राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग से लेकर सामाजिक संगठनों की तमाम अपीलों के बाद भी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के चौथे चरण में मतदान पहले का रिकॉर्ड नहीं तोड़ सका। इस चरण में नौ जिलों की 59 सीटों पर करीब 60 फीसदी मतदान हुआ है। चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक शाम पांच बजे तक 57.45 फीसदी मतदान हुआ था।
पिछले विधानसभा चुनावों में इस चरण में 62.55 फीसदी मतदान हुआ था। इस बार भी राजधानी लखनऊ और उन्नाव में मतदान सबसे कम 55 फीसदी से भी नीचे रहा जबकि किसान आंदोलन से सुर्खियों में आए लखीमपुर जिले और पड़ोसी पीलीभीत में इस चरण में सबसे ज्यादा मतदान हुआ है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ब्रह्मदेव राम तिवारी के मुताबिक शाम पांच बजे तक चौथे चरण में बांदा में 57.49 फीसदी, फतेहपुर में 56.96, हरदोई में 55.40, लखनऊ में 54.98 और सीतापुर में 58.30 फीसदी मतदान हुआ है। सबसे ज्यादा लखीमपुर में 62.45 फीसदी, पीलीभीत में 61.42, रायबरेली में 58.32 तो उन्नाव में सबसे कम 54.12 फीसदी मतदान शाम पांच बजे तक दर्ज किया गया।चौथे चरण में बुधवार को अवध क्षेत्र के सात और बुंदेलखंड के दो जिलों में मतदान हुआ। ईवीएम में खराबी की कुछ शिकायतों को छोड़ कर मतदान शांतिपूर्ण रहा। समाजवादी पार्टी ने कई जगहों पर मतदान में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को शिकायतें भेजी हैं। सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी के मुताबिक लखनऊ में कई विधानसभा क्षेत्रों में ईवीएम खराब होने से घंटों तक मतदान बाधित रहा और मतदाता परेशान हुए।