facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

क्या गाजा ‘शांति शिखर सम्मेलन’ में शामिल होंगे पीएम मोदी? डॉनल्ड ट्रंप ने भेजा न्योता

Advertisement

रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री को ट्रंप और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी द्वारा "अंतिम समय में निमंत्रण" दिया गया था

Last Updated- October 12, 2025 | 3:48 PM IST
PM Modi and Trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 13 अक्टूबर को मिस्र के शर्म-अल-शेख में आयोजित होने वाले गाजा ‘शांति शिखर सम्मेलन’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने अभी तक इस कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री को ट्रंप और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी द्वारा “अंतिम समय में निमंत्रण” दिया गया था।

यह रिपोर्ट भारत में अमेरिका के मनोनीत राजदूत सर्जियो गोर द्वारा नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात के एक दिन बाद आई है।

प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद गोर ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के साथ मेरी मुलाकात अद्भुत रही। हमने रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी सहित द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।”

गोर ने आगे कहा कि अमेरिका भारत के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी को अपना एक “महान और व्यक्तिगत मित्र” मानते हैं।

पीएम मोदी ने भी अपने एक्स हैंडल पर बैठक के बारे में पोस्ट करते हुए कहा, “भारत में अमेरिका के राजदूत- सर्जियो गोर का स्वागत करते हुए खुशी हुई। मुझे विश्वास है कि उनका कार्यकाल भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।”

Also Read: शी जिनपिंग का सख्त रुख: दुर्लभ खनिजों पर नियंत्रण से अमेरिका को झटका, भड़क सकता है व्यापार युद्ध

गाजा ‘शांति सम्मेलन’ में कौन शामिल हो रहे हैं?

डॉनल्ड ट्रंप और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें बताया जा रहा है कि 20 देशों के नेता हिस्सा लेंगे।

मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, यह बैठक सोमवार दोपहर मिस्र के रेड सी तट के रिसॉर्ट शहर शर्म-अल-शेख में होगी। बैठक का उद्देश्य “गाजा पट्टी में युद्ध को समाप्त करना, मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता के प्रयासों को बढ़ाना, और क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के एक नए युग की शुरुआत करना” है।
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अल-सिसी ने कई यूरोपीय और अरब नेताओं को आमंत्रण भेजा है। इनमें जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली, कतर, यूएई, जॉर्डन, तुर्की, सऊदी अरब, पाकिस्तान और इंडोनेशिया शामिल हैं।

द गार्जियन के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किअर स्टार्मर, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, स्पेन के पीएम पेड्रो सांचेज और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने अपनी उपस्थिति की पुष्टि की है।

रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल और गाजा के मिलिशिया समूह हमास के सम्मेलन में शामिल होने की संभावना कम है।

Also Read: Pakistan-Afghanistan War: पाक-अफगान सीमा पर फायरिंग से तनाव बढ़ा, कई चौकियां तबाह

गाजा शांति वार्ता क्या है?

शांति वार्ता में मिस्र, कतर और तुर्की मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि अमेरिका केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य गाजा के लिए युद्धविराम की रूपरेखा और मानवीय सहायता ढांचे को औपचारिक रूप देना है, जो इस क्षेत्र में दशकों के सबसे भीषण संघर्षों में से एक है।

मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान में कहा, “इस सम्मेलन का उद्देश्य गाजा पट्टी में युद्ध को समाप्त करना, मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता लाने के प्रयासों को बढ़ाना, और क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के एक नए चरण की शुरुआत करना है। यह शिखर सम्मेलन क्षेत्र में शांति स्थापित करने के अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दृष्टिकोण और दुनिया भर में संघर्षों को समाप्त करने के उनके अथक प्रयासों के आलोक में हो रहा है।”

गाजा शांति योजना का पहला चरण

गाजा शांति योजना के पहले चरण में इजराइली सैनिकों का गाजा सिटी, राफाह, खान यूनिस और उत्तर से वापसी, सहायता के लिए पांच क्रॉसिंग का खुलना, और बंधकों तथा कैदियों की रिहाई शामिल है।

एक हमास सूत्र ने शिन्हुआ को शुक्रवार को बताया कि गाजा और मिस्र के बीच राफाह क्रॉसिंग अगले सप्ताह के मध्य तक फिर से खुलने की संभावना है, जिससे सीमित नागरिक आवाजाही संभव होगी, हालांकि संचालन से जुड़ी विवरण अभी स्पष्ट नहीं हैं।

गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इजराइली सैन्य अभियानों के पिछले दो वर्षों में 67,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, और इलाके के बड़े हिस्सों में अकाल जैसी स्थिति बनी हुई है।

Advertisement
First Published - October 12, 2025 | 3:40 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement