facebookmetapixel
Advertisement
Wipro Q1FY27 results: मुनाफा ₹3,356 पर स्थिर, रेवेन्यू 11% बढ़ा; ₹2 के डिविडेंड का ऐलानUS-Iran तनाव बढ़ने से गोल्ड की सेफ हैवेन डिमांड लौटेगी? क्रूड, फेड के फैसले कैसे डालेंगे असरCBDT ने FY27 के लिए CII बढ़ाकर 384 किया, 1 अप्रैल 2026 से टैक्स कैलकुलेशन के लिए होगा लागूMarket Strategy: मानसून सुधरा, अब कौन से शेयर करा सकते हैं मोटी कमाई? एक्सपर्ट ने बताए टॉप सेक्टरUnion Bank पर अब क्या करें निवेशक? Q1 रिजल्ट के बाद 5 ब्रोकरेज ने बताया आगे का रास्ताPaytm: पहली बार बोनस शेयर देने की तैयारी, 20 जुलाई को फैसला; ब्रोकरेज ने स्टॉक पर दी BUY की सलाहBUY, ADD या REDUCE? Q1 के बाद ICICI Prudential Life और ICICI Lombard पर क्या बोले ब्रोकरेजSouth Indian Bank Q1 Results: जून तिमाही में 17% बढ़ा मुनाफा, NII में 23% की छलांग; NPA घटाकिरायेदारों के ₹1.26 लाख करोड़ सिक्योरिटी डिपॉजिट में फंसे, नोब्रोकर की रिपोर्ट में Gen Z पर बड़ा खुलासाWest Asia संकट का असर: 2026 की दूसरी तिमाही में घटी इंडस्ट्रियल व वेयरहाउसिंग डिमांड

भारत के चंद्र अभियान में 2 माह की देरी

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 4:23 PM IST

चंद्रमा के अध्ययन के लिए भारत के  पहले अभियान में कम से कम 2 महीने की देरी हो सकती है। स्पेस एजेंसी को अंतरिक्ष यान के  सभी परीक्षण पूरा करने में अभी इतना वक्त लगेगा।
संसद में जारी एक वकतव्य में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि मानव रहित चंद्रयान-1 को लाँच करने में अभी देर है। इसका प्रस्तावित समय अप्रैल था, लेकिन अब इसे जून-जुलाई में भेजा जा सकेगा, क्योंकि जरूरी परीक्षण और विभिन्न तकनीकी पहलू की जांच अभी बाकी है। यह परीक्षण मिशन की सफलता को ध्यान में रखते हुए जरूरी है।
पृथ्वी के इस उपग्रह के लिए नासा भी अभियान चला रहा है। उसने एक अक्टूबर से शुरू होने वाले अभियान के लिए 3 प्रतिशत बजट राशि बढ़ाए जाने की मांग की है, जिससे आदमी को भी चांद पर भेजा जा सके। इसका संशोधित बजट इस माह अमेरिकी कांग्रेस को भेजा जा चुका है। चीन के पहले चंद्रयान ने भी लांच किए जाने के एक महीने बाद यानी नवंबर से चित्र भेजने शुरू कर दिए हैं।
इस अभियान के चेयरमैन माधवन नायर ने मई में दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन ने 3.86 अरब रुपये का चंद्र अभियान बजट बनाया था। इस अभियान चंद्रमा के सतह पर मौजूद केमिकल्स और खनिज पदार्थों की जानकारी स्पेक्ट्रोमीटर और अत्याधुनिक मैपिंग कैमरों के माध्यम से की जानी है। राज्य द्वारा संचालित स्पेस एजेंसी की वेबसाइट में लिखा गया है कि अंतरिक्षयान में 11 वैज्ञानिक उपकरणों को भेजा जाएगा, जिसमें 5 भारतीय और 6 अमेरिका, यूरोप और बल्गारिया के हैं।  चव्हाण ने कहा कि इस पर आने वाले खर्च को विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से पूरा किया जाएगा। सैटेलाइट पर काम, योजना के मुताबिक चल रहा है। भारत अपने चंद्र अभियान को चीन और जापान की बराबरी पर लाना चाहता है। इसके लिए रूस के  साथ संयुक्त चंद्र अभियान की भी कोशिश की जा रही है। भारत, चंद्रमा पर मानवयुक्त यान भेजने के लिए अलग से भी कोशिश कर रहा है।

Advertisement
First Published - February 27, 2008 | 10:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement