facebookmetapixel
Advertisement
Meta की बढ़ सकती है जिम्मेदारी, सरकार का रुख- केवल मध्यस्थ नहीं, सेवा प्रदाता भी है कंपनीUS Tariff Bill: भारत पर लग सकता है 100% तक शुल्क? अमेरिकी संसद में अहम मतदान पर टिकी नजरेंQS Global MBA Ranking: भारत के MBA स्कूल बढ़कर 19 हुए, लेकिन टॉप IIM की रैंकिंग में गिरावटFlex Fuel Vehicles: सरकार ने वाहन कंपनियों से मांगा पूरा रोडमैप, कब लॉन्च होंगी E85 गाड़ियां?UPI Charges: ₹5,000 या ₹1 लाख का भुगतान करने पर कितना लगेगा शुल्क? समझें नया नियमUPI MDR पर विपक्ष के विरोध के बीच सरकार का रुख अटल, कहा- वापस लेने का सवाल नहींUPI New Rules: अब बिल भुगतान पर Platform Fee नहीं ले सकेंगे ऐप्स, कंपनियों ने जताई आपत्तिUPI पर MDR से किसकी बढ़ेगी कमाई? बैंकों-फिनटेक को ₹15,000-20,600 करोड़ की अतिरिक्त आय का अनुमानNandan Foods में हिस्सेदारी खरीदेगा L Catterton, 3 करोड़ डॉलर निवेश की तैयारीHilton का भारत पर बड़ा दांव, दिल्ली से गोवा तक बढ़ाएगी Luxury Hotels का नेटवर्क

भारत और अमेरिका की नौसेना ने सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर की चर्चा

Advertisement

नौसेना प्रमुख ने 25वीं अंतरराष्ट्रीय समुद्र शक्ति संगोष्ठी (ISS) में भाग लेने के लिए 19 से 22 सितंबर तक अमेरिका की यात्रा की।

Last Updated- September 24, 2023 | 6:24 PM IST
Indian and US navies discussed ways to increase cooperation

नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने अमेरिका की चार दिवसीय यात्रा के दौरान तेजी से बढ़ती भारत-अमेरिका रणनीतिक भागीदारी में द्विपक्षीय समुद्री सुरक्षा सहयोग का विस्तार करने के तरीकों पर प्रमुखता से बात की। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

नौसेना प्रमुख ने 25वीं अंतरराष्ट्रीय समुद्र शक्ति संगोष्ठी में भाग लिया

नौसेना प्रमुख ने 25वीं अंतरराष्ट्रीय समुद्र शक्ति संगोष्ठी (ISS) में भाग लेने के लिए 19 से 22 सितंबर तक अमेरिका की यात्रा की। भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने कहा, ‘‘नौसेना प्रमुख की अमेरिका यात्रा से द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने के साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विविध साझेदारों के साथ भागीदारी के लिए नौसेना के उच्च स्तर पर बातचीत करने का महत्वपूर्ण अवसर मिला।’’

नौसेना प्रमुख ने ISS में भाग लेने के इतर कई अन्य देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं

अमेरिकी नौसेना ने मुक्त एवं नियम आधारित हिंद-प्रशांत के साझा दृष्टिकोण की ओर काम करने के लिए एक समान विचारधारा वाली नौसेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से न्यूपोर्ट के रोड आइलैंड में ‘यूएस नेवल वॉर कॉलेज’ में आईएसएस की मेजबानी की थी। एडमिरल कुमार ने आईएसएस में भाग लेने के इतर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, मिस्र, फिजी, इजराइल, इटली, जापान, केन्या, पेरू, सऊदी अरब, सिंगापुर और ब्रिटेन समेत विभिन्न देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं।

मधवाल ने कहा, ‘‘यात्रा के दौरान व्यापक बातचीत मुक्त, खुले एवं समावेशी हिंद-प्रशांत के दृष्टिकोण को साकार करने की ओर भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’ इस यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका की नौसेनाओं के बीच मालाबार, ‘सी ड्रैगन’, ‘रिम ऑफ द पैसिफिक एक्सरसाइज’ (आरआईएमपीएसी) और ‘टाइगर ट्रायम्फ’ जैसे द्विपक्षीय तथा बहुपक्षीय अभ्यासों में वृहद संचालनात्मक भागीदारी तलाशने पर भी व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

आरआईएमपीएसी सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय समुद्री युद्धाभ्यास में से एक

आरआईएमपीएसी को सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय समुद्री युद्धाभ्यास में से एक माना जाता है। इसका आयोजन अमेरिकी नौसेना की हिंद-प्रशांत कमान करती है। मधवाल के अनुसार, ISS में एडमिरल कुमार ने मानव संसाधन प्रबंधन की चुनौतियों के बारे में बात की जिसमें प्रशिक्षित कर्मियों की भर्ती और अग्निपथ योजना के जरिए इनसे निपटने की ओर भारत की योजनाओं का खास जिक्र किया गया। पिछले कुछ वर्षों में भारत-अमेरिका रक्षा संबंध मजबूत हुए हैं।

Advertisement
First Published - September 24, 2023 | 6:24 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement