facebookmetapixel
Swiggy, Jio Financial समेत इन 5 शेयरों में बना Death Cross, चेक करें चार्टBudget 2026 से पहले Tata के इन 3 स्टॉक्स पर ब्रोकरेज बुलिश, 30% अपसाइड तक के दिए टारगेट27 जनवरी को देशभर में बैंक हड़ताल! 8 लाख बैंक कर्मी क्यों ठप रखेंगे कामकाज?PhonePe IPO: वॉलमार्ट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट बेचेंगे ₹10,000 करोड़ से ज्यादा की हिस्सेदारीनिफ्टी की रफ्तार पर ब्रेक! PL कैपिटल ने घटाया टारगेट, बैंक से डिफेंस तक इन सेक्टरों पर जताया भरोसाबजट से पहले बड़ा संकेत! डिफेंस और इंफ्रा बनेंगे गेमचेंजर, निफ्टी को भी मिल सकती है नई रफ्तारगिरा तो खरीदो! एक्सपर्ट बोले- सोने की चमक और तेज होगी, ₹2.3 लाख तक जा सकता है भावShadowfax IPO को अप्लाई करने का आखिरी मौका, दांव लगाए या नहीं? ग्रे मार्केट यह दे रहा इशारा52% चढ़ सकता है, Eternal के शेयर पर ब्रोकरेज का बड़ा अपडेट; Q3 में 73% उछल गया मुनाफाGold and Silver Price Today: सोने की कीमतों में नरमी, चांदी में बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत

टैरिफ के चपेट में यूरोपीय यूनियन और मेक्सिको! ट्रंप ने 30% आयात शुल्क लगाने का किया ऐलान

ट्रंप ने मेक्सिको और यूरोपीय यूनियन से आयातित सामान पर 30% शुल्क लगाने का ऐलान किया, जिससे वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा असर पड़ सकता है।

Last Updated- July 12, 2025 | 7:21 PM IST
US President Donald Trump on India US trade deal
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप | फाइल फोटो

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को मेक्सिको और यूरोपीय यूनियन (EU) से आने वाले सामानों पर 1 अगस्त से 30% टैरिफ लगाने की घोषणा की। यह फैसला कई हफ्तों की व्यापारिक बातचीत के नाकाम रहने के बाद लिया गया। ट्रंप ने इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल के जरिए दी। 

इससे पहले, ट्रंप ने जापान, दक्षिण कोरिया, कनाडा और ब्राजील जैसे देशों पर भी नए टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। इसके अलावा, उन्होंने तांबे पर 50% टैरिफ लगाने का ऐलान भी किया। इन कदमों से अमेरिका के ट्रेड वॉर का दायरा और बढ़ गया है। 

Also Read: US Tariff: अमेरिका के साथ व्यापार डील में भारत को मिल सकती है राहत, टैरिफ 20% से नीचे तय होने की उम्मीद

यूरोपीय यूनियन की टूटी उम्मीदें!

यूरोपीय यूनियन को उम्मीद थी कि वह अमेरिका के साथ एक व्यापक व्यापार समझौता कर लेगा, जिसमें औद्योगिक सामानों पर जीरो टैरिफ की नीति शामिल हो। लेकिन, महीनों की मुश्किल बातचीत के बाद यह साफ हो गया कि 27 देशों का यह समूह शायद एक अस्थायी समझौते तक ही सीमित रहेगा। EU को अब भी यह उम्मीद है कि भविष्य में कोई बेहतर समझौता हो सकता है। 

हालांकि, EU के अंदर भी टैरिफ को लेकर अलग-अलग राय है। जर्मनी जैसे बड़े देश जल्द से जल्द से जल्द समझौता करना चाहते हैं ताकि उनकी औद्योगिक अर्थव्यवस्था को नुकसान न हो। वहीं, फ्रांस जैसे देशों का कहना है कि अमेरिका के एकतरफा शर्तों पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए। ट्रंप के इन नए टैरिफ से अमेरिकी सरकार को हर महीने अरबों डॉलर की अतिरिक्त आय होने लगी है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जून तक चले वित्तीय वर्ष में अमेरिका ने सीमा टैरिफ से 100 अरब डॉलर से ज्यादा की कमाई की। 

हालांकि, ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि ट्रंप का यह कदम अमेरिका के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों के साथ तनाव बढ़ा सकता है। मेक्सिको और EU दोनों ही इस फैसले का जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं। ट्रेड एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह नया टैरिफ वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर सकता है।

First Published - July 12, 2025 | 7:07 PM IST

संबंधित पोस्ट