facebookmetapixel
Motilal Oswal MF ने उतारा नया फाइनेंशियल सर्विसेज फंड, ₹500 से निवेश शुरू; किसे करना चाहिए निवेशBudget 2026: रियल एस्टेट की बजट में होम लोन ब्याज छूट व अफोर्डेबल हाउसिंग सीमा बढ़ाने की मांगIndiGo Q3FY26 Results: फ्लाइट कैंसिलेशन का दिखा असर,मुनाफा 78% घटकर ₹549.1 करोड़ पर आयाGroww MF ने लॉन्च किया Nifty PSE ETF, ₹500 से सरकारी कंपनियों में निवेश का शानदार मौका!क्या बजट 2026 घटाएगा आपका म्युचुअल फंड टैक्स? AMFI ने सरकार के सामने रखीं 5 बड़ी मांगेंसिर्फ 64 रुपये का है ये SmallCap Stock, ब्रोकरेज ने कहा – ₹81 तक जा सकता है भाव; खरीद लेंRadico Khaitan Q3 Results: प्रीमियम ब्रांड्स की मांग से कमाई को मिली रफ्तार, मुनाफा 62% उछला; शेयर 5% चढ़ारूसी तेल फिर खरीदेगी मुकेश अंबानी की रिलायंस, फरवरी-मार्च में फिर आएंगी खेपें: रिपोर्ट्सSwiggy, Jio Financial समेत इन 5 शेयरों में बना Death Cross, चेक करें चार्टBudget 2026 से पहले Tata के इन 3 स्टॉक्स पर ब्रोकरेज बुलिश, 30% अपसाइड तक के दिए टारगेट

ईरान ने सऊदी अरब पर हज से पहले छह पत्रकारों को निष्कासित करने का आरोप लगाया

सऊदी अरब और ईरान के बीच चीन की मध्यस्थता में हुए समझौते के एक साल बाद यह घटना हुई है।

Last Updated- May 29, 2024 | 8:19 PM IST
iran airstrike

ईरान ने बुधवार को कहा कि सऊदी अरब ने हज से पहले उसके सरकारी टेलीविजन प्रसारणकर्ता की टीम के छह सदस्यों को एक सप्ताह तक हिरासत में रखने के बाद निष्कासित कर दिया है। सऊदी अरब ने घटनाक्रम पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सऊदी अरब और ईरान के बीच चीन की मध्यस्थता में हुए समझौते के एक साल बाद यह घटना हुई है।

सऊदी में पवित्र स्थलों को लेकर खासकर हज यात्रा के संबंध में सुन्नी और शिया देशों के बीच दशकों से तनाव रहा है। ईरानी सरकारी टीवी ने बताया कि गिरफ्तारियां एक हफ्ते पहले शुरू हुई थीं, जब मदीना में पैगम्बर मुहम्मद की मस्जिद में कुरान पढ़ने की रिकॉर्डिंग करते समय उसकी टीम के तीन सदस्यों को हिरासत में लिया गया था।

ईरानी टीवी ने इस बारे में कोई विवरण नहीं दिया कि उसके सदस्यों को हिरासत में क्यों लिया गया, लेकिन कहा कि ‘‘कई घंटों की पूछताछ’’ के बाद उन्हें पुलिस हिरासत केंद्र में रखा गया। इसके दो दिन बाद, सऊदी पुलिस ने ईरान के अरबी भाषा के अल आलम चैनल के एक पत्रकार और एक अन्य सरकारी टीवी चैनल के पत्रकार को हिरासत में ले लिया, जब वे ईरानी श्रद्धालुओं के साथ नमाज में शामिल होने के लिए कार से उतरे थे।

एक अन्य रेडियो पत्रकार को मदीना के एक होटल में हिरासत में लिया गया। ईरानी टीवी ने बताया कि उसकी टीम के छह सदस्यों को बाद में रिहा कर दिया गया और हज में शामिल होने का अवसर दिए बिना ईरान भेज दिया गया। सरकारी टीवी और ईरान के विदेश मंत्रालय द्वारा उनकी रिहाई के प्रयासों के बाद यह निष्कासन हुआ।

ईरान के सरकारी प्रसारक ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग’ के प्रमुख पेमन जेबेली ने कहा, ‘‘जब यह घटना हुई, तब वे (कर्मी) अपना सामान्य और नियमित कार्य कर रहे थे और उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया। हमें नहीं पता कि उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया और देश वापस क्यों भेजा गया।’’

दुनिया के सबसे बड़े शिया मुस्लिम देश ईरान और सुन्नी आबादी वाले देश सऊदी अरब ने 2016 में सऊदी अरब द्वारा शिया धर्मगुरु निम्र अल-निम्र को फांसी दिए जाने के बाद राजनयिक संबंध तोड़ लिए थे। फांसी के विरोध में ईरान में प्रदर्शनकारियों ने अपने देश में सऊदी के दो राजनयिक मिशन पर धावा बोल दिया था।

First Published - May 29, 2024 | 8:19 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट