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संयुक्त राष्ट्र ने सूखा प्रभावित जिम्बाब्वे के लिए देशों से की 43 करोड़ डॉलर की सहायता की अपील

जिम्बाब्वे कृषि पर निर्भर देश है और एक समय में ये खाद्य पदार्थों का निर्यातक था लेकिन वर्तमान में सूखा पड़ने से सबसे ज्यादा प्रभावित है।

Last Updated- May 10, 2024 | 7:55 PM IST
United Nations

संयुक्त राष्ट्र की मानवीय मामलों से जुड़ी एजेंसी ने बृहस्पतिवार को बताया कि जिम्बाब्वे में चार दशक में सबसे भीषण सूखा पड़ा है और देश की लगभग आधी आबादी को पेयजल और खाद्य पदार्थों की तत्काल आवश्यकता है।

संयुक्त राष्ट्र ने जिम्बाब्वे के लिए 43 करोड़ डॉलर की सहायता की अपील की है। मानवीय मामलों के समन्वय से संबंधित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने बताया कि देश की एक करोड़ 50 लाख की आबादी में से 76 लाख लोगों को आजीविका चलाने और जीवन रक्षा के लिए मानवीय सहायता की आवश्यकता है।

एजेंसी के अधिकारी एडवर्ड मैथ्यू कैलन ने कहा कि हम सबसे गंभीर रूप से प्रभावित जिलों के 31 लाख लोगों की तत्काल मदद की अपील कर रहे हैं। अल नीनो के कारण दक्षिणी अफ्रीका के अधिकांश हिस्सों में सूखा पड़ा है, जिस कारण मानव और पशुओं के समक्ष खाद्य पदार्थों तथा पानी की घोर कमी है।

जिम्बाब्वे कृषि पर निर्भर देश है और एक समय में ये खाद्य पदार्थों का निर्यातक था लेकिन वर्तमान में सूखा पड़ने से सबसे ज्यादा प्रभावित है।

संयुक्त राष्ट्र ने जिम्बाब्वे को खाद्य सहायता से लेकर नकद हस्तांतरण और सौर ऊर्जा से संचालित बोरहोल का निर्माण करने में मदद करने की अपील की है, जिससे लोगों और मवेशियों को पीने का पानी उपलब्ध हो सकेगा।

First Published - May 10, 2024 | 7:55 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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