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20 साल लंबे युद्ध के अंत का ऐलान

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Last Updated- December 12, 2022 | 1:26 AM IST

अफगानिस्तान से अपने सभी सैनिकों को वापस बुलाने के बाद राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को घोषणा की कि अमेरिका ने वहां सबसे लंबे समय तक चले युद्ध को समाप्त कर दिया है। अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों की पूर्ण वापसी के बाद तालिबान ने काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया है।
अमेरिकी बलों को ले जाने वाला आखिरी विमान निर्धारित समय से एक दिन पहले सोमवार मध्य रात्रि को अफगानिस्तान से रवाना हुआ। इस तरह 20 साल तक चले युद्ध का अंत हो गया। अमेरिका के राष्ट्रपति ने अफगानिस्तान से समय-सीमा (31 अगस्त) के भीतर सैनिकों की सुरक्षित वापसी के लिए सशस्त्र बलों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, अब, ‘अफगानिस्तान में 20 साल पुरानी हमारी सैन्य मौजूदगी समाप्त हो गई है।’ अमेरिकी सैन्य विमानों के जरिये काबुल हवाई अड्डे से अमेरिकी सदस्यों और राजनयिकों के अंतिम समूह को वापस लाया जा चुका है। 

अमेरिका के सैन्य विमानों के रवाना होने के बाद हवाईअड्डे पर एक संवाददाता सम्मेलन में तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा, ‘हमें इस पल का गर्व है कि हमने दुनिया की बड़ी ताकत से अपने देश को आजाद करवा लिया।’ 
अमेरिका की सेना के अफगानिस्तान में अपनी सैन्य मौजूदगी पूरी तरह खत्म करने के बाद तालिबान लड़ाकों ने जीत का जश्न मनाने के लिए काबुल में हवा में गोलियां चलाईं। अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद तालिबान की राजनीतिक शाखा के एक शीर्ष सदस्य ने अफगान लोगों को बधाई दी है और इसे देश की पूर्ण स्वतंत्रता हासिल करने में एक बड़ी जीत करार दिया है। शाहबुद्दीन दिलावर ने मंगलवार को लगभग 100 लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस कार्यक्रम का टेलीविजन पर सीधा प्रसारण किया गया। दिलावर ने कहा कि तालिबान को कमतर करने के लिए पश्चिम दुष्प्रचार कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘लेकिन आप जल्द ही देश की प्रगति देखेंगे।’ सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित कार्यक्रम के कैप्शन में लिखा था, स्वतंत्रता दिवस और अफगानिस्तान में अमेरिकी कब्जे के अंत का जश्न। पृष्ठभूमि में तालिबान का सफेद रंग का झंडा लगा हुआ था। 
दिलावर ने लोगों से कहा कि तालिबान ने सोवियत संघ को हराया था और अब अमेरिका को हराया है। उसने अफगान राजदूतों से घर लौटने को कहा और वादा किया कि काबुल हवाई अड्डे पर परिचालन जल्द शुरू होगा।

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार की कथनी के आधार पर नहीं बल्कि वह अपनी प्रतिबद्धताओं पर खरा उतरने के लिए क्या करता है, इस आधार पर उसके साथ बातचीत करेगा। अमेरिका ने अफगानिस्तान से लोगों को निकालने का अपना मिशन मंगलवार तड़के पूरा कर लिया। अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने सैनिकों की वापसी पर कहा कि दुनिया में कोई भी अन्य सेना वह नहीं कर सकती थी जो अमेरिका और उसके सहयोगियों ने अफगानिस्तान में इतने कम समय में कर दिखाया। 
युद्ध का खर्च

अमेरिका ने अफगानिस्तान में 20 साल लंबे युद्ध को समाप्त कर दिया और इस युद्ध में हजारों लोगों की मौत हुई। युद्ध में बड़ी संख्या में अफगानों और अमेरिकियों तथा उनके उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) देशों के लोग मारे गए। इस युद्ध में अमेरिका के करीब 2,500 सैनिकों की मौत हुई जबकि अनुमानत: 240,000 अफगानी लोग मारे गए और इस युद्ध की लागत करीब 2 लाख करोड़ डॉलर रही। अमेरिका ने इसके लिए भुगतान करने के लिए अधिकांश धन उधार लिया था इसलिए अमेरिका की आने वाली पीढिय़ां इसकी लागत का भुगतान खरबों डॉलर में करेंगी।

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First Published - September 1, 2021 | 1:31 AM IST

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