facebookmetapixel
Advertisement
उत्तर प्रदेश में बिजली लाइन लॉस घटा, बकाया वसूली में भी तेजी; अभियान से ₹654 करोड़ जुटाएपर्पल स्टाइल लाएगी ₹660 करोड़ का IPO, शाहरुख-सचिन और माधुरी दीक्षित समेत इन सेलिब्रिटीज के लगे हैं पैसेएयरटेल के प्रीपेड प्लान में बदलाव, ARPU में 4 से 12 रुपये तक की वृद्धि संभवसोने-चांदी में तेजी के संकेत, अगले हफ्ते कहां तक जाएंगे भाव?Explainer: म्युचुअल फंड में ₹3,811 करोड़ अनक्लेम्ड, कहीं आपका पैसा तो नहीं? ऐसे करें चेक और क्लेमइस हफ्ते खुलेंगे 8 नए IPOs, ₹5,499 करोड़ से ज्यादा जुटाएंगी कंपनियांशेयर बाजार की इस हफ्ते कैसी रहेगी चाल? अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल और फेड के फैसले पर टिकी नजरेंभारतीय शेयर बाजार में फिर बढ़ा विदेशी निवेशकों का भरोसा, अगस्त में अब तक लगाए 16,621 करोड़ रुपयेशेयर बाजार में मंदी की मार, टॉप-5 कंपनियों के ₹1 लाख करोड़ स्वाहा; TCS को लगा सबसे बड़ा झटकापश्चिम एशिया संकट से सरकार ने लिया सबक, LPG उत्पादन के लिए 21 रिफाइनरियों को दिए नए टारगेट

G20 की वार्ता में मुख्य अड़चनें पश्चिम एशिया और यूक्रेन

Advertisement

ब्राजील भुखमरी और गरीबी के खिलाफ ग्लोबल अलायंस का नेतृत्व कर रहा है और नेताओँ की इस शिखरवार्ता में आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा।

Last Updated- November 18, 2024 | 6:29 AM IST
Main obstacles in G20 talks are West Asia and Ukraine G20 की वार्ता में मुख्य अड़चनें पश्चिम एशिया और यूक्रेन

ब्राजील की अध्यक्षता में रियो डी जनेरियो में सोमवार से शुरू होने वाली जी 20 के नेताओं की शिखरवार्ता में भूराजनीतिक मुद्दे हावी रहने की संभावना है। इस शिखर सम्मेलन में वार्ताकारों को सभी देशों के लिए स्वीकार्य संयुक्त वक्तव्य की भाषा तय करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जी 20 के एक वार्ताकार ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि सऊदी अरब, तुर्किये इंडोनेशिया जैसे देशों का जोर इजरायल का नाम लेने और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की युद्धविराम की घोषणा पर है।

वार्ताकार ने बताया, ‘वार्ताएं जटिल हैं और यह महत्त्वपूर्ण मुकाम पर पहुंच चुकी हैं। अभी तक कुछ भी तय नहीं किया गया है। भूराजनीति, जलवायु और व्पापार को लेकर चर्चाओँ का दौर जारी हैं। पश्चिम एशिया और यूक्रेन को लेकर पैराग्राफ पर बातचीत की जा रही है। यह जानकारी अंतिम समय पर ही मिल पाएगी कि संयुक्त घोषणा होगी या नहीं। एक-दूसरे की विरोधी पक्ष चीन और अमेरिका में संरक्षणवाद और मार्केट की पहुंच प्रमुख मुद्दे हैं। हालांकि (डॉनल्ड) ट्रंप की जीत का प्रभाव चर्चा पर नहीं पड़ना है लेकिन जलवायु परिवर्तन को लेकर बातचीत पर प्रभाव पड़ सकता है।’

ब्राजील ने अपनी अध्यक्षता में ‘न्यायसंगत विश्व और टिकाऊ ग्रह का निर्माण’ पर चर्चा का फैसला किया। ब्राजील ने भुखमरी, गरीबी और असमानता से लड़ते हुए चिरस्थायी विकास और वैश्विक गवर्नेंस सुधार पर ध्यान केंद्रित किया है।

ब्राजील भुखमरी और गरीबी के खिलाफ ग्लोबल अलायंस का नेतृत्व कर रहा है और नेताओँ की इस शिखरवार्ता में आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा। इस अलायंस का ध्येय इन गंभीर संकटों के खिलाफ तकनीकी और वित्तीय संसाधनों को जुटाकर पब्लिक पॉलिसियों का पूल को बढ़ावा देना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा पर हैं और वे जी 20 के नेताओं की शिखरवार्ता में हिस्सा लेंगे। मोदी ने अपनी यात्रा से पहले शनिवार को कहा था, ‘मैं ब्राजील में 19वीं जी20 शिखरवार्ता में शामिल होऊंगा। मैं ट्रॉइका सदस्य के रूप में इस शिखरवार्ता में शामिल होऊंगा। भारत ने बीते साल अपनी अध्यक्षता में सफल आयोजन किया और इसके एजेंडे में ‘ग्लोबल साउथ’ की प्राथमिकताओं को प्रमुख तौर पर उठाया था। इस साल ब्राजील ने भारत की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाया है। मैं ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ के हमारे सार्थक नजरिये को ध्यान में रखते हुए सार्थक चर्चा की आशा करता हूं।’

ट्रॉइका प्रणाली का सदस्य होने के नाते भारत जी 20 के संचालन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ट्रॉइका प्रणाली में समूह की बीते वर्ष प्रेजिडेंसी करने वाला (भारत), इस साल का प्रेजिडेंट (ब्राजील) और अगले साल का प्रेजिडेंट (दक्षिण अफ्रीक) हैं। भारत और दक्षिण अफ्रीका ब्राजील को मदद दे रहे हैं ताकि नीतियों और एजेंडे को आगे बढ़ाना सुनिश्चित रखा जा सके।

Advertisement
First Published - November 18, 2024 | 6:29 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement