facebookmetapixel
Credit Card Tips: बिल टाइम पर चुकाया, फिर भी गिरा CIBIL? ये है चुपचाप स्कोर घटाने वाला नंबर!आस्था का महासैलाब: पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शुरू हुआ माघ मेला, 19 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी2026 में हिल सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था, एक झटका बदल देगा सब कुछ…रॉबर्ट कियोसाकी ने फिर चेतायाKotak Mahindra Bank का निवेशकों को जबरदस्त तोहफा: 1:5 में होगा स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट फिक्सकनाडा ने एयर इंडिया को दी कड़ी चेतावनी, नियम तोड़ने पर उड़ान दस्तावेज रद्द हो सकते हैंट्रंप का दावा: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी गिरफ्त में; हवाई हमलों की भी पुष्टि कीHome Loan: होम लोन लेने से पहले ये गलतियां न करें, वरना एप्लीकेशन हो सकती है रिजेक्टअमेरिका का वेनेजुएला पर बड़ा हमला: राजधानी काराकास हुए कई जोरदार धमाके, देश में इमरजेंसी लागूStock Split: एक शेयर टूटेगा 10 भाग में! A-1 Ltd का छोटे निवेशकों को तोहफा, निवेश करना होगा आसानBonus Stocks: अगले हफ्ते दो कंपनियां देंगी बोनस, निवेशकों को बिना लागत मिलेंगे एक्स्ट्रा शेयर

Trump Tariffs: ट्रंप के टैरिफ जारी रहेंगे, अपीलीय अदालत ने रोक लगाने से किया इनकार

Trump Tariffs: अपीलीय अदालत ने ट्रंप के टैरिफ पर रोक लगाने से इंकार किया, कारोबारियों और बाजारों में चिंता बढ़ी।

Last Updated- May 30, 2025 | 8:54 AM IST
US Tariffs on India

अमेरिका की एक अपीलीय अदालत ने गुरुवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए सबसे बड़े टैरिफ को अस्थायी रूप से फिर से लागू कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब एक निचली अदालत ने कहा था कि ट्रंप ने अपनी सीमाओं से बाहर जाकर ये टैरिफ लगाए हैं और उन्हें तुरंत रोक दिया।

टैरिफ पर अदालतों की लड़ाई जारी

वॉशिंगटन की अपीलीय अदालत ने कहा कि वह निचली अदालत के फैसले को रोक रही है और सरकार की अपील पर जल्द विचार करेगी। दोनों पक्षों को जवाब देने के लिए तारीखें दी गई हैं। निचली अदालत ने कहा था कि संविधान के अनुसार टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं। ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियों के कानून का हवाला दिया था, जो राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान लागू होता है।

ट्रंप प्रशासन ने इस निचली अदालत के फैसले को लेकर निराशा जताई है लेकिन कहा है कि वे अपील में जीतने की उम्मीद रखते हैं या अन्य राष्ट्रपति शक्तियों का इस्तेमाल करेंगे ताकि टैरिफ लागू रह सकें। ट्रंप खुद ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे उम्मीद करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट इस ‘भयंकर और देश को खतरे में डालने वाले फैसले’ को पलट देगी। उन्होंने न्यायपालिका को भी आलोचना का निशाना बनाया।

टैरिफ का व्यापार और वैश्विक असर

ट्रंप ने टैरिफ का इस्तेमाल दुनिया के लगभग हर देश पर दबाव डालने के लिए किया था। यह फैसला ट्रेड वॉर की रणनीति को प्रभावित कर सकता है। कई देशों ने इस पर सावधानी से प्रतिक्रिया दी है। कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा कि यह फैसला उनकी पुरानी सोच के साथ मेल खाता है, जिसमें वे ट्रंप के टैरिफ को गलत मानते हैं। बाजार ने इस फैसले को लेकर थोड़ा संभलकर उम्मीद दिखाई, लेकिन लंबी अपील प्रक्रिया के कारण शेयरों में ज्यादा बढ़त नहीं हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के टैरिफ को लेकर भविष्य में अभी भी अनिश्चितता बनी रहेगी। साथ ही, स्टील, एल्यूमिनियम और कारों जैसे कुछ खास टैरिफ जो राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर लगाए गए हैं, वे इस फैसले से प्रभावित नहीं होंगे और जारी रहेंगे।

छोटे कारोबारियों की तरफ से लड़ने वाले एक समूह ने कहा है कि अपीलीय अदालत का यह फैसला सिर्फ एक कदम है और अंत में अदालत छोटे कारोबार वालों के नुकसान को समझेगी।

ट्रंप की व्यापार नीति पर सवाल

अप्रैल में टैरिफ लगाने के बाद ट्रंप ने 90 दिन के लिए अधिकांश टैरिफ को रोक दिया था और द्विपक्षीय व्यापार समझौते करने की बात कही थी। ब्रिटेन के साथ समझौता तो हुआ लेकिन अन्य देशों के साथ अभी बात लंबित है। व्यापार विशेषज्ञ कहते हैं कि अदालत के फैसले और अपील की अनिश्चितता के कारण जापान जैसे देश जल्द समझौते करने से बच सकते हैं। ट्रंप के टैरिफ ने कई कंपनियों की लागत बढ़ा दी है और कारोबार को प्रभावित किया है। कई बड़ी कंपनियों ने अपनी आगे की उम्मीदें कम कर दी हैं। गैर-अमेरिकी कंपनियां भी अपनी योजना बदल रही हैं ताकि टैरिफ के असर को कम किया जा सके। (रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

First Published - May 30, 2025 | 8:54 AM IST

संबंधित पोस्ट