facebookmetapixel
Advertisement
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की ओर बढ़े कदम, सेक्शन 301 से टैरिफ से मिलेगी छूट!स्वास्थ्य बीमा से करेंगे परहेज तो बचत उड़ेगी, कर्ज चढ़ेगा और बिगड़ जाएगा निवेशसाकेत मेट्रो स्टेशन के पास इमारत ढहने की घटना: मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हुई, FIR दर्जUP Diesel Crisis: धान की रोपाई से पहले यूपी के तराई जिलों में डीजल के लिए हाहाकार, नेपाल तस्करी ने बढ़ाई परेशानीIndia-US Trade Deal: अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 4 दिन की मैराथन बैठकUpcoming NFO: पैसा रखें तैयार! दो नई स्कीमें लॉन्च को तैयार, ₹500 से निवेश शुरूRBI MPC Meet: Repo Rate बढ़ेगी, घटेगी या रहेगी स्थिर…क्या होगा RBI का फैसला? बता रहे हैं एक्सपर्ट्सUpcoming IPO: प्राइमरी मार्केट में लौटी रौनक, इस हफ्ते आ रहे हैं 5 नए IPO; निवेशकों के लिए बड़ा मौकाफिनटेक सेक्टर में उतरने की तैयारी में है LIC, रणनीतिक निवेश की भी योजना : CEO आर दुरईस्वामीMarket Outlook: अमेरिका-ईरान वार्ता, RBI के ब्याज दर पर निर्णय से तय होगी शेयर बाजार की चाल

Trade Tariffs: अदालत की रोक के बीच ट्रंप ने फटाफट बनाया 150 दिन का 15% टैरिफ वाला ‘प्लान B’

Advertisement

पिछले हफ्ते एक संघीय अपील कोर्ट ने पुराने टैरिफ को फिलहाल लागू रहने दिया है, जबकि ट्रंप प्रशासन निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील कर रहा है।

Last Updated- May 30, 2025 | 12:09 PM IST
Donald Trump

अमेरिका का ट्रंप प्रशासन अपने बड़े टैरिफ यानी आयात शुल्क को जारी रखने के लिए एक नया ‘प्लान B’ बना रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक अमेरिकी अदालत ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने आपातकालीन आर्थिक अधिकारों का गलत इस्तेमाल करके ये टैरिफ लगाए हैं। अब सरकार ट्रेड एक्ट 1974 के तहत नया रास्ता अपनाना चाहती है, जिसमें पहले 150 दिनों के लिए 15 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा और बाद में गलत व्यापार प्रथाओं के खिलाफ और भी खास टैरिफ लगाए जाएंगे। यह जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दी है।

पिछले हफ्ते एक संघीय अपील कोर्ट ने पुराने टैरिफ को फिलहाल लागू रहने दिया है, जबकि ट्रंप प्रशासन निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील कर रहा है। लेकिन कानून की अनिश्चितता के कारण सरकार अब नए विकल्प तलाश रही है ताकि राष्ट्रपति की ट्रेड नीति को सुरक्षित रखा जा सके।

यह भी पढ़ें…Trump Tariffs: ट्रंप के टैरिफ जारी रहेंगे, अपीलीय अदालत ने रोक लगाने से किया इनकार

ट्रंप सरकार का दो चरण वाला प्लान

ट्रंप प्रशासन के प्लान B के मुताबिक सबसे पहले ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 के तहत 150 दिनों के लिए 15 फीसदी का अस्थायी टैरिफ लगाया जाएगा। यह धारा पहले कभी इस्तेमाल नहीं हुई है और यह व्यापार असंतुलन को ठीक करने के लिए बनाई गई है। इसके बाद, सेक्शन 301 के तहत लंबे समय के लिए टैरिफ लगाए जाएंगे, जो कानून के हिसाब से मजबूत माना जाता है।

व्हाइट हाउस के अधिकारी अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं कर पाए हैं, लेकिन प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा है कि वे कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करते हुए नए कानूनी रास्ते तलाश रहे हैं।

ट्रंप के वरिष्ठ ट्रेड सलाहकार पीटर नवारो ने भी इस दो-चरणीय योजना की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन अन्य ट्रेड कानूनों जैसे कि 1930 के स्मूट-हॉले टैरिफ एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों पर भी विचार कर सकता है।

कानूनी विशेषज्ञों ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि नया प्लान B मौजूदा कानून की तुलना में ज्यादा सुरक्षित है। अभी जो टैरिफ हैं वे अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियों के कानून (IEEPA) पर आधारित थे, जो कभी टैरिफ लगाने के लिए इस्तेमाल नहीं हुआ था।

28 मई को अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार अदालत ने कहा था कि ट्रंप प्रशासन का IEEPA का उपयोग व्यापार घाटा कम करने के लिए गैरकानूनी है। अदालत ने कहा कि इस कानून से राष्ट्रपति को बिना कांग्रेस की मंजूरी के बड़े टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। हालांकि, 29 मई को एक अपील कोर्ट ने फिलहाल टैरिफ लागू रखने की मंजूरी दी है।

अदालत के फैसले से ट्रेड डील पर हो सकता है असर

ट्रंप प्रशासन का मानना है कि नए कानूनों के इस्तेमाल से टैरिफ जारी रहेंगे और ट्रेड वार में उनकी मजबूती बनी रहेगी। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का फैसला अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच बड़े ट्रेड समझौते का रास्ता भी साफ कर सकता है, क्योंकि इससे टैरिफ के मामले में एक बड़ी रुकावट हट सकती है।

Advertisement
First Published - May 30, 2025 | 12:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement