facebookmetapixel
Advertisement
नीट पेपर लीक, परीक्षा रद्द, आंदोलन और अब शिक्षा मंत्री का इस्तीफा…..3 मई से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ?शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, खुद अपने पोस्ट में लेटर जारी करके दी जानकारीफ्लैट खरीदने के बाद पुराने मेंटेनेंस बकाया का आ गया बिल? जानिए क्या कहता है कानून और क्या करें नए खरीदार360% का मोटा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सक्या ईरान पर सबसे बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका? ट्रंप बोले: हम ‘लॉक्ड एंड लोडेड’, पर बातचीत भी जारी‘उदारीकण के बाद अहसास हुआ कि हमें इनोवेशन करना होगा, न कि दिल्ली में इंतजार’, नारायण मूर्ति ने बयां की 1991 से पहले की दुश्वारियां1991 से अब तक का सफर: अविश्वास से निकलकर भरोसे पर आधारित आर्थिक नीति बनाने की जरूरत‘बंगाल को मिली तबाही और निराशा की विरासत’, बोले स्वप्न दासगुप्ता: निवेश लाने के लिए करेंगे अतिरिक्त प्रयासऑरिफ्लेम बेचेगी भारत में अपना विनिर्माण कारोबार, अकुम्स ड्रग्स की सहायक कंपनी प्योर एंड क्योर से हुआ समझौता₹9,200 करोड़ के IPO से कर्जमुक्त होगी मणिपाल हेल्थ, उत्तर भारत में विस्तार पर कंपनी का जोर: दिलीप जोस

भारतीयों को निकालने में मदद के लिए जयशंकर ने ईरान का जताया आभार, कहा — सहायता के लिए धन्यवाद

Advertisement

एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री से बात कर इजरायल युद्ध के बाद की स्थिति पर चर्चा की और भारतीयों की सुरक्षित वापसी में मदद के लिए ईरान को धन्यवाद दिया।

Last Updated- June 27, 2025 | 11:08 PM IST
विदेश मंत्री एस. जयशंकर | फाइल फोटो

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अरागची से बात की और ईरान व इजरायल के बीच 12 दिनों तक चले युद्ध के बाद उभरी स्थिति पर चर्चा की।

 विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरान से सैकड़ों भारतीयों को निकालने में तेहरान की सहायता के लिए अरागची को धन्यवाद भी दिया। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘आज दोपहर ईरान के विदेश मंत्री अरागची से बात की। मौजूदा जटिल स्थिति में ईरान के दृष्टिकोण और सोच को साझा करने के लिए उनकी सराहना करता हूं।’

उन्होंने कहा, ‘भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने में मदद करने के लिए उनका धन्यवाद दिया।’

एक सदस्य से आतंकवाद का जिक्र सहन नहीं हुआ

केंद्रीय विदेश मंत्री ने पाकिस्तान का नाम लिये बिना कहा कि शांघाई सहयोग संगठन के रक्षा मंत्रियों की बैठक के घोषणापत्र में भारत आतंकवाद का उल्लेख चाहता था लेकिन एक सदस्य देश को यह स्वीकार्य नहीं था। जयशंकर ने कहा कि इस मामले पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का दृष्टिकोण सही था क्योंकि एससीओ का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद से लड़ना है और इस संदर्भ के बिना सिंह ने परिणामी दस्तावेज को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। जयशंकर ने सिंह के रुख के बारे में पूछे जाने पर कहा कि आम सहमति से चलने वाले एससीओ का उद्देश्य आतंकवाद से लड़ना है।

Advertisement
First Published - June 27, 2025 | 10:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement