह के पीठ ने कहा कि केंद्र अपनी नीति में यह अपवाद कर सकता है कि जो शीर्ष पदों पर राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं और जिसकी सुरक्षा उनकी अहम भूमिकाओं के चलते जरूरी है, उन्हें यह दवा दी जाए। उसने कहा कि इस दवा की दिल्ली समेत पूरे देश में पिछले दो सप्ताह से कमी है।
अदालत ने कहा कि यह सही वक्त है कि विभिन्न रोगों के मरीजों के उपचार के लिए दिशानिर्देश तय करने वाली भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ब्लैक फंगस के उपचार के सिलसिले में लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन-बी, एम्फोटेरिसिन-बी, और पोसाकोनाजोन के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करे।    

टीके की 100 खुराक, 400 की कतार
पढ़ाई के लिए विदेश जाने के इच्छुक कई छात्रों को मुंबई के सरकारी राजावाड़ी अस्पताल में लगातार दूसरे दिन कोरोनावायरस रोधी टीके की खुराक नहीं मिलने से बिना टीका लिए ही लौटना पड़ा। वृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने पिछले सप्ताह ऐसे छात्रों के लिए सोमवार से बुधवार तक शहर के कस्तूरबा अस्पताल, राजावाड़ी अस्पताल और कूपर अस्पताल से बिना पंजीकरण के वॉक-इन टीकाकरण की घोषणा की थी। सूत्रों ने बताया कि बीएमसी ने मंगलवार को इस श्रेणी के तहत 500 टीके की खुराक आवंटित की थी। कस्तूरबा और कूपर अस्पतालों को 200-200 खुराक और राजावाड़ी अस्पताल को 100 खुराक मिली थी। लेकिन राजावाड़ी अस्पताल में सुबह बड़ी संख्या में छात्र आ गए।
छात्र संदेश अवहद ने बीएमसी और महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे को टैग कर ट्वीट किया, ‘हमलोग राजावाड़ी, घाटकोपर में टीकाकरण के लिए कतार में लगे हैं। टीकों की 100 खुराक आवंटित की गई है और कतार में 400 से अधिक लोग हैं। कृपया यह सुनिश्चित करें कि हम सभी को टीका मिले।’     भाषा

First Published - June 1, 2021 | 11:11 PM IST

संबंधित पोस्ट