facebookmetapixel
Market Outlook: इस हफ्ते बाजार में RBI के रेट फैसले और वैश्विक रुझान रहेंगे मुख्य ड्राइवरMCap: सात बड़ी कंपनियों का मार्केट कैप बढ़ा ₹96,201 करोड़, RIL और बजाज फाइनेंस चमकेIndiGo के सभी A320 विमानों में एयरबस सिस्टम अपडेट पूरा, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चितTrain Ticket Booking: 1 दिसंबर से बदल रहा है तत्काल टिकट का सिस्टम, OTP के बिना टिकट नहीं मिलेगाAI अब दिखाएगा Ads! ChatGPT के नए फीचर को लेकर बड़ा खुलासाइतिहास की सबसे बड़ी आर्थिक तबाही शुरू हो चुकी है….‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक ने लोगों को क्यों चेताया?ट्रंप का ऐलान: वेनेजुएला के ऊपर पूरा एयरस्पेस बंद, अमेरिका की सैन्य हलचल तेजनिवेशकों के लिए धमाकेदार रहेगा अगला हफ्ता! डिविडेंड, बोनस इश्यू से लेकर स्टॉक स्प्लिट तक, सब कुछ लाइन मेंLenskart Q2 Results: दूसरी तिमाही में मुनाफे में जबरदस्त उछाल, लाभ 20% बढ़कर ₹103 करोड़ के पारक्या आप अपने पुराने शेयर या डिविडेंड लेना भूल गए हैं? IEPF पोर्टल आपको वापस पाने में कर सकता है मदद

China का US पर पलटवार, अब अमेरिकी सामान पर चीन में लगेगा 84% टैक्स

ट्रंप ने 'रिसिप्रोकल टैरिफ' नीति लागू की, जिससे US ने चीनी आयात पर शुल्क बढ़कर 104% हो गया।

Last Updated- April 09, 2025 | 6:10 PM IST
China and US

चीन ने अमेरिकी सामान पर 84 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की है, जो पहले घोषित 34 प्रतिशत से काफी अधिक है। यह निर्णय गुरुवार से प्रभावी होगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी चीन के वित्त मंत्रालय ने दी है।

यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डनाल्ड ट्रंप के उस फैसले के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने चीनी आयात पर शुल्क बढ़ाकर 104 प्रतिशत कर दिया है। यह फैसला बुधवार से लागू होगा। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच चल रहे व्यापार युद्ध में यह एक और बड़ा तनावपूर्ण मोड़ है।

इससे पहले ट्रंप ने चीन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि वह अमेरिकी सामान पर लगाए गए 34 प्रतिशत शुल्क को वापस ले, नहीं तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी। चीन के इनकार के बाद वॉशिंगटन ने चीनी आयात पर रिकॉर्ड 104 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की।

चीन ने क्या दी अमेरिका को धमकी, पढ़ें-

बुधवार को ही बीजिंग ने अमेरिका की मांग को खारिज करते हुए उसे जबरदस्ती की नीति बताया। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “चीन के खिलाफ शुल्क बढ़ाने की अमेरिकी धमकी एक गलती पर दूसरी गलती है, जो एक बार फिर अमेरिका की ब्लैकमेल करने की प्रवृत्ति को उजागर करती है।” मंत्रालय ने आगे चेतावनी दी, “अगर अमेरिका अपनी जिद पर अड़ा रहा, तो चीन अंत तक मुकाबला करेगा।”
फरवरी में अमेरिका ने चीन पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाया था। इसके जवाब में चीन ने अमेरिकी कोयले और तरलीकृत प्राकृतिक गैस पर 15 प्रतिशत शुल्क, जबकि कच्चे तेल, कृषि मशीनरी और बड़ी कारों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाया।

ट्रंप ने इस पर नाराज़गी जताई और आरोप लगाया कि चीन के ज़्यादा शुल्कों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था से अरबों डॉलर निकाल लिए। इसके बाद अमेरिका ने शुल्क में 10 प्रतिशत की और बढ़ोतरी कर दी, जिससे चीनी आयात पर कुल शुल्क 20 प्रतिशत हो गया। जवाब में चीन ने अमेरिकी चिकन, गेहूं, मक्का और कपास पर 15 प्रतिशत शुल्क और ज्वार, सोयाबीन, सूअर, बीफ, जलीय उत्पाद, फल, सब्जियां और डेयरी उत्पादों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाया।

कैसे हो गया चीनी सामान पर अमेरिका में 104% टैक्स

इसके बाद ट्रंप ने ‘रिसिप्रोकल टैरिफ’ नीति लागू की, जिसके तहत अमेरिका किसी भी देश द्वारा अपने निर्यात पर लगाए गए शुल्क का आधा हिस्सा उस देश के आयात पर लगाएगा। इस नीति के तहत चीनी आयात पर 34% अतिरिक्त शुल्क लगा, जिससे कुल दर 54 % हो गई। अब ताज़ा 50 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क के साथ चीन पर कुल 104 प्रतिशत शुल्क लागू हो गया है, जो एक हफ्ते में लगभग दोगुना हो गया है।

हालांकि, इस तनाव के बीच ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह बातचीत के लिए तैयार हैं। चीन भी ट्रंप द्वारा शुल्क बढ़ाने की घोषणा के बाद से ही अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता की मांग कर रहा है, लेकिन अब तक दोनों देशों के बीच किसी तरह की बातचीत की पुष्टि नहीं हुई है।

FM in UK: भारत- ब्रिटेन के बीच अहम बिजनेस मीटिंग, टॉप ब्रिटिश फाइनेंस कंपनियां मिली वित्तमंत्री से

Trump Tariff से निपटने के लिए Commerce Ministry का ‘ग्लोबल दांव’

Explainer: क्या है Trump Tariff? क्यों लगाया? कैसे वसूलेगा US दूसरे देशों से; जानें हर बात

 

First Published - April 9, 2025 | 6:10 PM IST

संबंधित पोस्ट