facebookmetapixel
Stocks to watch: Eternal से लेकर Dr Reddys, IndiGo और DLF तक, गुरुवार को इन स्टॉक्स पर रखें नजरStock Market Today: तीन दिन की गिरावट के बाद बाजार में पलटवार की आहट, राहत की उम्मीद जगीBUY या SELL? कमजोर बाजार में एनालिस्ट ने बताए आज के 3 सबसे अहम स्टॉक्सदावोस में ट्रंप ने ग्रीनलैंड अधिग्रहण की मांग दोहराई, बल प्रयोग से इनकार कियाटाटा कम्युनिकेशंस ने गणेश लक्ष्मीनारायणन को MD और CEO नियुक्त किया; Q3 में लाभ 54% बढ़ाQ3 Results: जिंदल स्टेनलेस का लाभ 26.6% बढ़ा, जानें डॉ. रेड्डीज, एचपीसीएल समेत अन्य कंंपनियों का कैसा रहा रिजल्टEternal Q3 results: क्विक कॉमर्स की रफ्तार से मुनाफा 73% उछला, ब्लिंकइट ने पहली बार एबिटा लाभ कमायाएआई रेगुलेशन में जोखिम आधारित मॉडल अपनाएगा TRAI, कम जोखिम वाले उपयोग पर होगा स्व-विनियमनCAFE-3 नियमों में बड़ा बदलाव संभव: छोटी पेट्रोल कारों की विशेष छूट हटाने की तैयारी में BEE5 साल में सबसे कमजोर कमाई सत्र: सेंसेक्स कंपनियों की EPS ग्रोथ सुस्त

एक और भारतीय ने यूट्यूब का सीईओ बन बढ़ाया देश का गौरव, जानिए कौन हैं नील मोहन

अपने करियर की शुरुआत में नील ने एक साल चार महीने तक एक्सेंचर में सीनियर एनालिस्ट के पद पर काम किया

Last Updated- February 19, 2023 | 12:46 PM IST
Neal Mohan

भारतीय प्रतिभाएं दुनियाभर में अपना डंका बजा रही हैं और कुछ-कुछ दिनों में किसी भारतीय की बड़ी उपलब्धि सुर्खियों का हिस्सा बनती है। इस बार अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के नील मोहन ने अपने देश का मान बढ़ाया है। उन्हें हाल ही में यूट्यूब का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ)बनाया गया है।

वैसे लगभग एक दशक पहले भी नील मोहन का नाम खबरों में था, जब गूगल ने अपने इस बेहतरीन अधिकारी को अपने पास रोके रखने के लिए 10 करोड़ डॉलर का बोनस दिया था। उसके बाद से उन्हें ‘‘100 मिलियन मैन’’ भी कहा जाता है। यह वह समय था, जब ट्विटर अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहा था और ट्विटर के तत्कालीन सीईओ ने नील मोहन को ट्विटर में आने का न्योता दिया। नील ने वह पेशकश लगभग स्वीकार भी कर ली थी, लेकिन गूगल ने उन्हें 10 करोड़ डॉलर का बोनस देकर अपने पास रोक लिया।

नील मोहन का जन्म 1974 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुआ। उनके पिता डॉ. आदित्य मोहन जब पत्नी डॉ. नीता मोहन के साथ पढ़ाई करने के लिए अमेरिका गए, उस समय नील बहुत छोटे थे। कुछ वर्ष अमेरिका के मिशिगन में रहने के बाद परिवार लखनऊ लौट आया और लखनऊ की रिवर बैंक कॉलोनी में रहने लगा। नील ने लखनऊ के सेंट फ्रांसिस स्कूल से कक्षा नौ से 12 तक की पढ़ाई पूरी की। इन तीन साल में ही उन्होंने थोड़ी बहुत हिंदी सीखी।

स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका लौट गए। उन्होंने 1996 में स्टैनफ़र्ड यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली।

अपने करियर की शुरुआत में नील ने एक साल चार महीने तक एक्सेंचर में सीनियर एनालिस्ट के पद पर काम किया और उसके बाद 1997 में नेट ग्रेविटी नामक कंपनी से जुड़ गए। नवंबर 1997 में डबल क्लिक ने नेट ग्रेविटी का अधिग्रहण कर लिया। यहां नील निदेशक बनाए गए और उन्होंने ग्राहक सेवा से जुड़े मामलों को देखा।

नील की प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता और काम करने की ललक ने उनके लिए कुछ ही वर्ष में वरिष्ठ पदों तक पहुंचने के रास्ते बनाए। 2003 में वह स्टैनफ़र्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई करने चले गए और 2005 में दोबारा कंपनी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाए गए। दो बरस बाद गूगल ने 30 अरब डॉलर की भारी भरकम रकम चुकाकर डबल क्लिक को खरीद लिया और इस तरह नील गूगल का हिस्सा बन गए।

गूगल में काम करते हुए नील मोहन ने सफलता की नयी इबारत लिखी और अब यूट्यूब का सीईओ बनकर उसमें मील का एक और पत्थर जोड़ दिया।

यूट्यूब में दूसरे शीर्षस्थ अधिकारी नील मोहन के इस शीर्ष पद पर पहुंचने की वजह रहीं यूट्यूब की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुज़ैन वोजित्स्की, जिन्होंने नौ साल तक इस पद को संभालने के बाद अपने, परिवार, स्वास्थ्य और निजी जीवन पर ध्यान देने की बात कहकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया और नील मोहन पर भरोसा जताया कि वह इस पद को बखूबी संभाल सकते हैं। सुज़ैन ने नील को अपनी बेहतरीन लीडरशिप टीम का सबसे होनहार सदस्य बताकर यह पद उन्हें सौंपने की सिफारिश की।

पारिवारिक जीवन की बात करें तो नील मोहन के परिवार में माता-पिता के अलावा दो छोटे भाई कपिल मोहन और अनुज मोहन हैं। नील की पत्नी का नाम हेमा सरीन मोहन है और वह समाज सेवा के कार्य से जुड़ी हैं।

First Published - February 19, 2023 | 12:46 PM IST

संबंधित पोस्ट