facebookmetapixel
Senior Citizens FD Rates 2026: 8% तक ब्याज, कहां मिल रहा है सबसे बेहतर रिटर्न?1 अप्रैल से UPI के जरिए सीधे EPF निकाल सकेंगे कर्मचारी, विड्रॉल प्रक्रिया से मिलेगी राहत2025 में भारत के शीर्ष 20 स्टार्टअप ने फंडिंग में बनाई बढ़त, पर छोटे स्टार्टअप को करना पड़ा संघर्षReliance Q3FY26 results: आय अनुमान से बेहतर, मुनाफा उम्मीद से कम; जियो ने दिखाई मजबूतीभारत-जापान ने शुरू किया AI संवाद, दोनों देशों के तकनीक और सुरक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तारभारत अमेरिका से कर रहा बातचीत, चाबहार बंदरगाह को प्रतिबंध से मिलेगी छूट: विदेश मंत्रालयIndia-EU FTA होगा अब तक का सबसे अहम समझौता, 27 जनवरी को वार्ता पूरी होने की उम्मीदStartup India के 10 साल: भारत का स्टार्टअप तंत्र अब भी खपत आधारित बना हुआ, आंकड़ों ने खोली सच्चाई‘स्टार्टअप इंडिया मिशन ने बदली भारत की तस्वीर’, प्रधानमंत्री मोदी बोले: यह एक बड़ी क्रांति हैसरकार की बड़ी कार्रवाई: 242 सट्टेबाजी और गेमिंग वेबसाइट ब्लॉक

PM मोदी की टिप्पणी पर चीन ने दिया बयान, कहा- ‘मजबूत और स्थिर संबंध’ साझा हितों को करते हैं पूरा

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग से जब मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए एक प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘चीन ने प्रधानमंत्री की टिप्पणियों पर गौर किया है

Last Updated- April 11, 2024 | 8:04 PM IST
india_China

चीन ने गुरुवार को सीमा विवाद से जुड़ी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मजबूत और स्थिर संबंध’ चीन और भारत के साझा हितों की पूर्ति करते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि नई दिल्ली के लिए बीजिंग के साथ संबंध महत्वपूर्ण हैं और सीमाओं पर ‘लंबे समय से जारी हालात’ का समाधान तत्काल करना चाहिए।

अमेरिकी पत्रिका ‘न्यूजवीक’ को दिए गये एक साक्षात्कार में, जिसने भारत के उत्थान को ‘अजेय’ बताया, प्रधानमंत्री मोदी ने आशा व्यक्त की कि राजनयिक और सैन्य स्तरों पर सकारात्मक और रचनात्मक द्विपक्षीय जुड़ाव के माध्यम से दोनों देश अपनी सीमाओं पर शांति बहाल करने और इसे बनाए रखने में सक्षम होंगे।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग से जब मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने यहां एक प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘चीन ने प्रधानमंत्री की टिप्पणियों पर गौर किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना ​​है कि मजबूत और स्थिर चीन-भारत संबंध दोनों पक्षों के साझा हितों की पूर्ति करते हैं और शांति तथा क्षेत्र और उससे परे के विकास के लिए अनुकूल हैं।’’ हाल के दिनों में किसी अमेरिकी पत्रिका को दिए गए अपने पहले साक्षात्कार में मोदी ने कहा कि भारत के लिए चीन के साथ संबंध महत्वपूर्ण और अहम हैं।

मोदी ने कहा था कि, ‘‘मेरा मानना ​​​​है कि हमें अपनी सीमाओं पर लंबे समय से बरकरार हालात का तत्काल समाधान करने की आवश्यकता है ताकि हमारी द्विपक्षीय बातचीत में असहजता को पीछे छोड़ा जा सके। भारत और चीन के बीच स्थिर और शांतिपूर्ण संबंध न केवल हमारे दोनों देशों के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र और विश्व के लिए महत्वपूर्ण हैं।’’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ ने कहा कि सीमा से जुड़ा सवाल भारत-चीन संबंधों की संपूर्णता का प्रतिनिधित्व नहीं करता है और इसे द्विपक्षीय संबंधों में उचित रूप से रखा जाना चाहिए और ठीक से प्रबंधित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देश राजनयिक और सैन्य माध्यमों से करीबी संपर्क में हैं।

माओ निंग ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि भारत समान दिशा में चीन के साथ काम करेगा, द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक ऊंचाइयों और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य के लिहाज से संभालेगा, आपसी विश्वास बढ़ाएगा, बातचीत और सहयोग पर कायम रहेगा, मतभेदों को ठीक से संभालेगा और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत और स्थिर बनाने की राह पर चलेगा।”

पैंगोंग त्सो (झील) क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद पांच मई, 2020 को पूर्वी लद्दाख सीमा पर गतिरोध उत्पन्न होने के बाद से व्यापार संबंधों को छोड़कर भारत और चीन के बीच संबंधों में ठहराव आया हुआ है।

गतिरोध को सुलझाने के लिए दोनों पक्ष अब तक कोर कमांडर स्तर की 21 दौर की वार्ता कर चुके हैं। चीनी सेना के अनुसार दोनों पक्ष अब तक चार बिंदुओं- गलवान घाटी, पैंगोंग झील, हॉट स्प्रिंग्स और जियानान दबन (गोगरा) से पीछे हटने पर सहमत हुए हैं।

भारत पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) पर डेपसांग और डेमचोक इलाकों से सेना हटाने का दबाव बना रहा है और उसका कहना है कि जब तक सीमाओं पर असहज हालात बने रहेंगे तब तक चीन-भारत के संबंधों में सहज स्थिति की बहाली नहीं हो सकती।

First Published - April 11, 2024 | 8:04 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट